घर में कोई पार्टी हो या फिर आप शराब पीने के शौकीन हों, दोनों स्थिति में कई लोग घर में बड़ी मात्रा में शराब रख लेते हैं, लेकिन आपको बता दें कि यदि आपको कानून की जानकारी नहीं है तो आपकी ये आदत आपको मंहगी भी पड़ सकती है. दरअसल कानून के मुताबिक घर में एक निश्चित मात्रा में ही शराब रखने की परमिशन होती है, जिसके लिए हर राज्य में अलग-अलग नियम हैं. ऐसे में चलिए जानते हैं कि घर में कितनी शराब रखना सही होता है.

हरराज्यमेंघरमेंशराबरखनेकेलिएहैंअलग-अलगनियम

दिल्ली- दिल्ली निवासी लोग अपने घर में 18 लीटर तक शराब रख सकते हैं. जिसमें बीयर और वाइन दोनों शामिल होती हैं. वहीं यहां के लोगों को 9 लीटर से अधिक रम, व्हिस्की, वोदका या जिन रखने की परमिशन होती है. यदि किसी व्यक्ति को दिल्ली से बाहर शराब ले जानी है तो वो महज एक लीटर शराब ही ले जा सकता है.

हरियाणा- हरियाणा में कोई व्यक्ति अपने घर में स्थानीय शराब की 6 बोतलें (प्रत्येक 750 मिली), आईएमएफएल की 18 बोतलें (प्रत्येक 750 मिली), 6 से अधिक आयातित विदेशी शराब, 12 बीयर की बोतलें (650 मिली), 6 रम की बोतलें (750 मिली) रख सकता है. इसके अलावा यहां कोई व्यक्ति 6 वोदका/साइडर/जिन बोतलें (750 मिली), और 12 वाइन बोतलें भी रख सकता है.

पंजाब- पंजाब में कानूनी सीमा के मुताबिक, कोई भी व्यक्ति 1.5 लीटर विदेशी मादक पेय (भारत निर्मित और आयातित दोनों) रख सकता है. इसके अलावा इस राज्य में रहने वाले लोगों को 2 लीटर 6 लीटर बीयर रखने की भी परमिशन है.

उत्तरप्रदेश: उत्तर प्रदेश में रहने वाले लोग कानूनी सीमा के अनुसार, 1.5 लीटर विदेशी मादक पेय (भारत निर्मित और आयातित दोनों) 2 लीटर वाइन 6 लीटर बीयर रख सकता है.

आंध्र प्रदेश- आंध्र प्रदेश के निवासी बिना परमिट के भारतीय निर्मित विदेशी शराब (आईएमएफएल) या विदेशी शराब की तीन बोतलें और बीयर की छह बोतलें तक अपने घर में रख सकते हैं.

अरुणाचल प्रदेश- वैध शराब लाइसेंस के बिना, अरुणाचल प्रदेश में उत्पाद शुल्क अधिनियम के तहत 18 लीटर से अधिक आईएमएफएल या देशी शराब रखना प्रतिबंधित है.

पश्चिमबंगाल: यहां 21 वर्ष से ज्यादा उम्र के व्यक्ति भारतीय निर्मित विदेशी शराब की 6 बोतलें (प्रत्येक 750 मिलीलीटर) खरीद और रख सकते हैं. इसके अतिरिक्त, वो बिना लाइसेंस के 18 बीयर की बोतलें तक स्टोर कर सकते हैं.

असम-  असम में खुदरा बिक्री आईएमएफएल की 12 बोतलें, 4.5 लीटर रेक्टिफाइड या डीनेचर्ड स्पिरिट और प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 3 बोतलें (प्रत्येक 750 मिली) तक शराब रख सकते हैं.

गोवा- यहां के निवासी 12 आईएमएफएल बोतलें, 24 बीयर की बोतलें, 18 देशी शराब की बोतलें और 6 बोतलें रेक्टिफाइड और डिनेचर्ड स्पिरिट की घर में रख सकते हैं.

हिमाचलप्रदेश: यहां कोई व्यक्ति 48 बीयर की बोतलें और 36 व्हिस्की की बोतलें घर में रख सकता है.

केरल- केरल में 3 लीटर आईएमएफएल और 6 लीटर बीयर घर में रखने की अनुमति है.

मध्य प्रदेश- उच्च आय वाले व्यक्ति अपने घरों में 100 "महंगी" शराब की बोतलें रख सकते हैं.

महाराष्ट्र- महाराष्ट्र में शराब पीने के लिए किसी भी व्यक्ति को लाइसेंस जरुरी है. इसके अलावा यहां के लोगों को घरेलू और आयातित दोनों प्रकार के मादक पेय पदार्थों की खरीद, परिवहन और उपभोग के लिए परमिट जरूरी है.

राजस्थान- आईएमएफएल की 12 बोतलें (या नौ लीटर) तक घर में रख सकते हैं.

जम्मूऔरकश्मीर: यहां रहने वाले लोग आईएमएफएल की 12 बोतलें (750 मिलीलीटर जेके देसी व्हिस्की सहित) और 12 बीयर की बोतलें (650 मिलीलीटर प्रत्येक) तक अपने घरों में रख सकते हैं.

शुष्कराज्य: मिजोरम, गुजरात, बिहार, नागालैंड और लक्षद्वीप शुष्क राज्य हैं. इन प्रदेशों में शराब पूरी तरह से प्रतिबंधित है. यदि यहां कोई कानून का उल्लंघन करता है तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं.

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