एक्सप्लोरर

Pakistan Afghanistan War: पाकिस्तान के सामने कितना ताकतवर है तालिबान, जानें उसके पास कौन-कौन से हथियार

Pakistan Afghanistan War: हाल ही में पाकिस्तान ने यह दावा किया है कि उसने अफगानिस्तान में एयर स्ट्राइक की है. इसी बीच आइए जानते हैं कि पाकिस्तान की तुलना में तालिबान कितना ताकतवर है.

Pakistan Afghanistan War: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव तब और बढ़ गया जब पाकिस्तान ने यह दावा किया कि उसने अफगानिस्तान इलाके में कथित मिलिटेंट बेस पर बॉर्डर पार एयर स्ट्राइक की है. इस्लामाबाद का ऐसा कहना है कि अफगानिस्तान से ऑपरेट करने वाले हथियारबंद ग्रुप उसकी जमीन पर हाल के कई हमलों के पीछे थे. जैसे-जैसे हालात बिगड़ रहे हैं सबसे बड़ा सवाल यह पूछा जा रहा है कि पाकिस्तान की तुलना में तालिबान आखिर कितना ताकतवर है? आइए जानते हैं क्या है इस सवाल का जवाब.

पाकिस्तान और तालिबान की ताकत 

पाकिस्तान और तालिबान की तुलना करते समय असल में एक स्ट्रक्चर्ड, न्यूक्लियर आर्म्ड स्टेट और एक विद्रोही मूवमेंट से बने शासन के बीच का अंतर है. इस्लामाबाद से चलने वाला पाकिस्तान दुनिया की सबसे ऑर्गेनाइज्ड सेनाओं में से एक है. 2026 की शुरुआत तक पाकिस्तान की आर्म्ड फोर्सेज ओवरऑल कैपेबिलिटी के मामले में दुनिया भर में टॉप 15 में शामिल है. इसके पास लगभग 650000 एक्टिव सैनिक हैं. इसी के साथ यह 170 से ज्यादा न्यूक्लियर वारहेड्स के साथ एक घोषित न्यूक्लियर पावर है.

दूसरी तरफ काबुल से राज करने वाले तालिबान के पास अंदाजन 170000 से 200000 लड़ाके हैं. हालांकि यह एक बड़ी ताकत है लेकिन यह पाकिस्तान की मिलिट्री के स्ट्रक्चर, ट्रेनिंग की गहराई या फिर टेक्नोलॉजी सोफिस्टिकेशन से मेल नहीं खाती. 

कन्वेंशन कैपेबिलिटी और स्ट्रैटेजिक गहराई 

पाकिस्तान की मिलिट्री ताकत उसकी कन्वेंशन फायर पावर और स्ट्रैटेजिक डिटरेंस में है. उसके पास मॉडर्न टैंक, लॉन्ग रेंज आर्टिलरी, बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइल सिस्टम और विदेशी सहयोग से डेवलप किए गए लेयर्ड एयर डिफेंस प्लेटफार्म हैं. अकेले उसका न्यूक्लियर हथियार इस इलाके में एक ताकतवर स्ट्रैटेजिक डिटरेंट का काम करता है.

इसके उलट तालिबान के पास कोई भरोसेमंद मिसाइल डिफेंस शील्ड या फिर एडवांस्ड एयर डिफेंस सिस्टम नहीं है जो लगातार हवाई या फिर मिसाइल हमलों का सामना कर सके. उसके पास पाकिस्तान के हथियारों के जखीरे जितनी लॉन्ग रेंज स्ट्राइक कैपेबिलिटी नहीं है. लेकिन तालिबान के पास भारी डिफेंस सिस्टम की जो कमी है उसे वह मोबिलिटी, इलाके के फायदे और दशकों से चली आ रही विद्रोही लड़ाइयों में सीखी गई अलग तरह की टैक्टिक्स से पूरा करने की कोशिश करता है. 

एयर पावर का अंतर

दोनों पक्षों के बीच सबसे बड़ा फर्क एयर पावर में है. पाकिस्तान की एयर फोर्स सैकड़ों फाइटर एयरक्राफ्ट चलती है. इसमें F-16 फाइटिंग फाल्कन, JF-17 थंडर और डसॉल्ट मिराज III वेरिएंट शामिल हैं. यह एयरक्राफ्ट सटीक बमबारी, डीप स्ट्राइक मिशन और क्रॉस बॉर्डर ऑपरेशन करने में सक्षम हैं. 

वहीं तालिबान एक्टिव फाइटर जेट नहीं चलता है. यूनाइटेड स्टेट्स सेना के हटने के बाद उसे कुछ ही एयरक्राफ्ट मिले. इसमें सिकोरस्की UH-60 ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर और मिल Mi-17 हेलीकॉप्टर शामिल हैं. लेकिन स्पेयर पार्ट्स, टेक्निकल एक्सपर्टीज और मेंटेनेंस इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी उनकी ऑपरेशनल तैयारी को काफी कम कर देती है. 

तालिबान के हथियारों का जखीरा 

हालांकि तालिबान पाकिस्तान के स्ट्रैटेजिक सिस्टम का मुकाबला नहीं कर सकता, लेकिन उसके पास छोटे हथियार और टैक्टिकल इक्विपमेंट का एक बड़ा जखीरा है. इसमें बड़ी संख्या में अमेरिका में बनी एम4 और एम16 राइफल, नाइट विजन डिवाइस, मॉडर्न कम्युनिकेशन सिस्टम और आर्मर्ड गाड़ियां शामिल हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक तालिबान के पास 700 से ज्यादा हम्वी और माइन रेजिस्टेंट एम्बुश प्रोटेक्टेड गाड़ियां हैं. यह अफगानिस्तान के ऊबड़-खाबड़ इलाकों में मोबिलिटी को बढ़ाती हैं. उसके पास पुराने सोवियत युग के टैंक और आर्टिलरी सिस्टम भी हैं. 

