Monsoon Session 2026: देश में मानसून का आगाज हो चुका है, लेकिन उत्तर भारत में कई जगहों पर अभी भी बारिश का नामोनिशान नहीं है. खैर मानसून की दस्तक के साथ अब दिल्ली के सियासी गलियारों में भी हलचल शुरू हो चुकी है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी के बाद संसद का मानसून सत्र 2026 आगामी 20 जुलाई से शुरू होने जा रहा है, जो कि 13 अगस्त तक चलेगा. लगभग 24 दिनों के इस सत्र में 19 बैठकें होनी तय हुई हैं. इस बार सरकार कई एतिहासिक और बड़े बदलावों से जुड़े विधेयक पेश करने की तैयारी में है, जिससे संसद के अंदर जबरदस्त सियासी गदर मचना तय है. चलिए उनके बारे में जानें.
परिसीमन विधेयक
इस सत्र में सरकार सबसे बड़ा सियासी दांव देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर लगाने जा रही है. चर्चा है कि इस बार विवादास्पद परिसीमन विधेयक को संसद के पटल पर रखा जा सकता है. सरकार की योजना लोकसभा की मौजूदा सीटों की संख्या को बढ़ाकर 850 करने की है. सीटों की संख्या में यह भारी बढ़ोतरी इसलिए की जा रही है, ताकि महिला आरक्षण कानून को पूरी तरह से और सही अनुपात में जमीन पर लागू किया जा सके.
महिला आरक्षण बिल में संशोधन
सीटों की संख्या बढ़ाने के साथ ही सरकार महिला आरक्षण अधिनियम संशोधन विधेयक और 131वें संवैधानिक संशोधन विधेयक को भी दोबारा सदन में पेश करने की प्रबल संभावना है. इस कानून का मुख्य मकसद संसद और राज्यों की विधानसाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत कोटा सुरक्षित करना है. बढ़े हुए नए समीकरणों के साथ इस कोटे को कैसे और किन क्षेत्रों में लागू किया जाएगा, इसके सटीक नियम इस नए बिल के जरिए तय होने वाले हैं, जिस पर विपक्ष की पैनी नजर रहेगी.
यह भी पढ़ें: One Nation One Election: ये हैं संविधान के वे 4 Article, जिन्हें बदले बिना नहीं हो सकता 'एक देश, एक चुनाव'
130वां संशोधन विधेयक
इस सत्र का सबसे धमाकेदार और संवेदनशील मुद्दा 130वां संशोधन विधेयक होने जा रहा है. इस नए नियम के तहत यह प्रावधान किया जा रहा है कि अगर प्रधानमंत्री, कोई मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री या फिर राज्य का मंत्री किसी मामले में गिरफ्तार होता है और जेल जाता है और लगातार 30 दिनों तक जेल या न्यायिक हिरासत में रहता है तो उसका पद अपने आप खत्म मान लिया जाएगा. यह कानून पास होने के बाद सलाखों के पीछे से सरकार चलाने की कोशिशों पर हमेशा के लिए लगाम लग जाएगी.
एक देश एक चुनाव की तैयारी
सरकार इस सत्र में एक राष्ट्र एक चुनाव विधेयक को भी मजबूती से आगे बढ़ाने की तैयारी में है. इस बड़े बदलाव के लिए संविधान के कई महत्वपूर्ण अनुच्छेदों में संशोधन की जरूरत पड़ेगी, ताकि लोकसभा और देश के सभी राज्यों के विधानसभा चुनाव एक साथ कराए जा सकें. इस प्रस्ताव पर पहले से ही देश के तमाम राजनीतिक दलों के बीच वैचारिक जंग छिड़ी हुई है, जो इस सत्र में और तेज होगी.
अदालत और शिक्षा से जुड़े बदलाव
इन बड़े राजनीतिक बदलावों के अलावा सरकार कुछ अन्य महत्वपूर्ण कामकाजी विधेयकों को भी इस सत्र में पास कराने की तैयारी में है. इसमें सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की संख्या में बढ़ोतरी करने वाला बिल, उच्च शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक, खेलों की साख बचाने के लिए डोपिंग विरोधी सुधार बिल, कॉर्पोरेट कानून सुधार और प्रतिभूति बाजार संहिता जैसे आर्थिक विधेयक पेश किए जा सकते हैं.
यह भी पढ़ें: Monsoon Session 2026: जेल गए तो कुर्सी गई, जानिए सलाखों के पीछे से किन-किन लोगों ने चलाई है सत्ता?
