जरा सोचिए, अगर आप किसी ऐसे पर्वत की चोटी पर खड़े हों जहां सूरज की किरणें लगभग सीधी पड़ें, हवा में चमक की चुभन महसूस हो और आंखें बिना चश्मे के खोलना मुश्किल हो जाए, तो आप धरती के उस बिंदु पर हैं जो सूरज के सबसे करीब है. यह जगह किसी सपने जैसी लगती है, लेकिन हकीकत में मौजूद है और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित भी. यहां कदम रखते ही लगता है जैसे आसमान बस कुछ मीटर दूर है और सूरज की तपिश सीधे त्वचा में उतर रही हो.

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कौन सी जगह है धरती पर सूरज के सबसे करीब

धरती पर जीवन के लिए सूरज सबसे बड़ी ऊर्जा का स्रोत है. उसकी रोशनी और गर्मी ही इंसान, पशु, पेड़-पौधों और पूरे पर्यावरण को संतुलित रखती है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि धरती पर कौन सी जगह सूरज के सबसे करीब है? आमतौर पर लोग समझते हैं कि माउंट एवरेस्ट ही वह स्थान होगा क्योंकि यह समुद्र तल से सबसे ऊंचा पर्वत है. लेकिन सच्चाई कुछ और है, धरती पर सूरज के सबसे करीब स्थित है इक्वाडोर का चिंबोराजो पर्वत.

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यह पर्वत दक्षिण अमेरिका की एंडीज पर्वतमाला का हिस्सा है और एक सक्रिय ज्वालामुखी भी है. दिलचस्प बात यह है कि भले ही माउंट एवरेस्ट समुद्र तल से ऊंचा है, लेकिन पृथ्वी की आकृति यानी भूमध्यीय उभार  के कारण चिंबोराजो पृथ्वी के केंद्र से सबसे दूर बिंदु है. यही वजह है कि यह सूर्य के सबसे नजदीक माना जाता है.

कितनी है इसकी ऊंचाई

चिंबोराजो पर्वत समुद्र तल से लगभग 6,263 मीटर (20,549 फीट) ऊंचा है, लेकिन पृथ्वी के केंद्र से इसकी दूरी लगभग 6,384 किलोमीटर है, जो एवरेस्ट से लगभग 2 किलोमीटर ज्यादा है. इसका मतलब यह हुआ कि जब कोई व्यक्ति चिंबोराजो की चोटी पर खड़ा होता है, तो वह धरती के किसी भी और इंसान की तुलना में सूरज के सबसे करीब होता है.

आंखें खुली रखना है नामुमकिन

यह जगह देखने में जितनी खूबसूरत है, उतनी ही चुनौतीपूर्ण भी है. यहां हवा बेहद पतली होती है, जिससे सांस लेना मुश्किल हो जाता है. सूरज की सीधी किरणें इतनी तेज होती हैं कि बिना सनग्लासेस के आंखें खुली रखना नामुमकिन हो जाता है. यहां आने वाले पर्यटक विशेष सनगियर और सुरक्षा उपकरणों के साथ ही ट्रेकिंग करते हैं.

फोटो खिंचाते हैं पर्यटक

इक्वाडोर में यह पर्वत न सिर्फ वैज्ञानिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह एक बड़ा पर्यटन स्थल भी है. यहां के पास ही स्थित है मिताद डेल मुंडो, जिसका अर्थ है दुनिया का मध्य. यह वह स्थान है जहां से भूमध्य रेखा (Equator) गुजरती है. यहां एक प्रसिद्ध स्मारक और पीली रेखा है, जिसके एक तरफ उत्तरी और दूसरी तरफ दक्षिणी गोलार्ध है. पर्यटक यहां दोनों गोलार्धों में एक साथ एक-एक पैर रखकर फोटो खिंचवाते हैं,मानो एक ही वक्त में दो दुनिया में खड़े हों.

सूरज का सबसे नजदीक बिंदु

वैज्ञानिकों के अनुसार, चिंबोराजो का स्थान पृथ्वी के झुकाव और भूमध्यीय उभार के कारण सूरज से लगभग 6,371 किलोमीटर की औसत दूरी पर आता है, जबकि एवरेस्ट से यह दूरी कुछ मीटर ज्यादा है. यही सूक्ष्म अंतर इसे धरती का सूरज के सबसे नजदीक बिंदु बनाता है. यह जगह न केवल भूगोल के लिहाज से खास है, बल्कि यह इंसान की खोज और जिज्ञासा का प्रतीक भी है, क्योंकि यही वो स्थान है जहां से पता चलता है कि प्रकृति के रहस्य कभी सतह पर नहीं, बल्कि ऊंचाइयों में छिपे होते हैं.

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