टेक्नोलॉजी में कमजोर होने के बावजूद तालिबान को आसानी से खारिज नहीं किया जा सकता. दरअसल दशकों से तालिबान ने हिट एंड रन हमले, इंप्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस, घात लगाकर हमले करने और सुसाइड अटैक जैसे तरीकों को काफी बेहतर बनाया है. अफगानिस्तान का पहाड़ी इलाका इन फायदों को और भी बढ़ाता है. पाकिस्तान के लिए सबसे बड़ी चुनौती बॉर्डर का नेचर ही है. आम लोग, हथियारबंद ग्रुप और लोकल लड़ाके अक्सर सीमावर्ती इलाकों में आपस में मिले रहते हैं. इससे बिना किसी राजनीतिक और मानवीय नतीजे के बड़े पैमाने पर पारंपरिक फोर्स तैनात करने की क्षमता सीमित हो जाती है.

ये भी पढ़ें: क्या है भारत का सुदर्शन चक्र, जानिए कितना एडवांस होगा यह सिस्टम?

स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

Read
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

LPG संकट आया तो सबसे पहले किसे दी जाएगी सिलेंडर की डिलीवरी, सरकार की प्रियॉरिटी लिस्ट में कौन-कौन?
LPG संकट आया तो सबसे पहले किसे दी जाएगी सिलेंडर की डिलीवरी, सरकार की प्रियॉरिटी लिस्ट में कौन-कौन?
Iran Debt: ईरान को कितना कर्ज दे चुका है भारत, जानें उस पर कितना उधार?
ईरान को कितना कर्ज दे चुका है भारत, जानें उस पर कितना उधार?
World War 1 Deaths: पहले विश्व युद्ध में कितनी हुई थी मौतें, थर्ड वर्ल्ड वॉर की आहट के बीच देख लीजिए आंकड़े
पहले विश्व युद्ध में कितनी हुई थी मौतें, थर्ड वर्ल्ड वॉर की आहट के बीच देख लीजिए आंकड़े
बिना पानी पिए कितने दिन जिंदा रह सकता है इंसान, जान लीजिए जवाब
बिना पानी पिए कितने दिन जिंदा रह सकता है इंसान, जान लीजिए जवाब
Advertisement

वीडियोज

CRIME NEWS : अमेरिका का वांटेड लेटर | Sansani
Pune News: Lift में फंसा मासूम का हाथ, सोसाइटी में मचा हड़कंप | Maharastra News
Janhit With Chitra Tripathi: खतरनाक Hormuz पार कर भारत की ओर बढ़ा Shivalik | PM Modi
Ghanti Bajao: सिलेंडर संकट के बीच काला खेल, देशभर में छापे और गिरफ्तारियां | LPG Black Marketing
Sandeep Chaudhary: ईरान ने बढ़ाया हाथ...भारत किसके साथ? | ABP News | Gas Crisis
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement
Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
अमेरिका ने ईरान के खर्ग द्वीप पर 90 से ज्यादा ठिकानों को बनाया निशाना, सामने आया वीडियो
अमेरिका ने ईरान के खर्ग द्वीप पर 90 से ज्यादा ठिकानों को बनाया निशाना, सामने आया वीडियो
कुलदीप यादव की शादी में पहुंचे धीरेंद्र शास्त्री, बाबा बागेश्वर ने क्रिकेटर को दिया खास तोहफा
कुलदीप यादव की शादी में पहुंचे धीरेंद्र शास्त्री, बाबा बागेश्वर ने क्रिकेटर को दिया खास तोहफा
शरवरी वाघ की 28 दिन में हो रहीं दो फिल्में रिलीज, साल 2026 में झोली में गिरे इतने प्रोजेक्ट्स
शरवरी वाघ की 28 दिन में हो रहीं दो फिल्में रिलीज, साल 2026 में झोली में गिरे इतने प्रोजेक्ट्स
Kuldeep Yadav Wedding: दूल्हे राजा कुलदीप यादव ले चले बारात, शादी का लेटेस्ट वीडियो आया सामने; देखें
दूल्हे राजा कुलदीप यादव ले चले बारात, शादी का लेटेस्ट वीडियो आया सामने; देखें
Iran US War: ‘जंग जीते बिना नहीं होगा सीजफायर’, युद्ध के बीच ईरान का बड़ा बयान, अमेरिका को दी चुनौती
‘जंग जीते बिना नहीं होगा सीजफायर’, युद्ध के बीच ईरान का बड़ा बयान, अमेरिका को दी चुनौती
Iran-US War: ‘US का सबसे बड़ा युद्धपोत भी फेल...’, ईरान का बड़ा दावा, जानें मुस्लिम देशों से क्या की अपील
‘US का सबसे बड़ा युद्धपोत भी फेल...’, ईरान का बड़ा दावा, जानें मुस्लिम देशों से क्या की अपील
दिल्ली एयरपोर्ट पर CISF जवान की ईमानदारी, भीड़ में ढूंढकर यात्री को लौटाया खोया पासपोर्ट, सोशल मीडिया पर तारीफ
दिल्ली एयरपोर्ट पर CISF जवान की ईमानदारी, भीड़ में ढूंढकर यात्री को लौटाया खोया पासपोर्ट, सोशल मीडिया पर तारीफ
HP का सिलेंडर करना है बुक तो न हो परेशान, नोट कर लें हेल्पलाइन नंबर
HP का सिलेंडर करना है बुक तो न हो परेशान, नोट कर लें हेल्पलाइन नंबर
Embed widget