Unconquered Forts: भारत के कई ऐतिहासिक किले हैं जो सदियों तक शक्तिशाली साम्राज्य और विदेशी आक्रमणकारियों के बार-बार हमले के बावजूद अजेय ही रहे हैं. पानी से घिरे समुद्री किलों से लेकर पहाड़ों की गहराई में छिपे पहाड़ी किलों तक इन संरचनाओं का निर्माण साधारण सैन्य योजना और रचनात्मक इंजीनियरिंग के साथ किया गया था. आइए जानते हैं कुछ ऐसे किलों के बारे में जिन्हें आज तक कोई नहीं जीत पाया.

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मुरुद जंजीरा किला 

महाराष्ट्र के तट के पास अरब सागर में स्थित मुरुद जंजीरा किला  भारत का सबसे मजबूत समुद्री किला माना जाता है. छत्रपति शिवाजी महाराज जैसे शक्तिशाली शासकों ने भी इसके किले पर कब्जा करने के कई बार प्रयास किया लेकिन कथित तौर पर उनके सभी प्रयास विफल रहे. किले की दीवारें खास तौर पर ढलानदार संरचना के साथ डिजाइन की गई थीं. ऐसा इसलिए ताकि दुश्मन के तोप के गोले नुकसान पहुंचाने के बजाय टकराकर वापस चले जाएं. इसका छिपा हुआ मुख्य प्रवेश द्वार शेर दरवाजा  कहलाया जाता है और उसे भी दुश्मनों के लिए दूर से ढूंढ पाना काफी मुश्किल था. कथित तौर पर इस किले में 500 से भी ज्यादा तोपें थीं जिनमें प्रसिद्ध कलाल बंगड़ी तोप भी शामिल थी.

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लोहागढ़ किला 

भरतपुर में स्थित लोहागढ़ किला अक्सर मिट्टी का किला  कहलाया जाता है. लेकिन इतिहासकार इसे भारत के सबसे अभेद्य किलों में से एक बताते हैं. साधारण पत्थर की किलेबंदी के उलट इस किले में मिट्टी की बड़ी रक्षात्मक दीवारें थी. यह दीवारें टूटने के बजाय तोप के गोलों के हमले को सोख लेती थीं. दुश्मन के तोप के गोले मिट्टी की दीवारों में काफी गहराई तक धंस जाते थे और अपना प्रभाव खो देते थे. 

कथित तौर पर ब्रिटिश जनरल लॉर्ड लेक ने भारी तोपखाने के साथ इस किले पर कई बार हमला किया. लेकिन वह इस पर कब्जा करने में कामयाब नहीं हो पाए. इस किले के चारों तरफ पानी से भरी एक गहरी खाई है और वह दुश्मन सैनिक और घुड़सवार सेना के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करती है. 

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मेहरानगढ़ किला 

मेहरानगढ़ किला जोधपुर में जमीन के स्तर से लगभग 410 फीट ऊंची खड़ी पहाड़ी पर स्थित है. इसका स्थान एक ही प्राकृतिक रक्षा प्रणाली के रूप में काम करता है. ऐसा इसलिए क्योंकि दुश्मन सेनाओं के लिए पथरीली ढलानों पर चढ़ना और सीधा हमला करना काफी ज्यादा मुश्किल था. किले में सात बड़े दरवाजे भी थे, जिनमें नुकीले लोहे के कीलें लगी हुई थीं.  आज भी मेहरानगढ़ किला राजपूत सैन्य वास्तुकला के बेहतरीन उदाहरणों में से एक बना हुआ है.

कुम्भलगढ़ किला 

महाराणा कुम्भा द्वारा बनाया गया कुम्भलगढ़ किला अपनी बड़ी सुरक्षा दीवारों के लिए मशहूर है. ये लगभग 36 किलोमीटर तक फैली हुई हैं.  इस दीवार को चीन की बड़ी दीवार के बाद दुनिया की दूसरी सबसे लंबी लगातार दीवार माना जाता है. अरावली की ऊबड़-खाबड़ पहाड़ियों के बीच गहराई में बसा यह किला दूर से आने वाली दुश्मन सेनाओं से छिपा रहता था.

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