Tobacco Consumption in India: तंबाकू का सेवन भारत में एक बड़ी स्वास्थ्य समस्या मानी जाती है. कहीं लोग सिगरेट-बीड़ी के जरिए धुएं वाला तंबाकू लेते हैं, तो कहीं गुटखा, खैनी और जर्दा जैसी चीजों के जरिए बिना धुएं वाला तंबाकू खाया जाता है. लेकिन देश के अलग-अलग राज्यों में इसकी आदत एक जैसी नहीं है. कुछ राज्यों में तंबाकू खाने वालों की संख्या बहुत ज्यादा है, तो वहीं कुछ राज्यों ने इस आदत पर काफी हद तक काबू पा लिया है. सरकार के राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण यानी NFHS की रिपोर्ट में इस बारे में साफ आंकड़े सामने आए हैं. आइए जानते हैं इसके बारे में पूरी जानकारी कि किस राज्य में तंबाकू सबसे ज्यादा खाया जाता है और कहां इसकी मांग सबसे कम है.
पूर्वोत्तर के राज्यों में सबसे ज्यादा तंबाकू का सेवन
NFHS-5 की रिपोर्ट के अनुसार, तंबाकू सेवन के मामले में देश के पूर्वोत्तर राज्य सबसे आगे हैं. मिजोरम में तंबाकू खाने वालों की संख्या सबसे ज्यादा है, यहां करीब 72.9 प्रतिशत पुरुष और 61.6 प्रतिशत महिलाएं किसी न किसी रूप में तंबाकू का सेवन करते हैं. इसके बाद त्रिपुरा का नंबर आता है, जहां करीब 56.9 प्रतिशत पुरुष और 50.4 प्रतिशत महिलाएं तंबाकू खाती हैं.
खास बात यह है कि इन दोनों राज्यों में सिर्फ पुरुष ही नहीं, बल्कि महिलाओं में भी तंबाकू खाने की आदत बहुत ज्यादा देखी गई है, जो देश के बाकी हिस्सों की तुलना में काफी अलग है. इसके अलावा मणिपुर, नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश जैसे राज्यों में भी तंबाकू सेवन की दर काफी ऊंची पाई गई है. जानकारों का मानना है कि इन इलाकों में परंपरा और सामाजिक स्वीकृति की वजह से भी तंबाकू खाने की आदत ज्यादा फैली हुई है.
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पंजाब में सबसे कम है तंबाकू की डिमांड
वहीं दूसरी तरफ अगर बात करें कि किस राज्य में तंबाकू सबसे कम खाया जाता है, तो इसमें पंजाब का नाम सबसे ऊपर आता है. हाल ही में आई राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-6 यानी NFHS-6 की रिपोर्ट के मुताबिक, पंजाब में तंबाकू सेवन की दर देश में सबसे कम पाई गई है.
रिपोर्ट के अनुसार पंजाब में 15 साल और उससे ज्यादा उम्र के पुरुषों में तंबाकू सेवन की दर सिर्फ 13.9 प्रतिशत है, जबकि देश का औसत आंकड़ा इससे कहीं ज्यादा है. वहीं महिलाओं में यह आंकड़ा और भी कम, सिर्फ 0.5 प्रतिशत के आसपास है. पंजाब सरकार का कहना है कि सख्त तंबाकू विरोधी नियमों, कड़ी कार्रवाई और लोगों की जागरूकता की वजह से राज्य में यह बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है.
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