Chandigarh Mayor Salary: सौरव जोशी के मेयर चुनाव जीतने के साथ ही भारतीय जनता पार्टी ने चंडीगढ़ की राजनीति में एक बार फिर से अपनी पकड़ मजबूत कर ली है. यह चुनाव गुरुवार को निगम सदन के अंदर हुआ और पिछले सालों के उलट इस बार यह चुनाव हाथ उठाकर वोटिंग के जरिए कराया गया. इसी बीच आइए जानते हैं कि आखिर चंडीगढ़ के मेयर को कितनी सैलरी मिलेगी.
चंडीगढ़ मेयर की सैलरी
मंत्रियों या फिर विधायकों की तरह चंडीगढ़ के मेयर को फिक्स्ड सैलेरी नहीं मिलती है. इसके बजाय इस पद के साथ एक मानदेय और कई भत्ते दिए जाते हैं. यह सब मिलकर ही मेयर की महीने की इनकम बनाते हैं. यह स्ट्रक्चर सरकारी सैलरी की तरह काम करने के बजाय ऑफिशियल कामों में मदद करने के लिए बनाया गया है.
चंडीगढ़ मेयर की महीने की इनकम का ब्रेकडाउन
अभी मेयर को हर महीने 15000 का मानदेय दिया जाता है. इसके साथी ऑफिशियल काम और पब्लिक जिम्मेदारियां को मैनेज करने के लिए ₹30000 का कॉन्स्टिट्यूएंसी भत्ता दिया जाता है. यह दोनों रकम मिलकर महीने की ₹45000 की अमाउंट बन जाते हैं. इसके अलावा मेयर को कम्युनिकेशन से जुड़े खर्चों के लिए हर महीने ₹2000 का टेलीफोन भत्ता भी दिया जाता है. आपको बता दें कि अगस्त 2021 में कुल महीने के भत्ते को बढ़ाकर ₹63000 करने का एक प्रस्ताव पेश किया गया था.
मेयर को मिलने वाली सरकारी सुविधाएं
सीधे फाइनेंशियल फायदे के अलावा चंडीगढ़ के मेयर को कई सरकारी सुविधाएं भी दी जाती हैं. इनमें एक ऑफिशियल गाड़ी आमतौर पर एक इनोवा और साथ में ड्राइवर भी दिया जाता है. इसी के साथ फ्यूल का पूरा खर्च म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन उठाता है.
कुछ बाकी ऑफिशियल सुविधाएं
मेयर को चंडीगढ़ में सरकारी रहने की जगह दी जाती है. जिससे वे एडमिनिस्ट्रेटिव काम के करीब रह सकें. म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन बिल्डिंग में एक पूरी तरह से फर्निश्ड ऑफिस भी अलॉट किया जाता है.
ऑफिशियल मीटिंग और मेहमानों से बातचीत को मैनेज करने के लिए मेयर को एक एंटरटेनमेंट भत्ता भी दिया जाता है. यह हाल ही में ₹12000 से बढ़कर ₹15000 हुआ है. इसके अलावा म्युनिसिपल कॉरपोरेशन की मीटिंग और फाइनेंस एंड कांट्रैक्ट्स कमेटी के सेशन में शामिल होने के लिए एक अलग से मीटिंग फीस दी जाती है. मानदेय, भत्ते और सुविधाओं का कॉन्बिनेशन इस पद के एडमिनिस्ट्रेटिव नेचर को दिखता है. इस पद पर मासिक आय से ज्यादा काफी ज्यादा प्रभाव और फैसले लेने की शक्ति मायने रखती है.
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