UCC Bill Gujarat: भारत में रिश्तों और परिवार से जुड़े कानून लंबे समय से अलग-अलग धर्मों के हिसाब से चलते रहे हैं, लेकिन अब कुछ राज्य ऐसे कदम उठा रहे हैं, जहां सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून लागू किया जा रहा है. इसे यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) कहा जाता है. हाल ही में गुजरात सरकार ने ऐसा ही एक बड़ा फैसला लिया है. गुजरात विधानसभा में लंबी बहस के बाद UCC बिल पास हो गया.
गुजरात का UCC कानून भारत में सामाजिक और कानूनी बदलाव की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा हैं. खासकर लिव-इन रिलेशनशिप जैसे आधुनिक रिश्तों को अब कानूनी रूप से नियंत्रित किया जा रहा है. ऐसे में आइए जानते हैं कि देश के किन राज्यों में लिव-इन में रहने पर रजिस्ट्रेशन कराना होता है.
देश के किन राज्यों में लिव-इन में रहने पर रजिस्ट्रेशन कराना होता है
1. उत्तराखंड - उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जहां UCC लागू किया गया. यहां लिव-इन रिलेशनशिप का रजिस्ट्रेशन जरूरी है. यहां कपल को लिव-इन में आने के बाद 30 दिनों के अंदर रजिस्ट्रेशन कराना होता है. अगर कपल की उम्र 18 से 21 साल के बीच हो तो रजिस्ट्रार माता-पिता को जानकारी दे. लिव-इन से पैदा हुए बच्चों को कानूनी अधिकार मिलते हैं. वहीं अगर रजिस्ट्रेशन नहीं कराया, तो कानूनी कार्रवाई हो सकती है.
2. गुजरात - गुजरात ने भी हाल ही में UCC लागू किया है और यहां नियम और भी सख्त माने जा रहे हैं. लिव-इन में रहने वाले जोड़ों को रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है. यहां भी 30 दिन के अंदर रजिस्ट्रेशन जरूरी है. अगर कोई बिना रजिस्ट्रेशन के 1 महीने से ज्यादा साथ रहता है तो 3 महीने तक जेल या 10,000 रुपये तक जुर्माना हो सकता है. वहीं इसमे खास नियम भी है कि अगर पार्टनर की उम्र 21 साल से कम है, तो माता-पिता को सूचना देना जरूरी है. महिला को छोड़ने पर वह मेंटेनेंस मांग सकती है और बच्चों को पूरी तरह वैध और अधिकार प्राप्त माना जाएगा.
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लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर क्यों बन रहे हैं कानून?
सरकार इन नियमों के जरिए कुछ मुख्य समस्याओं को हल करना चाहती है. जैसे कई मामलों में पुरुष रिश्ते से बाहर निकल जाते हैं और महिला को अकेला छोड़ देते हैं. अब कानून उन्हें सुरक्षा देता है. पहले लिव-इन से पैदा बच्चों को लेकर कानूनी अस्पष्टता थी, अब उन्हें भी बराबर अधिकार मिलते हैं. रजिस्ट्रेशन से यह सुनिश्चित होता है कि कोई व्यक्ति अपनी पहचान छुपाकर या शादीशुदा होते हुए धोखा न दे. रिश्ते टूटने पर विवादों को सुलझाना आसान हो जाता है.
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