मैच से पहले मैदान पर सिक्का उछलता है और उसी एक पल में पूरे मुकाबले की दिशा तय हो जाती है. कभी बल्लेबाजी आसान हो जाती है तो कभी गेंदबाजों की चांदी. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि टॉस उछालने का हक सिर्फ कप्तान को ही क्यों दिया जाता है? क्या कोई और खिलाड़ी यह कर सकता है? और IPL जैसे टूर्नामेंट में टॉस के नियम क्यों बदले गए? इन सवालों के जवाब क्रिकेट के नियमों में छिपे हैं. आइए जान लेते हैं. 

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टॉस क्यों है इतना अहम

क्रिकेट में टॉस सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि रणनीति का पहला हथियार माना जाता है. पिच की नमी, मौसम की स्थिति, ओस और रोशनी जैसी चीजें सीधे मैच के नतीजे को प्रभावित करती हैं. इसलिए टॉस जीतकर लिया गया फैसला कई बार मैच का रुख बदल देता है. यही वजह है कि टॉस को खेल के सबसे निर्णायक क्षणों में गिना जाता है.

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क्या टॉस उछालने का अधिकार सिर्फ कप्तान को होता है

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद यानी ICC के नियमों के अनुसार, टॉस की प्रक्रिया टीम के आधिकारिक प्रतिनिधि द्वारा की जाती है, जो आमतौर पर टीम का कप्तान होता है. दोनों टीमों के कप्तान मैच रेफरी और अंपायरों की मौजूदगी में टॉस के लिए मैदान पर आते हैं. नियम यह मानता है कि कप्तान टीम का जिम्मेदार और निर्णय लेने वाला व्यक्ति होता है, इसलिए उसी को यह अधिकार दिया जाता है.

सिक्का कौन उछालता है और कौन कॉल करता है

परंपरागत रूप से अधिकतर मुकाबलों में घरेलू टीम का कप्तान सिक्का उछालता है, जबकि मेहमान टीम का कप्तान हेड्स या टेल्स कॉल करता है. हालांकि यह कोई कठोर नियम नहीं है. मैच रेफरी चाहें तो इस प्रक्रिया को बदल भी सकते हैं. असल उद्देश्य निष्पक्षता बनाए रखना होता है, ताकि किसी भी टीम को अनुचित लाभ न मिले.

टॉस कब कराया जाता है

क्रिकेट के नियमों के अनुसार, टॉस आमतौर पर मैच शुरू होने से करीब 15 से 30 मिनट पहले कराया जाता है. इस दौरान दोनों कप्तान अपनी रणनीति लगभग तय कर चुके होते हैं. टॉस के तुरंत बाद टॉस जीतने वाला कप्तान यह घोषणा करता है कि उसकी टीम पहले बल्लेबाजी करेगी या गेंदबाजी.

टॉस जीतने वाले कप्तान के अधिकार

टॉस जीतने के बाद कप्तान को यह पूरा अधिकार होता है कि वह पहले बैटिंग या बॉलिंग का फैसला करे. यह फैसला पिच रिपोर्ट, मौसम और टीम संयोजन को ध्यान में रखकर लिया जाता है. पारंपरिक क्रिकेट में टॉस से पहले ही दोनों टीमों को अपनी प्लेइंग इलेवन घोषित करनी होती थी, जिससे गलत अनुमान की स्थिति में नुकसान भी उठाना पड़ता था.

IPL में बदला नियम और Impact Player

इंडियन प्रीमियर लीग में 2023 से एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है. IPL में Impact Player नियम लागू होने के बाद टीमों को टॉस के बाद अपनी अंतिम प्लेइंग इलेवन चुनने की छूट दी गई. इसका मकसद यह था कि कप्तान और टीम मैनेजमेंट पिच और परिस्थितियों को देखकर बेहतर संतुलन बना सकें. हालांकि टॉस करने और फैसला लेने का अधिकार अब भी कप्तान के पास ही रहता है.

क्या कोई और खिलाड़ी टॉस कर सकता है

नियमों के मुताबिक, अगर किसी विशेष परिस्थिति में कप्तान उपलब्ध न हो, जैसे चोट या अस्वस्थता, तो टीम का उपकप्तान या आधिकारिक प्रतिनिधि टॉस कर सकता है. लेकिन यह अपवाद की स्थिति होती है. सामान्य हालात में कप्तान ही टॉस करता है और फैसला सुनाता है.

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