Tamil Nadu Thalapathy Vijay CM Oath: तमिलनाडु की सियासत में आज एक ऐसा ऐतिहासिक बदलाव हुआ है जिसने पिछले 60 सालों की रवायत को बदल कर रख दिया. सिनेमाई पर्दे के कमांडर जोसेफ विजय ने अब राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में असल सत्ता की कमान संभाल ली है. रविवार को एक भव्य समारोह में उन्होंने पद और गोपनीयता की शपथ ली. द्रविड़ राजनीति के दो स्तंभों, डीएमके और एआईएडीएमके के वर्चस्व को चुनौती देते हुए विजय की पार्टी 'तमिलगा वेत्री कड़गम' (TVK) ने बहुमत हासिल कर राज्य में अपनी सरकार बनाई है. आइए जानें कि थलपति का मतलब आखिर क्या होता है.
सत्ता के सिंहासन पर थलपति का राज
तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने रविवार को सी. जोसेफ विजय को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई. विधानसभा की 234 सीटों में से 120 नवनिर्वाचित विधायकों का समर्थन पत्र सौंपने के बाद शनिवार को ही उन्हें सरकार बनाने का न्योता मिल गया था. यह जीत इसलिए भी बड़ी है क्योंकि दशकों से तमिलनाडु की जनता बारी-बारी से दो ही दलों को चुनती आई थी, लेकिन विजय ने इस चक्र को तोड़ते हुए अपनी नई राजनीतिक पारी की दमदार शुरुआत की है.
विजय से थलपति बनने का दिलचस्प सफर
दुनिया जिन्हें विजय के नाम से जानती है, उनका पूरा नाम जोसेफ विजय चंद्रशेखर है. 51 साल की उम्र में वे तमिल सिनेमा (कॉलीवुड) के उस मुकाम पर हैं जहां उनकी तुलना रजनीकांत और कमल हासन जैसे दिग्गजों से होती है. करोड़ों प्रशंसकों के लिए वे महज एक अभिनेता नहीं बल्कि उनके 'थलपति' हैं. विजय की गिनती आज भारत के सबसे महंगे और प्रभावशाली अभिनेताओं में होती है और अब वे उसी प्रभाव को राजनीति में मुख्यमंत्री के तौर पर इस्तेमाल करने को तैयार हैं.
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क्या होता है थलपति शब्द का असली अर्थ?
तमिल भाषा में 'थलपति' शब्द का गहरा अर्थ है, जिसका मतलब होता है 'कमांडर' या 'लीडर' (नायक). यह शब्द उन्हें रजनीकांत के लिए इस्तेमाल होने वाले शब्द 'थलाइवा' (बॉस) से अलग पहचान देता है. सिनेमाई स्क्रीन पर विजय की दमदार मौजूदगी और आम लोगों के बीच उनकी गजब की लीडरशिप क्वालिटी को देखते हुए उनके समर्थकों ने उन्हें इस उपाधि से नवाजा है. अब यह नाम उनके व्यक्तित्व का पर्याय बन चुका है.
पिता ने रखा था युवा कमांडर का आधार
विजय के 'थलपति' बनने की कहानी साल 1994 से शुरू होती है. उनके पिता और प्रसिद्ध फिल्म निर्माता एस.ए. चंद्रशेखर ने उन्हें पहली बार 'इलाया थलपति' यानी 'युवा कमांडर' के तौर पर पेश किया था. शुरुआती तीन दशकों तक उनके करियर में 'इलाया' शब्द उनके युवा होने का प्रतीक बना रहा. प्रशंसक उन्हें इसी नाम से पुकारते थे और देखते ही देखते यह तमिल सिनेमा का एक बड़ा ब्रांड बन गया.
एटली कुमार और 'थलपति' का नया अवतार
साल 2017 विजय के करियर और पहचान के लिए टर्निंग पॉइंट साबित हुआ. फिल्म 'मर्सल' के निर्माण के दौरान इसके निर्देशक एटली कुमार ने एक बड़ा फैसला लिया. उस समय विजय की उम्र 43 साल हो चुकी थी और वे एक परिपक्व अभिनेता बन चुके थे. एटली ने तय किया कि अब स्क्रीन पर 'इलाया थलपति' की जगह सिर्फ 'थलपति' लिखा जाएगा. इस बदलाव ने विजय को 'यंग कमांडर' से सीधे एक मैच्योर लीडर के रूप में स्थापित कर दिया.
परिपक्वता की ओर बढ़ता राजनीतिक कदम
विजय ने 'मर्सल' फिल्म के टाइटल कार्ड से जो नई पहचान शुरू की, वह आज उनके मुख्यमंत्री बनने तक के सफर का आधार बनी है. 22 जून 1974 को जन्मे विजय ने समय के साथ अपनी छवि को बदला और जनता की नब्ज को पहचाना. उनके प्रशंसक इस बात से बेहद खुश थे कि उनके नायक ने न केवल पर्दे पर बल्कि असल जिंदगी में भी नेतृत्व करने का फैसला किया है. अब उनके सामने तमिलनाडु के विकास की बड़ी जिम्मेदारी है.
आम जनता के नायक से राज्य के मुख्यमंत्री तक
जोसेफ विजय का मुख्यमंत्री बनना इस बात का प्रमाण है कि तमिलनाडु में लोग अब बदलाव चाहते थे. 120 विधायकों का समर्थन उनके प्रति जनता के विश्वास को दर्शाता है. सिनेमाई करियर में रजनीकांत के बाद सबसे ज्यादा फैन फॉलोइंग रखने वाले विजय के लिए यह सफर चुनौतीपूर्ण जरूर होगा, लेकिन 'कमांडर' की उनकी छवि उन्हें मुश्किल फैसलों में मदद करेगी.
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