Strait Of Hormuz: सिर्फ 33 किमी चौड़े स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से कैसे गुजरते हैं शिप, कैसे मैनेज किया जाता है ट्रैफिक?
Strait Of Hormuz: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज सिर्फ 33 किलोमीटर चौड़ा है. लेकिन इसके बावजूद भी यहां से काफी शिप गुजरते हैं. आइए जानते हैं कैसे मैनेज किया जाता है ट्रैफिक.

- तनाव के बीच होर्मुज स्ट्रेट से पहला तेल टैंकर मुंबई पहुंचा।
- स्ट्रेट में जहाजों के टकराव से बचने को ट्रैफिक स्कीम लागू।
- गहरे पानी और आधुनिक तकनीक से नेविगेशन आसान बना।
- अंतर्राष्ट्रीय कानून जहाजों को इस रास्ते से गुजरने की गारंटी देता है।
Strait Of Hormuz: ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव के बीच और होर्मुज स्ट्रेट से समुद्री ट्रैफिक में काफी रुकावट आई है. हाल ही में तनाव बढ़ने के बाद पहला तेल टैंकर इस जरूरी रास्ते से गुजरा और मुंबई पोर्ट पहुंचा. सऊदी अरब से कच्चा तेल ले जा रहे और लाइबेरिया के झंडे तले चल रहे इस जहाज को एक भारतीय नेविगेटर चल रहा था. इसी बीच आइए जानते हैं कि जब होर्मुज स्ट्रेट सिर्फ 33 किलोमीटर चौड़ा है तो इस पतले रास्ते से कैसे गुजरते हैं शिप.
ट्रैफिक सेपरेशन स्कीम
जहाज के भारी फ्लो को मैनेज करने के लिए इंटरनेशनल मैरिटाइम ऑर्गेनाइजेशन ने स्ट्रेट में एक ट्रैफिक सेपरेशन स्कीम को लागू किया है. इस सिस्टम के तहत शिपिंग रूट को दो अलग-अलग लेन में बांटा गया है. एक आने वाले जहाजों के लिए और दूसरा बाहर जाने वाले जहाजों के लिए. हर लेन लगभग दो मील चौड़ी है. इन लेन के बीच दो मील का बफर जोन है. यह उल्टी दिशाओं में जाने वाले जहाजों को टकराने से रोकने के लिए एक सेफ्टी गैप का काम करता है. यह सिस्टम समुद्र में हाइवे लेन की तरह ही काम करता है.
काफी गहरा है होर्मुज स्ट्रेट
अपनी पतली चौड़ाई के बावजूद भी होर्मुज स्ट्रेट इतना गहरा है कि दुनिया के कुछ सबसे बड़े जहाज इसमें आ-जा सकते हैं. मुख्य शिपिंग चैनलों में पानी की गहराई 60 से 100 मीटर के बीच होती है. इससे अल्ट्रा लार्ज क्रूड कैरियर और वेरी लार्ज क्रूड कैरियर सुरक्षित रूप से गुजर सकते हैं. ज्यादातर शिपिंग लेन मुसंदम पेनिनसुला के पास गहरे पानी में चलती हैं. यहां नेविगेशन आसान होता है और समुद्र का तल काफी हद तक रूकावटों से मुक्त होता है.
रडार के जरिए एडवांस्ड मॉनिटरिंग
मॉडर्न मैरिटाइम टेक्नोलॉजी स्ट्रेट से ट्रैफिक को मैनेज करने में बड़ी भूमिका निभाती है. इस इलाके से गुजरने वाले सभी जहाजों को अपना ऑटोमेटिक आईडेंटिफिकेशन सिस्टम एक्टिवेट रखना जरूरी है. ऑटोमेटिक आईडेंटिफिकेशन सिस्टम लगातार जहाज की पहचान, पोजीशन, स्पीड और दिशा भेजता है. इससे मैरिटाइम अथॉरिटी और आसपास के जहाज रियल टाइम में मूवमेंट को ट्रैक कर सकते हैं.
इंटरनेशनल कानून रास्ते की गारंटी देता है
भौगोलिक रूप से होर्मुज स्ट्रेट ईरान और ओमान के टेरिटोरियल पानी में आता है. हालांकि यूनाइटेड नेशंस कन्वेंशन ऑन द लॉ ऑफ द सी के तहत सभी देशों के जहाजों को ऐसे इंटरनेशनल स्ट्रेट से गुजरने का अधिकार है. इसका मतलब है कि कमर्शियल जहाज कानूनी तौर पर बिना किसी रूकावट के इस पानी के रास्ते से गुजर सकते हैं. इससे यह ग्लोबल एनर्जी ट्रेड के लिए एक जरूरी रास्ता बन जाता है.
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Source: IOCL



























