Electricity Usage India: इंडक्शन चूल्हे के इस्तेमाल से देश में बढ़ी बिजली की डिमांड, जानें 1 घंटे में फूंक देता है कितने यूनिट?
Electricity Usage India: भारत में इंडक्शन चूल्हे के इस्तेमाल की वजह से पावर ग्रिड पर काफी ज्यादा असर पड़ रहा है. आइए जानते हैं 1 घंटे में यह कितनी बिजली फूंक देता है.

- इंडक्शन कुकटॉप से बिजली खपत बढ़ेगी, ग्रिड पर पड़ेगा बोझ।
- पीक टाइम में इस्तेमाल से मांग बढ़ेगी, इंफ्रास्ट्रक्चर पर दबाव।
- एक घंटा चलाने पर 1-2 यूनिट बिजली की खपत होती है।
- बढ़ती मांग से इंडक्शन कुकटॉप की कीमतों में बढ़ोतरी हुई।
Electricity Usage India: भारतीय घरों में इंडक्शन कुकटॉप्स को तेजी से अपनाए जाने से देश के बिजली खपत के पैटर्न में बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं. ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी के मुताबिक इलेक्ट्रिक कुकिंग की ओर इस बदलाव से पावर ग्रिड पर 13 से 27 गीगावॉट का भारी अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है. यह बढ़ोतरी खास तौर पर चिंताजनक है. ऐसा इसलिए क्योंकि यह बिजली की सबसे ज्यादा मांग वाले समय, सुबह और शाम के साथ मेल खाती है. आइए जानते हैं कि 1 घंटे में एक इंडक्शन चूल्हा कितनी बिजली फूंक देता है.
पीक टाइम इस्तेमाल क्यों चिंता का विषय?
इंडक्शन कुकटॉप के साथ सबसे बड़ी चुनौती यह नहीं है कि वह कितनी बिजली खाते हैं. सबसे बड़ी परेशानी यह है कि वह किस समय बिजली खाते हैं. ज्यादातर घर नाश्ते और रात के खाने के समय इनका इस्तेमाल करते हैं. यह समय पहले से ही सबसे ज्यादा बिजली की मांग वाला समय होता है. अगर भारत में इंडक्शन कुकटॉप की संख्या 30 से 40 मिलियन तक पहुंच जाती है तो अकेले इन घंटे के दौरान अतिरिक्त मांग 27 गीगावॉट तक पहुंच सकती है. इससे पावर ग्रिड पर भारी दबाव पड़ेगा.
स्थानीय बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर पर दबाव
यह बढ़ती मांग ना सिर्फ राष्ट्रीय बिजली उत्पादन को प्रभावित करेगी बल्कि स्थानीय इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी दबाव डालेगी. रिहायशी इलाकों में बिजली बांटने वाले ट्रांसफार्मर और सबस्टेशन पर ओवरलोड होने की संभावना है. इससे वोल्टेज में उतार-चढ़ाव, कम कार्य क्षमता और यहां तक कि स्थानीय स्तर पर बिजली गुल होने की संभावना हो सकती है.
एक इंडक्शन कुकटॉप कितनी बिजली खाता है?
बिजली की खपत इस बात पर निर्भर करती है कि उपकरण का इस्तेमाल कैसे किया जाता है. 2000 वॉट का इंडक्शन कुकटॉप अगर लगातार 1 घंटे तक इस्तेमाल किया जाए तो लगभग दो यूनिट बिजली खाता है. 1000 से 1200 वॉट की मध्य सेटिंग पर खपत घटकर लगभग एक से 1.2 यूनिट प्रति घंटा हो जाती है. रोजाना खाना पकाने के लिए ज्यादातर घर कुकटॉप का इस्तेमाल 15 से 30 मिनट तक करते हैं. इसमें आमतौर पर 0.5 से 1 यूनिट बिजली खर्च हो जाती है.
मांग में बढ़ोतरी और बाजार पर असर
हाल के महीना में इंडक्शन कुकटॉप की लोकप्रियता में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है. ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स ने मांग में 30 गुना तक की बढ़ोतरी की जानकारी दी है. मांग में आई इस अचानक तेजी की वजह से बाजार में किफायती मॉडल की कमी हो गई है. इसी के साथ कीमतों में भी काफी बढ़ोतरी देखने को मिली है.
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Source: IOCL




























