Indian Languages: जब भारत में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषाओं की बात आती है तो हिंदी आमतौर पर सूची में सबसे ऊपर होते हैं. लेकिन दूसरी भाषा कौन सी है? आम धारणा के उलट वह उर्दू नहीं है. 2011 की आधिकारिक जनगणना के आंकड़ों के मुताबिक बंगाली भारत की दूसरी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है. इसके बाद मराठी और तेलुगु का स्थान आता है.
यह आंकड़े भारत की बड़ी भाषाई विविधता को भी दर्शाते हैं. यहां लाखों लोग अलग-अलग क्षेत्र और भाषा परिवारों की भाषाएं बोलते हैं.
हिंदी भारत की सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा
हिंदी पहले स्थान पर आती है और भारत की लगभग 43.63% आबादी इसे अपनी मातृभाषा बताती है. जनगणना में लगभग 528.3 मिलियन मूल वक्ता दर्ज किए गए हैं. जनगणना वर्गीकरण का एक बड़ा पहलू यह है कि हिंदी भाषा श्रेणी के अंतर्गत कई बोलियों और भाषाई रूपों को शामिल किया गया है. इनमें भोजपुरी, राजस्थानी, छत्तीसगढ़ी और हिमाचली जैसी 50 से ज्यादा बोलियां शामिल हैं.
बंगाली दूसरे स्थान पर
बंगाली भारत की दूसरी सबसे बड़ी भाषा है. यह लगभग 8.03% आबादी द्वारा बोली जाती है. इसके वक्ताओं की संख्या लगभग 97.2 मिलियन है. पश्चिम बंगाल इसका मुख्य केंद्र है. लेकिन बंगाली त्रिपुरा, असम की बराक घाटी और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी बड़े पैमाने पर बोली जाती है. बंगाली को भारत सरकार से शास्त्रीय भाषा का दर्जा भी मिला है. इस वजह से जनगणना के आंकड़े बंगाली को मराठी, तेलुगु और उर्दू से आगे रखते हैं.
मराठी तीसरे स्थान पर
मराठी तीसरे स्थान पर आती है. मराठी बोलने वालों की संख्या लगभग 83 मिलियन है. यह भारत की आबादी का लगभग 6.86% है. यह मुख्य रूप से महाराष्ट्र और गोवा में बोली जाती है. जनगणना के आंकड़ों के मुताबिक मराठी तेलुगू से आगे निकलकर भारत की सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा में तीसरे स्थान पर आ चुकी है.
तेलुगु और तमिल का स्थान
तेलुगु चौथे स्थान पर आती है. इसके वक्ताओं की संख्या लगभग 81.1 मिलियन या आबादी का 6.70% है. यह मुख्य रूप से आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और पुडुचेरी में बोली जाती है. इसी के साथ यह द्रविड़ भाषा परिवार से संबंधित है. तमिल भाषा बोलने वालों की संख्या लगभग 6.9 करोड़ है. यह भारत की आबादी का 5.70% है और यह 5वें स्थान पर है.
गुजराती, उर्दू और कन्नड़
गुजराती बोलने वालों की संख्या लगभग 5.54 करोड़ है. यह भारत की आबादी का 4.58% है. इसी के साथ यह छठे स्थान पर आती है. यह मुख्य रूप से गुजरात और दमन-दीव में बोली जाती है.
उर्दू सातवें स्थान पर है. इसे बोलने वालों की संख्या लगभग 5.07 करोड़ है. यह आबादी का 4.19% है. कुछ भाषाओं के उलट जो मुख्य रूप से एक ही राज्य तक सीमित हैं उर्दू भारत के कई हिस्सों में बोली जाती है. इसमें उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, कर्नाटक और तेलंगाना शामिल हैं. इसी के साथ कन्नड़ आठवें स्थान पर है. इसे बोलने वालों की संख्या लगभग 4.37 करोड़ है. यह आबादी का 3.61% है.
ओड़िया और मलयालम टॉप 10 में शामिल
ओड़िया 9वें स्थान पर आती है. इसे बोलने वालों की संख्या लगभग 3.75 करोड़ है. यह भारत की आबादी का 3.10% है. यह ओड़िशा की मुख्य भाषा है. मलयालम टॉप 10 की सूची पूरी करती है. इसे बोलने वालों की संख्या लगभग 3.48 करोड़ है. यह आबादी का 2.88% है.
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भारत की भाषाई विविधता
2011 की जनगणना से भारत की भाषा विविधता का भी पता चलता है. मौजूद आंकड़ों के मुताबिक देश की लगभग 96.71% आबादी संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल 22 अनुसूचित भाषाओं में से कोई एक भाषा बोलती है.
इन आंकड़ों से एक बात साफ होती है कि भले ही हिंदी बोलने वालों की संख्या सबसे ज्यादा है लेकिन दूसरे स्थान पर बंगाली आती है उर्दू नहीं. मराठी, तेलुगु, तमिल और कई दूसरी क्षेत्रीय भाषाओं को बोलने वालों की संख्या भी करोड़ों में है. यह देश की भाषाई विविधता को दर्शाती है.
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