Saudi Arabia Water Crisis: अपने बड़े तेल और प्राकृतिक गैस भंडारों की वजह से दुनिया के सबसे धनी देशों में से एक सऊदी अरब एक गंभीर चुनौती का सामना कर रहा है. यह चुनौती है पानी की कमी. दरअसल इस देश का अधिकांश हिस्सा रेगिस्तान से ढका हुआ है. इस वजह से इसकी जलवायु काफी कठोर हो जाती है. यहां पर गर्मियों के दौरान काफी ज्यादा गर्मी और सर्दियों के दौरान कड़ाके की ठंड पड़ती है. अब जब यहां पर नदियां, झील जैसा कुछ भी नहीं है तो यहां लोग अपनी पानी की प्यास कैसे बुझाते हैं. आइए जानते हैं.

Continues below advertisement

सऊदी अरब की कृषि चुनौतियां 

सऊदी अरब की केवल एक प्रतिशत भूमि ही कृषि योग्य है. एक बार यहां पर गेहूं की खेती की तैयारी की गई लेकिन यह प्रयोग बुरी तरह से विफल रहा. सिंचाई के लिए भारी मात्रा में पानी का इस्तेमाल किया गया जिससे मिट्टी में नमक जमा हो गया. समय के साथ यह भूमि बंजर हो गई और साथ ही टॉक्सिक भी. अधिकारियों द्वारा इस जगह पर सार्वजनिक पहुंच को रोकने के लिए इस जगह की घेराबंदी करनी पड़ी. 

Continues below advertisement

घटता भूजल और कुएं

यहां पर कुओं के जरिए दशकों से भारी दोहन किया जा रहा था. जनसंख्या वृद्धि और बढ़ती मांग की वजह से ये कुएं सूखते चले गए. विशेषज्ञों का कहना है कि अगर वर्तमान खपत जारी रहती है तो सऊदी अरब का शेष पानी अगले 11 सालों में पूरी तरह से खत्म हो जाएगा. सऊदी अरब में बारिश भी साल में सिर्फ एक या दो बार ही होती है. 

कैसे हो रही पानी की पूर्ति?

प्राकृतिक मीठे पानी के स्रोतों की कमी का सामना करते हुए सऊदी अरब ने अब डिसेलीनेशन की तरफ अपना रुख कर लिया है. इसे विलवणीकरण भी कहते हैं. इसके जरिए समुद्री जल से नमक निकाला जाता है और फिर उसे घरेलू या फिर औद्योगिक उपयोग के लिए तैयार कर लिया जाता है. इस तकनीक के माध्यम से देश 50 से भी ज्यादा सालों से इन सुविधाओं पर निर्भर है. हालांकि यह तकनीक काफी ज्यादा प्रभावी तो है लेकिन इसकी लागत काफी ज्यादा है. 

पानी पर सब्सिडी 

सऊदी अरब में नागरिकों के लिए जल सुलभ और किफायती बनाए रखने के लिए भारी निवेश किया जाता है. विश्व बैंक की रिपोर्ट के मुताबिक देश अपनी जीडीपी का लगभग दो प्रतिशत जल सब्सिडी पर खर्च करता है. यह सब्सिडी दुनिया में सबसे ज्यादा है. 

आपको बता दें कि यहां पर बारिश लगभग न के बराबर होती है. सीमित कृषि योग्य भूमि और घटते भूजल की वजह से सऊदी अरब भोजन के लिए भी आयात पर काफी ज्यादा निर्भर है. फल, सब्जियां, अनाज जैसी चीजें विदेशों से आते हैं.

ये भी पढ़ें: इन देशों के पास है सबसे ज्यादा चांदी, जानें टॉप 5 की लिस्ट