Most Expensive Fish Eggs: दुनिया में सबसे महंगे मछली के अंडे कैवियार हैं. इन्हें अक्सर ब्लैक गोल्ड कहा जाता है. सबसे दुर्लभ किस्म, अल्मास कैवियार की कीमत 25 लाख से 30 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के बीच हो सकती है. यह शानदार अंडे ईरान के कैस्पियन सागर क्षेत्र में पाई जाने वाली दुर्लभ एल्बिनो बेलुगा स्टर्जन से मिलते हैं. काफी कम प्रोडक्शन, लंबे समय तक पकने और दुनिया भर में ज्यादा डिमांड की वजह से यह दुनिया के सबसे महंगे खाने की चीजों में से एक बन चुका है.

Continues below advertisement

यह इतना खास क्यों है?

कैवियार का मतलब होता है स्टर्जन परिवार की मछलियों से लिए मछली के अंडे, जिन्हें नमक में पकाया गया होता है. इनमें से सबसे कीमती दुर्लभ बेलुगा स्टर्जन से आता है. सबसे महंगा प्रकार अल्मास एक एल्बिनो बेलुगा स्टर्जन से लिया जाता है. अब क्योंकि यह प्रजाति खतरे में है इस वजह से इसकी मौजूदगी काफी कम है. इस वजह से यह काफी महंगा है. 

Continues below advertisement

मछली को अंडे देने में 10 दशकों लग जाते हैं 

इसकी ज्यादा कीमत का सबसे बड़ा कारण वक्त है.  दरअसल एक मादा मछली को स्पॉनिंग मैच्योरिटी तक पहुंचने में 20 से 100 साल तक लगा सकते हैं. इतने लंबे समय तक मछली को मेंटेन करने और पालने में देखभाल, सुरक्षा और कंट्रोल ब्रीडिंग में भारी इन्वेस्टमेंट करना पड़ता है.  जितना ज्यादा इंतजार होगा प्रोडक्शन कॉस्ट उतनी ही ज्यादा होगी. 

हार्वेस्टिंग एक मैन्युअल प्रक्रिया है 

बड़े पैमाने पर बनाए जाने वाले कई फूड प्रोडक्ट्स के उलट, अल्मास कैवियार पूरी तरह से हाथ से तैयार किया जाता है. अंडों को पारंपरिक तरीकों से सावधानी से निकाला जाता है, साफ किया जाता है, नमक लगाया जाता है और पैक किया जाता है. यह काफी मेहनत वाला काम है और इसी वजह से इसकी कुल कीमत में बढ़ोतरी होती है. 

इसी के साथ आपको बता दें कि यह हर साल सिर्फ कुछ किलोग्राम में ही बनता है. इस बीच दुनिया भर के लग्जरी रेस्टोरेंट और एलिट खरीदार इसकी मांग करते रहते हैं. सप्लाई और डिमांड के बीच असंतुलन इंटरनेशनल मार्केट में कीमतों को और भी ज्यादा बढ़ा देता है. 

गोल्ड पैकेजिंग में बेचा जाता है 

एक्सक्लूसिविटी को बनाए रखने के लिए सबसे महंगा कैवियार अक्सर 24 कैरेट गोल्ड प्लेटेड कंटेनर में बेचा जाता है. पैकेजिंग खुद लग्जरी दिखती है. यह प्रोडक्ट की रॉयल इमेज और प्रीमियम ब्रांडिंग को बढ़ाती है.

ये भी पढ़ें:  नींबू चाटते ही आखिर कैसे उतर जाता है नशा, जानें क्या है इसके पीछे का विज्ञान