संसद भवन से कितना दूर है प्रधानमंत्री आवास, वहां धरना देने के लिए किसकी लगती है परमिशन?
Rahul Gandhi Protests: हाल ही में राहुल गांधी की लीडरशिप में कांग्रेस सांसदों ने प्रधानमंत्री आवास के पास विरोध प्रदर्शन किया. आइए जानते हैं कि वहां प्रदर्शन करने की मंजूरी कौन देता है.

- जंतर-मंतर छोटे प्रदर्शनों, रामलीला मैदान बड़ी रैलियों के लिए हैं।
Protests Near PM House: दिल्ली में चल रहे विरोध प्रदर्शन में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग सबसे ज्यादा अहम बन चुकी है. एक तरफ जहां कॉकरोच जनता पार्टी जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रही है वहीं दूसरी तरफ राहुल गांधी की लीडरशिप में कांग्रेस सांसदों ने भी प्रधानमंत्री आवास के पास विरोध प्रदर्शन किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की. इसी बीच आइए जानते हैं कि संसद भवन से प्रधानमंत्री आवास कितनी दूर है और यहां प्रदर्शन करने के लिए किसकी अनुमति लेनी होती है.
संसद से पीएम आवास की दूरी
संसद भवन और प्रधानमंत्री आवास के बीच सड़क रास्ते से दूरी लगभग 2.9 किलोमीटर है. हालांकि ये दोनों जगह पास-पास हैं लेकिन 7, लोक कल्याण मार्ग के आस-पास सुरक्षा व्यवस्था देश की सबसे कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में से एक है. प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास और दूसरे संवेदनशील सरकारी प्रतिष्ठानों की मौजूदगी की वजह से इस इलाके में आवाजाही पर कड़ी नजर रखी जाती है.
क्या कोई प्रधानमंत्री आवास के पास विरोध प्रदर्शन की अनुमति ले सकता है?
मौजूदा सुरक्षा ढांचे के तहत प्रधानमंत्री आवास पर या फिर उसके आसपास विरोध प्रदर्शन की मंजूरी नहीं है. यह इलाका भारतीय न्यायिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत लागू निषेधाज्ञा के दायरे में आता है. यही वजह है कि इस उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र में आमतौर पर लोगों के जमा होने, प्रदर्शन करने या फिर मार्च निकालने पर रोक होती है.
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कौन देता है विरोध प्रदर्शन की अनुमति?
दिल्ली में किसी भी सार्वजनिक विरोध प्रदर्शन, मार्च या फिर धरने के लिए आयोजकों को दिल्ली पुलिस से लिखित मंजूरी लेनी होती है. प्रस्तावित कार्यक्रम के स्थान के आधार पर संबंधित जिले के पुलिस उपायुक्त या फिर नई दिल्ली जिला पुलिस के कार्यालय में आवेदन जमा किए जाते हैं. पहले से मंजूरी के बिना ऐसी सभा को अनधिकृत माना जा सकता है.
विरोध प्रदर्शन की मंजूरी कहां मिलती है?
क्योंकि संसद भवन, प्रधानमंत्री आवास या फिर राष्ट्रपति भवन के पास प्रदर्शन करने की इजाजत है ही नहीं इस वजह से दिल्ली पुलिस सार्वजनिक विरोध प्रदर्शन के लिए खास जगह तय करती है. आमतौर पर जंतर-मंतर का इस्तेमाल पुलिस की मंजूरी लेने के बाद शांतिपूर्ण धरनों और छोटे-मोटे प्रदर्शन के लिए किया जाता है. बड़ी राजनीतिक रैली और भारी भीड़ वाली सभा के लिए रामलीला मैदान एक तय जगह है. इसके लिए दिल्ली पुलिस और दिल्ली नगर निगम से मंजूरी लेनी पड़ती है.
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