Prisoners of War Laws: ईरान में चल रहे संघर्ष को अब छठा हफ्ता हो चुका है. यह तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. ऐसी उम्मीद थी कि यह जंग जल्द ही शांत हो जाएगी लेकिन अब ऐसे कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अगर  होर्मुज स्ट्रेट को तय समय सीमा के अंदर नहीं खोला गया तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी. ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ती इस जंग के बीच एक बड़ा सवाल उठ रहा है. क्या है युद्धबंदी कानून? आइए जानते हैं क्या है इस सवाल का जवाब.

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युद्ध बंदी कानून का कानूनी ढांचा 

युद्धबंदियों के साथ किए जाने वाले बर्ताव को जिनेवा कन्वेंशन की तीसरी संधि के तहत कंट्रोल किया जाता है. ये नियम अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून की रीढ़ हैं और इन्हें पूरी दुनिया में मान्यता प्राप्त है.

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मानवीय बर्ताव जरूरी 

इन कानूनों के तहत युद्धबंदियों के साथ हर समय मानवीय बर्ताव किया जाना चाहिए. उनके साथ हिंसा, यातना, डराना-धमकाना या अपमान करना सख्त मना है. यहां तक कि उन्हें लोगों की जिज्ञासा का विषय बनाना या फिर प्रचार-प्रसार के लिए इस्तेमाल करना भी पूरी तरह से बैन है.

पूछताछ की सीमा 

पकड़े गए सैनिक को सिर्फ अपनी बुनियादी जानकारी बताने की ही जरूरत होती है. बुनियादी जानकारी में उसका नाम, पद, जन्म तिथि और सर्विस नंबर शामिल है. शारीरिक या फिर मानसिक दबाव डालकर उनसे अतिरिक्त जानकारी निकालने की कोई भी कोशिश अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत गैरकानूनी मानी जाती है. 

बुनियादी जरूरतें पूरी करना

युद्धबंदियों को हिरासत में रखने वाले देश की यह जिम्मेदारी है कि वह उनके लिए रहने की व्यवस्था करे. इसमें भोजन, कपड़े, रहने की जगह और चिकित्सा सुविधा शामिल हैं. साथ ही यह सभी चीजें उन्हें मुफ्त में दी जानी चाहिए. बुनियादी सुविधाओं के मामले में युद्धबंदियों के साथ ठीक वैसा ही बर्ताव किया जाना चाहिए जैसा कि हिरासत में रखने वाले देश के अपने सैनिकों के साथ किया जाता है.

युद्ध क्षेत्र से सुरक्षा 

युद्धबंदियों की सुरक्षा को पक्का करने के लिए उन्हें सक्रिय युद्ध क्षेत्र से दूर रखा जाना चाहिए. युद्धबंदियों को मानव ढाल के तौर पर इस्तेमाल करना या फिर उन्हें किसी खतरनाक इलाके में रखना अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन माना जाता है. इसी के साथ युद्ध समाप्त होने के बाद युद्धबंदियों को बिना किसी देरी के रिहा करके उनके अपने देश वापस भेज दिया जाना चाहिए.

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