LPG PNG Expiry: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और ईंधन की सप्लाई को लेकर चिंताओं के बीच भारत में कई परिवार एलपीजी सिलेंडरों पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं. इसी के साथ पीएनजी कनेक्शन की तरफ भी परिवारों का रुख हुआ है. इसी बीच एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है. क्या एलपीजी सिलेंडर और पीएनजी गैस की असल में कोई एक्सपायरी डेट होती है? आइए जानते हैं क्या है इस सवाल का जवाब.

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क्या एलपीजी सिलेंडर एक्सपायर होते हैं? 

जिसे लोग अक्सर एलपीजी सिलेंडरों पर एक्सपायरी डेट कहते हैं वह असल में टेस्टिंग की एक अनिवार्य समय सीमा होती है. इससे यह पक्का होता है कि सिलेंडर लगातार इस्तेमाल के लिए सुरक्षित है. इस तारीख के बाद सिलेंडर को दोबारा इस्तेमाल करने से पहले उसकी जांच और सर्टिफिकेशन करवाना जरूरी होता है. 

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एलपीजी सिलेंडर पर लिखे कोड को कैसे पढ़ें? 

एलपीजी सिलेंडर के ऊपर रिंग पर आपको A26, B25, या C27 जैसा एक अल्फान्यूमेरिक कोड मिलेगा. यह कोड आपको बताता है कि सिलेंडर की टेस्टिंग कब होनी है. अक्षर साल की तिमाही को दिखाता है और संख्या साल को बताती है. जैसे A जनवरी–मार्च के लिए, B अप्रैल–जून के लिए, C जुलाई–सितंबर के लिए, और D अक्टूबर–दिसंबर के लिए.

क्यों है यह जरूरी? 

सिलेंडर को उसकी टेस्टिंग की तारीख के बाद इस्तेमाल करना जोखिम भरा हो सकता है. समय के साथ दबाव और बाहरी माहौल के संपर्क में आने से सिलेंडर कमजोर हो सकते हैं. 

पीएनजी गैस की एक्सपायरी डेट 

एलपीजी के उलट पीएनजी की सप्लाई पाइपलाइनों के जरिए लगातार होती रहती है. इस वजह से गैस की खुद कोई एक्सपायरी डेट नहीं होती है. जब तक सप्लाई सिस्टम ठीक से काम कर रहा है तब तक गैस इस्तेमाल के लिए सुरक्षित है. 

लेकिन रबर के होज या फिर पाइपलाइन के पुर्जों की एक सीमित समय सीमा होती है. यह आमतौर पर 18 से 24 महीने की होती है. वक्त के साथ इन होज में दरारें या फिर लीक हो सकते हैं. इस वजह से उन्हें नियमित रूप से बदलना जरूरी हो जाता है.

होज की वैधता को कैसे जांचे?

बीआईएस केयर ऐप का इस्तेमाल करके गैस होज के बनने और एक्सपायरी की जानकारी जांच सकते हैं. होज पर छपा सीएमएल नंबर डालकर सुरक्षा से जुड़ी पूरी जानकारी ली जा सकती है. इसमें उसकी वैधता भी शामिल होती है.

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