महंगा होगा सोना, लेकिन हमें नहीं पड़ता कोई फर्क! जानें भारतीयों ने UPI से खरीदा कितना डिजिटल गोल्ड?
जुलाई में सोने की ऊंची कीमतों के बावजूद भारतीयों ने UPI से 1,000 करोड़ रुपये का डिजिटल गोल्ड खरीदा. डिजिटल गोल्ड की लोकप्रियता का कारण आसान खरीद और स्टोरेज की सुविधा है.

सोने की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन उससे भारतीयों के सोना खरीदने के शौक पर कोई असर नहीं पड़ा है. जुलाई महीने में लोगों ने यूपीआई के जरिए 1000 करोड़ रुपये से ज्यादा का डिजिटल गोल्ड खरीदा है. इसका मतलब है कि महंगाई के बावजूद सोने में निवेश और खरीदारी जारी है. यूपीआई से सबसे ज्यादा खर्च किराना और सुपरमार्केट पर हुआ. इस कैटेगिरी में 64,882 करोड़ रुपये की खरीदारी हुई. इसके बाद डिजिटल गेमिंग और डिजिटल गोल्ड भी लोगों के खर्च की लिस्ट में शामिल है.
कहां-कहां हुआ ज्यादा खर्च?
आंकड़ों के अनुसार जुलाई में डिजिटल गैमिंग के लिए 10,077 करोड़ रुपये का भुगतान हुआ. वहीं, यूपीआई से 93,857 करोड़ रुपये का कर्ज भी चुकाया गया. बिजली पानी जैसी सेवाओं पर भी लोग औसतन 1345 रुपये प्रति पेमेंट खर्च कर रहे हैं.
डिजिटल गोल्ड क्यों है पसंद?
डिजिटल गोल्ड इसलिए लेागेां की पसंद बन रहा है, क्योंकि इसे खरीदना आसान है और इसमें स्टोरेज की चिंता नहीं होती है. लोग यूपीआई की जगह थोड़ी-थोड़ी रकम में भी सोना खरीद लेते हैं. बाद में चाहे तो उसे फिजिकल गोल्ड में बदल सकते हैं. शादी ब्याह और त्योहारों में सोना खरीदने की परंपरा भी इसकी मांग को बढ़ाती है.
बाकी जगह भी बढ़ा डिजिटल खर्च
जुलाई में ई-कॉमर्स सरकारी सेवाओं टिकट बुकिंग और सैलून और मूवी पर भी डिजिटल पेमेंट से अच्छा खासा खर्चा हुआ है. सैलूप पर ही करीब 7 करोड रुपए खर्च हुए जहां एक ट्रांजैक्शन और औसतन 280 रुपये का था.
बदलता खर्च करने का तरीका
यूपीआई के आंकड़े बताते हैं कि भारतीयों का खर्च करने का तरीका तेजी से डिजिटल हो गया है. चाहे महंगाई हो या सोने की ऊंची कीमत, लोग डिजिटल पेमेंट के जरिए खरीदारी और निवेश करना नहीं छोड़ रहे हैं.
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Source: IOCL























