Tea Traditions: चाय दुनिया में सबसे ज्यादा पिए जाने वाली ड्रिंक्स में से एक है. लेकिन इसे बनाने, परोसने और पीने का तरीका हर देश में काफी अलग होता है. कई देशों में चाय पीने का रिवाज काफी ज्यादा अनोखा है. कुछ रीति रिवाज तो बाहर वालों को काफी अजीब लग सकते हैं लेकिन उनका एक गहरा ऐतिहासिक मतलब है. 

Continues below advertisement

चीन में चाय पीने का अनोखा रिवाज 

चीन में खासकर गुआंगडोंग जैसे दक्षिणी इलाकों में जब कोई आपके लिए चाय डालता है तो टेबल पर दो या तीन उंगलियां से टैप करना आम बात है. इसका मतलब होता है कि आप धन्यवाद कह रहे हैं. यह परंपरा किंग राजवंश के समय से चली आ रही है. ऐसा कहा जाता है सम्राट कियानलॉन्ग ने एक बार आम आदमी का वेश बनाया और अपने सेवकों के लिए चाय डाली. क्योंकि खुलेआम झुकने से उनकी पहचान जाहिर हो जाती इस वजह से उन्होंने झुकने की नकल करने के लिए चुपके से अपनी उंगलियों को टैप किया.

Continues below advertisement

जापान में कप घूमाने की परंपरा 

जापान का मशहूर चाय समारोह सख्त नियमों से चलता है. यहां पर एक खास रिवाज है कि चाय पीने से पहले चाय के प्याले को दो बार घुमाया जाता है. यह प्रथा जेन बौद्ध परंपराओं से शुरू हुई और 16वीं सदी में पूरी तरह से विकसित हुई. कप को घुमाने से यह पक्का होता है कि मेहमान सामने से चाय ना पिए, जिसे सबसे सजावटी और सम्मानजनक तरफ माना जाता है. यह चाय के प्याले की कारीगरी की तारीफ करने को दिखाता है.

मोरक्को में ऊंचाई से चाय डालना 

मोरक्को में मगरेबी पुदीने की चाय मेहमान नवाजी और दोस्ती का प्रतीक है. चाय की सतह पर झाग बनने के लिए काफी ऊंचाई से डाला जाता है. इससे माना जाता है कि स्वाद और खुशबू बेहतर होती है. इसी के साथ मेहमानों को चाय के तीन गिलास परोसे जाते हैं. तीनों में से किसी को भी मना करना असभ्य माना जाता है.

रूस में तश्तरी से चाय पीना 

पारंपरिक रूसी संस्कृति में चाय समोवर में बनाई जाती है. यह एक गर्भ धातु का बर्तन होता है. ऐतिहासिक रूप से कप के बजाय गर्म चाय को तश्तरी में डालकर पीना आम बात थी. ऐसा 18वीं और 19वीं सदी में होता था जब चाय काफी गर्म परोसी जाती थी और कप में हैंडल नहीं होते थे.

ये भी पढ़ें: दुनिया के पांच शहर जहां कभी रहती थी आबादी, लेकिन अब पानी में समा चुके हैं ये इलाके