Piyush Chawla  Retirement: भारतीय क्रिकेट टीम के स्पिनर पीयूष चावला ने क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास ले लिया है. 36 वर्ष के इस स्पिनर ने भारत के लिए 35 इंटरनेशनल मैच खेले हैं, जिसमें उन्हें 43 विकेट मिले हैं. वह करीब 15 साल से टीम का हिस्सा नहीं थे. अब उन्होंने संन्यास की घोषणा कर दी है. बता दें, पीयूष चावला ने भारत के लिए अपना आखिरी मैच इंग्लैंड के खिलाफ वानखेड़े स्टेडियम में 2012 में खेला था. वह टी-20 व वनडे में वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय टीम का भी हिस्सा रहे हैं. 

पीयूष चावला 2007 में टी-20 वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम का भी हिस्सा थ. वहीं, 2011 में वनडे विश्वकप जीतने वाली टीम में भी वह शामिल थे. हालांकि, दोनों ही बार उन्हें खेलने का मौका नहीं मिला. पीयूष चावला के रिटायरमेंट के बाद इस बात की चर्चा तेज हो गई है कि क्या पीयूष चावला को  पेंशन मिलेगी? BCCI का इसको लेकर क्या नियम है? चलिए जानते हैं... 

पूर्व खिलाड़ियों और अंपायरों को पेंशन देता है BCCI

बता दें, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड अपने पूर्व खिलाड़ियों और अंपायरों को पेंशन जैसी सुविधा मुहैया कराता है. बीसीसीआई की ओर से यह पेंशन खिलाड़ियों को सम्मान स्वरूप और उन्हें आर्थिक सहायता देने के लिए दी जाती है. BCCI ने 2022 में अपने पेंशन नियमों में बड़ा बदलाव किया था, जिसमें पूर्व खिलाड़ियों व अंपायरों की पेंशन को 100% बढ़ा दिया गया था. 

मैच के हिसाब से मिलती है पेंशन

बीसीसीआई की ओर से पूर्व खिलाड़ियों को पेंशन एक समान नहीं दी जाती है. इसके लिए अलग-अलग क्राइटेरिया निर्धारित किए गए हैं. 5 से 9 टेस्ट मैच खेलने वाले खिलाड़ियों को 30,000 रुपये प्रति माह पेंशन दी जाती है. इसी तरह 10 से 24 टेस्ट मैच खेलने वाले खिलाड़ियों को 60 हजार रुपये पेंशन दी जाती है. इसके अलावा 25 से अधिक टेस्ट मैच खेलने वाले खिलाड़ियों को 70 हजार रुपये प्रति माह से अधिक पेंशन मिलती है. इन नियमों के मुताबिक, राहुल द्रविड़, सचिन तेंदुलकर, महेंद्र सिंह धोनी भी पेंशन का लाभ पाते हैं. बीसीसीआई की ओर से उन्हें करीब 70 हजार रुपये प्रति माह पेंशन दी जाती है. 

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