Delhi Assembly Security: दिल्ली विधानसभा में हाल ही में हुई सुरक्षा में सेंध की घटना ने राजधानी के सबसे संवेदनशील स्थानों में से एक पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता खड़ी कर दी है. दरअसल एक गाड़ी गेट नंबर 2 को तोड़कर अंदर घुस गई और स्पीकर की गाड़ी  पर स्याही फेंकने के बाद वहां से भाग निकली. इस घटना ने एक बड़े सवाल की तरफ लोगों का ध्यान खींचा है. आखिर विधानसभा की सुरक्षा के लिए असल में कौन जिम्मेदार है और वहां कितने सुरक्षाकर्मी तैनात होते हैं? आइए जानते हैं.

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दिल्ली पुलिस के हाथों में सुरक्षा 

विधानसभा की सुरक्षा की मुख्य जिम्मेदारी दिल्ली पुलिस की है. दिल्ली पुलिस की सिक्योरिटी यूनिट इस जिम्मेदारी को संभालती है. इस इकाई का काम राजधानी भर में उच्च जोखिम वाले और हाई प्रोफाइल स्थानों की सुरक्षा करना है.  इन हाई प्रोफाइल स्थानों में सरकारी इमारतें और प्रमुख प्रतिष्ठान शामिल हैं.

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केंद्र सरकार का सीधा नियंत्रण 

भारत के दूसरे हिस्सों में मौजूद राज्य पुलिस बलों के उलट दिल्ली पुलिस गृह मंत्रालय के अधीन काम करती है. इसका मतलब है कि सुरक्षा व्यवस्था, तैनाती और अपग्रेड से जुड़े फैसलों की देखरेख केंद्र स्तर पर की जाती है. इससे राष्ट्रीय स्तर के खतरों से निपटने में कोऑर्डिनेशन सुनिश्चित होता है. 

सुरक्षा सिर्फ एक एजेंसी तक सीमित नहीं 

हालांकि सुरक्षा अभियान की कमान दिल्ली पुलिस के हाथों में होती है लेकिन विधानसभा की सुरक्षा सिर्फ एक एजेंसी का काम नहीं है. चुनाव, विरोध प्रदर्शन या फिर बजट सत्र जैसी हाई रिस्क सिचुएशन के दौरान अर्ध सैनिक बल जैसी अतिरिक्त टुकड़ियों को भी तैनात किया जाता है. 

सुरक्षा कर्मियों की संख्या 

उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली पुलिस की सुरक्षा इकाई में लगभग 6800 से ज्यादा सुरक्षाकर्मी हैं. हालांकि यह संख्या सिर्फ विधानसभा के लिए नहीं है. बल्कि इसमें राष्ट्रपति भवन, संसद और प्रधानमंत्री आवास जैसे कई हाई सिक्योरिटी वाले क्षेत्र भी शामिल हैं.

विधानसभा में तैनाती 

विधानसभा परिसर में स्थायी रूप से तैनात सुरक्षाकर्मियों की कोई भी निश्चित संख्या नहीं होती. स्थिति के मुताबिक तैनाती बदलती रहती है. सामान्य दिनों में एक मानक सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी जाती है. लेकिन सत्र या फिर उच्च सतर्कता की स्थिति में सुरक्षाकर्मियों की संख्या में काफी वृद्धि की जा सकती है. 6 अप्रैल को हुई इस घटना के बाद विधानसभा में सुरक्षा व्यवस्था को और भी मजबूत कर दिया गया है.

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