Ram Mandir Chanda Controversy: अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावा चोरी को लेकर उठे विवाद के बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट ने एक बड़ा और अहम फैसला लिया है. ट्रस्ट ने पहली बार मंदिर के लिए पूर्णकालिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी सीईओ नियुक्त करने का निर्णय लिया है, ताकि राम मंदिर के रोजगार के कामकाज में पारदर्शिता, जवाबदेही और बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सके.

Continues below advertisement

इस नई नियुक्ति को लेकर लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर इस पद के लिए कौन आवेदन कर सकता है और क्या किसी आम व्यक्ति के लिए भी यह दरवाजा खुला है. चलिए तो आज हम आपको बताते हैं कि क्या आम आदमी भी राम मंदिर में सीईओ बन सकता है और इसके लिए कौन-कौन अप्लाई कर सकते हैं. 

चंदा चोरी विवाद के बाद उठाया यह कदम 

Continues below advertisement

6 जुलाई को हुई एक बैठक में राम मंदिर ट्रस्ट ने सीईओ पद के लिए नाम की सिफारिश करने हेतु तीन सदस्य समिति का गठन किया. इस समिति में रिटायर्ड जस्टिस प्रमोद कोहली, रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल विष्णु कांत चतुर्वेदी और पूर्व एनआईटी रायपुर चेयरपर्सन सुरेश हवारे को शामिल किया गया. यह समिति अगले 30 दिनों के अंदर पूरी चयन प्रक्रिया पूरी करने की कोशिश करेगी. बता दें कि इस बैठक में ट्रस्ट ने महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे को भी स्वीकार किया, जिन्होंने दान चोरी के आरोप को लेकर बढ़े विवाद के बाद अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था. यह विवाद मुख्य रूप से इस आरोप से जुड़ा था कि श्रद्धालुओं की ओर से चढ़ाए गए सोने-चांदी और हीरे के गहनों को नकली आभूषणों में बदल दिया गया. साथ ही नकदी की चोरी के भी आरोप लगे. फिलहाल इस पूरे मामले की जांच एसआईटी कर रहा है. 

क्या आम आदमी भी कर सकता है आवेदन? 

इस पद के लिए किसी विशेष पेशे या सेवा से जुड़े लोगों तक आवेदन सीमित नहीं रखा गया है. समिति का कहना है कि अंतिम चयन योग्यता, ईमानदारी कार्य क्षमता और उपयुक्तिता के आधार पर होगा. हालांकि सीईओ पद के लिए कुछ जरूरी पात्रता शर्तें तय की गई है, जिन्हें पूरा करना अनिवार्य है. 

सीईओ बनने के लिए क्या है पात्रता? 

चयन समिति की ओर से तय किए गए मानदंडों के अनुसार उम्मीदवार की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता ग्रेजुएशन होनी चाहिए. प्रशासन या वित्तीय प्रबंधन के क्षेत्र में उसे कम से कम 20 साल का एक्सपीरियंस होना चाहिए. मंदिर प्रबंधन का अनुबंध रखने वाले उम्मीदवार को प्राथमिकता दी जाएगी. उम्मीदवार हिंदू धर्म का अनुयायर होना चाहिए, इसके अलावा भगवान श्री राम के प्रति आस्था और श्रद्धा होना जरूरी माना गया है. वहीं ईमानदारी, सत्यनिष्ठा और जिम्मेदारी निभाने की क्षमता प्रमुख चयन मानदंड होंगे और संगठनात्मक और प्रशासनिक कौशल भी मजबूत होना चाहिए 

किन लोगों के नाम पर हो सकता है विचार?

समिति किसी एक पेशे या शैक्षणिक पृष्ठभूमि तक खुद को सीमित नहीं रखना चाहती है. बेहतरीन प्रशासनिक अनुभव और संगठन क्षमता को देखते हुए पुलिस, सशस्त्र बलों और अर्धसैनिक बलों से रिटायर्ड या वरिष्ठ अधिकारियों के नाम पर भी विचार किया जा सकता है. वहीं राम मंदिर के सीईओ का अंतिम फैसला केवल योग्यता और उपयुक्तता के आधार पर लिया जाएगा. इसके अलावा रिपोर्ट के अनुसार सीईओ पद के लिए 18 जुलाई तक आवेदन स्वीकार किए जाएंगे. आवेदन ईमेल के माध्यम से भेजे जा सकेंगे, इसके लिए अलग से ईमेल आईडी तैयार की जा रही है. आवेदन मिलने के बाद चयन समिति उम्मीदवारों से चर्चा करेगी और  उसके बाद अंतिम चयन किया जाएगा 

ये भी पढ़ें-Police Encounter: कैसे होती है बुलेट फायरिंग के राउंड की गिनती, क्या बदमाशों की गोलियां भी करते हैं शामिल?

सीईओ की नियुक्ति और जिम्मेदारियां 

चयनित सीईओ की नियुक्ति शुरुआती तौर पर 3 साल के लिए की जाएगी. नियुक्त व्यक्ति को अयोध्या में रहकर अपनी जिम्मेदारियां निभानी होगी. चयन प्रक्रिया में सहयोग के लिए समिति एक सचिव भी नियुक्त करेगी. वहीं राम मंदिर के सीईओ पर कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां होगी. उन्हें मंदिर के दैनिक प्रशासन का संचालन, श्रद्धालुओं के लिए बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना, दान और चढ़ावे के वित्तीय प्रबंधन की निगरानी करना और जिला प्रशासन व दूसरी सरकारी एजेंसी के साथ समन्वय स्थापित करना होगा. इसके अलावा लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ के प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और आपदा प्रबंधन, खरीद प्रक्रिया और प्रशासनिक व्यवस्था को भी व्यवस्थित करना उनकी जिम्मेदारी होगी.

ये भी पढ़ें-E20 Petrol Controversy: क्या बिना पूछे आपकी गाड़ी में E20 पेट्रोल नहीं डाल सकती सरकार, क्या इसको लेकर भी है नियम?