Longest Serving PM Modi: दुनिया के सियासी इतिहास में जब भी सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री की कुर्सी संभालने वाले नेताओं का जिक्र होता है, तो कई दिलचस्प आंकड़े सामने आते हैं. लोकतंत्र और राजशाही के बीच सत्ता के इस लंबे सफर को देखना बेहद रोमांचक है. मौजूदा वक्त में जब हम भारत के राजनैतिक परिदृश्य को देखते हैं, तो एक नया इतिहास बनता हुआ दिखाई देता है. आज 9 जून को भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक ऐसा कीर्तिमान स्थापित कर दिया है, जिसने आजाद भारत के पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है. पीएम मोदी ने भारत में लंबे वक्त तक लगातार पीएम रहने वाले पंडित जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. इसके साथ ही वैश्विक स्तर पर भी देश की राजनैतिक स्थिरता को लेकर एक नई बहस शुरू हो गई है कि आखिर दुनिया में इस पद पर सबसे ज्यादा समय बिताने वाले नेता कौन हैं और पीएम मोदी अभी उनसे कितने पीछे हैं.

Continues below advertisement

कौन हैं दुनिया में सबसे लंबे वक्त के पीएम?

अगर वैश्विक स्तर पर बात की जाए कि पूरी दुनिया में सबसे लंबे समय तक किस नेता ने प्रधानमंत्री का पद संभाला, तो इसमें बहरीन का नाम सबसे ऊपर आता है. बहरीन के प्रिंस खलीफा बिन सलमान अल खलीफा के नाम दुनिया में सबसे अधिक समय तक प्रधानमंत्री रहने का एक अनोखा और ऐतिहासिक रिकॉर्ड दर्ज है. वह साल 1971 में अपने देश के प्रधानमंत्री बने थे. इसके बाद वह लगातार इस पद पर बने रहे और नवंबर 2020 में अपने जीवन की आखिरी सांस लेने तक देश की कमान संभालते रहे. प्रिंस खलीफा का यह कार्यकाल लगभग 50 साल यानी पूरे 50 वर्ष और 11 महीने का रहा, जो अपने आप में एक मिसाल है.

Continues below advertisement

लोकतंत्र में सिंगापुर का सबसे बड़ा चेहरा

जब हम राजशाही से इतर विशुद्ध रूप से लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकारों की बात करते हैं, तो आधुनिक इतिहास का सबसे बड़ा नाम सिंगापुर से निकलकर आता है. सिंगापुर के पहले प्रधानमंत्री ली कुआन यू लोकतांत्रिक दुनिया में सबसे लंबे समय तक सत्ता के शीर्ष पर रहने वाले नेता माने जाते हैं. वह साल 1959 से लेकर साल 1990 तक लगातार सिंगापुर के प्रधानमंत्री पद पर आसीन रहे. ली कुआन यू ने पूरे 31 साल तक देश के प्रधानमंत्री के रूप में जिम्मेदारी निभाई और सिंगापुर को एक आधुनिक और विकसित देश बनाने में अपनी पूरी जिंदगी लगा दी.

यह भी पढ़ें: Dictators Leadership: इन तानाशाहों ने बदल दी अपने देशों की किस्मत, रईसी में तमाम डेमोक्रेटिक देशों को छोड़ दिया पीछे

भारत में मोदी का नया कीर्तिमान

भारतीय राजनीति के लिहाज से आज का दिन एक बहुत बड़े बदलाव और इतिहास का गवाह बना है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आजाद भारत के इतिहास में एक निर्वाचित प्रधानमंत्री के तौर पर सबसे लंबे समय तक पद पर रहने का पंडित जवाहर लाल नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. पीएम मोदी अब देश के सबसे लंबे कार्यकाल तक निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने वाले नेता बन चुके हैं. उन्होंने 9 जून 2024 को एनडीए की सरकार के तीसरे कार्यकाल के लिए प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी और आज उनके सत्ता में रहने के 12 साल भी पूरे हो रहे हैं.

दिन और तारीखों का पूरा गणित

इस राजनैतिक सफर के आंकड़ों को बारीकी से समझें तो पीएम मोदी ने पहली बार 26 मई 2014 को देश के प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ली थी. आज 9 जून 2026 तक उनके कार्यकाल के पूरे 4398 दिन पूरे हो चुके हैं. इस संख्या के साथ ही वह भारत के इतिहास में सबसे लंबे कार्यकाल वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए हैं. उनसे पहले यह रिकॉर्ड देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू के नाम दर्ज था, जो 13 मई 1952 को पहली बार निर्वाचित होकर प्रधानमंत्री बने थे और लगातार 4397 दिन यानी 12 साल 14 दिन तक इस पद पर रहे थे. पीएम मोदी ने 4398 दिन यानी 12 साल 15 दिन पूरे करके नेहरू का यह रिकॉर्ड पार कर लिया है.

नेहरू का अंतरिम कार्यकाल

पंडित जवाहर लाल नेहरू के कुल कार्यकाल को लेकर अक्सर एक असमंजस रहता है, जिसे समझना जरूरी है. नेहरू वास्तव में 15 अगस्त 1947 को ही देश के प्रधानमंत्री बन गए थे, लेकिन साल 1952 में देश में पहले लोकसभा चुनाव होने से पहले तक का उनका वह 5 साल का कार्यकाल एक अंतरिम सरकार के प्रमुख के तौर पर था. उस दौरान वह जनता द्वारा सीधे चुनाव जीतकर प्रधानमंत्री नहीं बने थे. यही वजह है कि एक निर्वाचित और लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकार के मुखिया के तौर पर पीएम मोदी का कार्यकाल अब नेहरू के निर्वाचित कार्यकाल से आगे निकल चुका है. 

वैश्विक दिग्गजों से से कितने पीछे पीएम मोदी?

अब सवाल यह उठता है कि दुनिया के इन सबसे बड़े नेताओं से पीएम मोदी अभी कितने पीछे हैं? अगर बहरीन के प्रिंस खलीफा बिन सलमान अल खलीफा के 50 साल के रिकॉर्ड से तुलना करें, तो पीएम मोदी अभी उनसे करीब 38 साल पीछे हैं. वहीं अगर लोकतंत्र के सबसे बड़े प्रतीक सिंगापुर के ली कुआन यू के 31 साल के कार्यकाल से तुलना की जाए, तो पीएम मोदी उनके कार्यकाल से अभी लगभग 19 साल पीछे चल रहे हैं. भारत के लिहाज से भले ही यह सबसे बड़ा रिकॉर्ड हो, लेकिन वैश्विक पटल पर अभी लंबी दूरी तय करना बाकी है.

यह भी पढ़ें: पीएम मोदी तोड़ेंगे नेहरू का रिकॉर्ड, देखें सत्ता में सबसे ज्यादा दिनों तक रहने वाले टॉप-3 प्रधानमंत्री की लिस्ट