Agniveer Retirement: अग्निपथ योजना के तहत भर्ती हुए अग्निवीरों का पहला बैच इस साल के अंत तक अपना कार्यकाल पूरा कर लेगा. 2022 में शुरू की गई अग्निपथ योजना ने भारतीय सेना, भारतीय नौसेना और भारतीय वायु सेना में सैनिकों की भर्ती के तरीकों में एक बड़ा बदलाव किया. जैसे ही यह युवा सैनिक वर्दी छोड़ने की तैयारी कर रहे हैं एक बड़ा सवाल लोगों के बीच चर्चा का विषय बन चुका है. यह सवाल है कि क्या रिटायर होने वाले अग्निवीरों को पेंशन मिलेगी या नहीं. आइए जानते हैं.
मौजूदा नियम के तहत कोई लाइफटाइम पेंशन नहीं
अग्निपथ योजना के मौजूदा प्रावधानों के मुताबिक अग्निवीरों को 4 साल की सेवा पूरी करने के बाद पारंपरिक पेंशन या फिर ग्रेच्युटी नहीं मिलेगी. पेंशन का फायदा सिर्फ उन्हीं को मिलता है जो सशस्त्र बलों के रेगुलर कैडर में शामिल होते हैं. इसका मतलब है कि 75% अग्निवीर जिन्हें स्थायी रूप से नहीं रखा जाता वे बिना लाइफटाइम पेंशन के बाहर निकल जाएंगे.
सेवा निधि पैकेज
पेंशन के बजाय रिटायर होने वाले अग्निवीरों को लगभग 11.71 लाख रुपये का एक बार का सेवा निधि पैकेज दिया जाएगा. यह रकम अग्निवीरों के मासिक योगदान और सरकार के बराबर योगदान, साथ ही ब्याज से जमा होती है. खास बात यह है कि यह पूरी रकम इनकम टैक्स से मुक्त है.
रेगुलर सशस्त्र बलों में शामिल होने का मौका
सभी अग्निवीर 4 साल बाद रिटायर नहीं होंगे. परफॉर्मेंस, अनुशासन और मेडिकल फिटनेस के आधार पर हर बैच के 25% लोगों को सशस्त्र बलों के रेगुलर कैडर में शामिल किया जाएगा. चुने गए लोग फिर पारंपरिक सैनिकों की तरह ही सेना की स्टैंडर्ड सेवा शर्तों का पालन करेंगे. इसमें पेंशन और बाकी लंबे समय के फायदों के लिए पात्रता शामिल है.
सीएपीएफ और राज्य पुलिस वालों में आरक्षण
4 साल बाद बाहर निकलने वाले 75% लोगों के लिए सरकार ने सेवा के बाद के कई मौके देने की घोषणा की है. गृह मंत्रालय ने सीआरपीएफ, बीएसएफ, सीआईएसएफ और असम राइफल जैसे केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में अग्नि वीरों के लिए 50% तक वैकेंसी आरक्षित की है. इतना ही नहीं बल्कि इसके अलावा उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों ने पुलिस भर्ती में अग्निवीरों के लिए आरक्षण की घोषणा की है.
रिटायरमेंट पर अग्निवीरों को एक ऑफिशियल अग्निवीर स्किल सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा. इसमें सर्विस के दौरान हासिल की गई टेक्निकल, ऑपरेशनल और लीडरशिप स्किल का डॉक्यूमेंटेशन होगा. सरकार इंडस्ट्री बॉडीज के साथ मिलकर यह पक्का कर रही है कि इन सर्टिफिकेट को प्राइवेट सेक्टर में मान्यता दी जाए.
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