प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पांच देशों की यात्रा केवल द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने का जरिया नहीं है, बल्कि यह बदलती वैश्विक व्यवस्था में भारत की धमक दिखाने का एक बड़ा मंच है. 15 से 20 मई के बीच होने वाला यह दौरा संयुक्त अरब अमीरात से शुरू होकर यूरोप के चार अहम देशों- नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली तक फैलेगा. इस यात्रा के राजनीतिक मायने तो गहरे हैं ही, लेकिन आम भारतीयों के मन में यह उत्सुकता भी रहती है कि विदेशी बाजार में हमारे रुपए की ताकत कितनी है. चलिए, इस हाई-प्रोफाइल दौरे के साथ-साथ यह भी समझते हैं कि इन देशों की मुद्राओं के सामने भारत के 1000 रुपए की कीमत क्या रह जाती है.

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यूएई में 1000 रुपये की कीमत

प्रधानमंत्री मोदी के पांच देशों के सफर का पहला पड़ाव संयुक्त अरब अमीरात (UAE) है. 15 मई को वहां पहुंचकर पीएम मोदी राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात करेंगे. व्यापारिक दृष्टि से देखा जाए तो यूएई भारत का तीसरा सबसे बड़ा साझेदार है और वहां रहने वाले करीब 45 लाख भारतीय इस रिश्ते की सबसे मजबूत कड़ी हैं. इस दौरे पर आर्थिक और रणनीतिक समझौतों पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं. वर्तमान एक्सचेंज रेट के हिसाब से भारत के 1000 रुपए यूएई में जाकर मात्र 38.37 दिरहम रह जाते हैं. 

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नीदरलैंड और यूरो की मजबूत दीवार

यूएई के बाद प्रधानमंत्री का रुख नीदरलैंड की तरफ होगा. नीदरलैंड की आधिकारिक मुद्रा यूरो (EUR) है, जिसे यूरोपीय सेंट्रल बैंक द्वारा नियंत्रित किया जाता है. साल 2002 में अपनी पुरानी मुद्रा डच गिल्डर को छोड़कर नीदरलैंड ने यूरो अपनाया था. यहां भारतीय रुपए की स्थिति काफी कमजोर महसूस होती है क्योंकि भारत के 1000 रुपए की वैल्यू वहां केवल 8.96 यूरो के बराबर है. यह अंतर दोनों देशों की क्रय शक्ति और वैश्विक बाजार में मुद्रा की स्थिति को साफ दर्शाता है.

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स्वीडन का स्वीडिश क्रोना

यूरोपीय संघ का हिस्सा होने के बावजूद स्वीडन ने अपनी एक अलग पहचान और मुद्रा बरकरार रखी है. यहां 'यूरो' नहीं बल्कि 'स्वीडिश क्रोना' (SEK) चलता है. प्रधानमंत्री मोदी जब यहां पहुंचेंगे, तो आर्थिक चर्चाओं के केंद्र में स्वीडन का टेक्नोलॉजी और इनोवेशन सेक्टर होगा. भारत के 1000 रुपए स्वीडन की करेंसी में बदलने पर 98.32 स्वीडिश क्रोना बनते हैं. यह देश अपनी बड़ी कंपनियों और मजबूत एक्सपोर्ट सेक्टर के दम पर एक स्थिर अर्थव्यवस्था बना हुआ है.

नॉर्वे की मजबूत करेंसी का जादू

नॉर्वे का दौरा पीएम मोदी के लिए ऊर्जा और सस्टेनेबिलिटी के लिहाज से अहम है. नॉर्वे यूरोपीय संघ का सदस्य नहीं है और अपनी खुद की मुद्रा 'नॉर्वेजियन क्रोन' (NOK) का उपयोग करता है. यहां भारत के 1000 रुपए की कीमत 97.11 नॉर्वेजियन क्रोन बैठती है. तेल, प्राकृतिक गैस के विशाल भंडार और कम जनसंख्या के कारण नॉर्वे की प्रति व्यक्ति आय बहुत अधिक है, जो उसकी मुद्रा को वैश्विक स्तर पर एक मजबूत आधार प्रदान करती है.

इटली में भारत के 1000 रुपये की कीमत

यात्रा के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री इटली पहुंचेंगे. इटली भी नीदरलैंड की तरह यूरो (EUR) जोन का हिस्सा है. साल 2002 से पहले यहां 'लीरा' चलती थी, लेकिन अब यहां भारत के 1000 रुपए की कीमत वही 8.96 यूरो ही है जो नीदरलैंड में थी. फैशन, ऑटोमोबाइल और टूरिज्म के लिए मशहूर इटली की अर्थव्यवस्था में भारत के लिए निवेश की अपार संभावनाएं हैं. यूरोपीय सेंट्रल बैंक के दिशा-निर्देशों पर चलने वाला इटली अपनी कला और लग्जरी ब्रांड्स के जरिए दुनिया भर से निवेश खींचता है.

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