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PM Modi Addresses To Nation: भारत के साथ आजाद हुए थे ये देश, जानिए भारत के मुकाबले क्या है उनके विकास की रफ्तार

भारत 15 अगस्त 1947 को ब्रिटिश शासन से मुक्त हुआ, लेकिन इसी दौर में एशिया और दुनिया के कई अन्य देशों ने भी नई शुरुआत की. पीएम मोदी ने अपने संबोधन में उन देशों का जिक्र किया जो भारत के साथ आजाद हुए.

18 अप्रैल को पीएम मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधन में भारत के साथ आजाद हुए देशों का जिक्र किया और बताया कि कैसे एक खास पार्टी की वजह से भारत इन देशों से पीछे रह गया. लेकिन क्या आप जानते हैं कि वो कौनसे देश हैं जो भारत के साथ या आसपास के वर्षों में ही आजाद हुए और वर्तमान में भारत उनके सामने कहां खड़ा है? द्वितीय विश्व युद्ध के बाद 1940 के दशक में दुनिया भर में उपनिवेशवाद खत्म होने लगा और कई देशों ने आजादी हासिल की.

भारत 15 अगस्त 1947 को ब्रिटिश शासन से मुक्त हुआ, लेकिन इसी दौर में एशिया और दुनिया के कई अन्य देशों ने भी नई शुरुआत की. दिलचस्प बात यह है कि एक ही समय में आजाद होने के बावजूद इन देशों का विकास आज बिल्कुल अलग-अलग दिशा में गया.

पाकिस्तान (1947)

भारत के विभाजन के साथ 14 अगस्त 1947 को पाकिस्तान बना. शुरुआती वर्षों से ही यहां राजनीतिक अस्थिरता रही और कई बार सेना ने सत्ता संभाली. विश्व बैंक और IMF की हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार पाकिस्तान गंभीर आर्थिक चुनौतियों जैसे महंगाई, कर्ज और विदेशी मुद्रा संकट से जूझ रहा है. राजनीतिक अस्थिरता भी लगातार बनी हुई है. ऐसे में भारत और पाकिस्तान की बात की जाए तो पाकिस्तान की हालत भारत के सामने काफी खस्ता है और वहां महंगाई और आतंकवाद चरम पर है.

श्रीलंका (1948)

श्रीलंका (तत्कालीन सीलोन) को 4 फरवरी 1948 को ब्रिटेन से आजादी मिली. यह लंबे समय तक दक्षिण एशिया की स्थिर अर्थव्यवस्थाओं में रहा, लेकिन 2022 में देश को बड़े आर्थिक संकट का सामना करना पड़ा, जिसमें विदेशी मुद्रा खत्म होने और कर्ज संकट जैसी स्थितियां सामने आईं. हालांकि IMF के सहयोग से अब धीरे-धीरे रिकवरी की प्रक्रिया जारी है. जुलाई 2022 में श्रीलंका में भड़की हिंसा में जनता के सामने सत्ता को नतमस्तक होना पड़ा था.

म्यांमार (1948)

म्यांमार (पूर्व में बर्मा) 4 जनवरी 1948 को ब्रिटेन से आजाद हुआ. आजादी के बाद कुछ समय लोकतंत्र रहा, लेकिन 1962 से सेना का प्रभाव बढ़ता गया. 2021 में सेना ने फिर तख्तापलट कर दिया, जिसके बाद से देश में राजनीतिक संकट और हिंसा जारी है. संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट्स के अनुसार स्थिति अभी भी अस्थिर बनी हुई है.

इंडोनेशिया (1945/1949)

इंडोनेशिया ने 1945 में स्वतंत्रता की घोषणा की, लेकिन नीदरलैंड ने 1949 में इसे आधिकारिक रूप से मान्यता दी. आज इंडोनेशिया दक्षिण-पूर्व एशिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और G20 का सदस्य है. विश्व बैंक के अनुसार यह एक उभरती हुई अर्थव्यवस्था है, जहां लगातार विकास हो रहा है.

वियतनाम (1945)

वियतनाम ने 1945 में फ्रांस से स्वतंत्रता की घोषणा की, लेकिन लंबे युद्धों (फ्रांस और बाद में अमेरिका के साथ) के बाद 1975 में देश एकीकृत हुआ. आज वियतनाम तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब बन रहा है. विश्व बैंक और IMF दोनों ने इसकी ग्रोथ को स्थिर बताया है. हालांकि वियतनाम आर्थिक रूप से भारत से बहुत पीछे है.

चीन (1949 – शासन परिवर्तन)

चीन भारत की तरह उपनिवेश से आजाद नहीं हुआ, बल्कि 1 अक्टूबर 1949 को कम्युनिस्ट क्रांति के बाद Mao Zedong ने पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना की स्थापना की. आज चीन विश्व बैंक डेटा के अनुसार दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग व व्यापार में अग्रणी है. हालांकि वहां एक-पार्टी शासन प्रणाली है. इतना ही नहीं, चीन और भारत की आबादी भी लगभग बराबर है लेकिन चीन विकसित देशों की सूची में आता है.

 

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