नीम करौली बाबा के कितने बच्चे थे, देखें उनका फैमिली ट्री
फिल्म हनुमान अंश के आने के बाद से एक बार फिर से नीम करौली बाबा की जमकर चर्चा हो रही है. उनके परिवार में पत्नी और तीन बच्चे थे. चलिए सभी के बारे में विस्तार से समझ लेते हैं.

नीम करौली बाबा का नाम आज पूरी दुनिया में आध्यात्मिक प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है. 'हनुमान अंश' फिल्म के आने के बाद से लोग बाबा के जीवन से जुड़े अनछुए पहलुओं को जानने के लिए बेहद उत्सुक हैं. हालांकि इससे पहले भी लोग बाबा के बारे में जानते थे, लेकिन शायद इतना नहीं. कैंची धाम में हर रोज हजारों भक्त अपनी मनोकामनाएं लेकर पहुंचते हैं. बाबा के दिव्य जीवन के बारे में तो सब जानते हैं, लेकिन उनका शुरुआती पारिवारिक सफर भी बेहद दिलचस्प रहा है. पंडित लक्ष्मीनारायण शर्मा के रूप में जन्मे बाबा ने अध्यात्म की राह पर पूरी तरह चलने से पहले एक साधारण गृहस्थ का जीवन भी पूरी जिम्मेदारी के साथ जिया था. आइए उनके फैमिली ट्री के बारे में समझते हैं.
पारिवारिक नींव और विवाह
आध्यात्मिक ऊंचाइयों को छूने से पहले नीम करौली बाबा का नाम पंडित लक्ष्मीनारायण शर्मा था. कम उम्र में ही उनका विवाह राम बेटी देवी (रामबेटी शर्मा) के साथ हुआ था. शादी के बाद बाबा ने अपने गृहस्थ आश्रम का दायित्व पूरी निष्ठा से निभाया. उनके परिवार में तीन संतानों ने जन्म लिया, जिनमें दो बेटे और एक बेटी शामिल थे. हालांकि, समय बीतने के साथ बाबा का मन सांसारिक मोह-माया से विरक्त होने लगा और वे प्रभु भक्ति व साधना के कठिन मार्ग पर आगे बढ़ गए.
बाबा की पत्नी राम बेटी देवी
जब नीम करौली बाबा ने पूरी तरह से सांसारिक जीवन को त्यागकर जनसेवा और हनुमान भक्ति का मार्ग चुना, तब तीनों बच्चों और पूरे परिवार को संभालने का कठिन काम उनकी पत्नी राम बेटी देवी ने किया. उन्होंने बच्चों की परवरिश में कोई कमी नहीं आने दी. बेटी गिरिजा देवी के संस्मरणों में भी अपनी मां के इस कड़े संघर्ष और ममता की झलक मिलती है. पारिवारिक अभिलेखों के अनुसार, 15 जून 1995 को राम बेटी देवी का निधन हो गया था.
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बड़े बेटे अनेक सिंह शर्मा की जीवन यात्रा
बाबा के सबसे बड़े पुत्र का नाम अनेक सिंह शर्मा था. गृहस्थ जीवन की जिम्मेदारियों को पूरा करते हुए उन्होंने अपना जीवन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में व्यतीत किया. रिपोर्ट्स के मुताबिक, अनेक सिंह का नवंबर 2021 में स्वर्गवास हो गया था. उनके परिवार में एक बेटा और एक बेटी हैं. उनके बेटे डॉक्टर धनंजय शर्मा ने चिकित्सा के क्षेत्र में लंबी सरकारी सेवा दी और वहां से रिटायर होने के बाद वे भोपाल में ही अपना जीवन बिता रहे हैं.

छोटे बेटे धर्म नारायण शर्मा और उनका परिवार
नीम करौली बाबा के छोटे बेटे धर्म नारायण शर्मा ने सरकारी नौकरी को अपना करियर बनाया. वे वन विभाग में रेंजर के पद पर तैनात रहे और अपनी सेवाएं दीं. नौकरी से सेवानिवृत्त होने के बाद उनका झुकाव भी भक्ति की ओर बढ़ा और वे वृंदावन जाकर साधना में लीन हो गए. अप्रैल 2021 में उनका भी निधन हो गया था. धर्म नारायण शर्मा का परिवार काफी बड़ा है; उनकी छह बेटियां हैं- सुनीता, अर्चना, वंदना, भावना, ऋतु और ऋचा. ये सभी बहनें आज देश के अलग-अलग शहरों में अपने परिवारों के साथ रह रही हैं.
इकलौती बेटी गिरिजा देवी
बाबा की तीसरी और सबसे छोटी संतान उनकी बेटी गिरिजा देवी हैं, जिन्हें शादी के बाद गिरिजा भाटेले के नाम से जाना गया. उपलब्ध जानकारियों और रिपोर्टों के अनुसार, वे उत्तर प्रदेश के आगरा शहर में निवास करती हैं. बाबा की तीनों संतानों में से वर्तमान समय में केवल गिरिजा देवी ही जीवित हैं. इस वजह से नीम करौली बाबा के शुरुआती जीवन, उनकी पारिवारिक आदतों और यादों को समझने के लिए उनसे जुड़ी जानकारियां बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती हैं.
वंश परंपरा और बाबा की विरासत
आज के समय में नीम करौली बाबा का परिवार भले ही आम लोगों की तरह अलग-अलग शहरों में साधारण जीवन जी रहा हो, लेकिन वे सभी बाबा की सादगी और संस्कारों से गहराई से जुड़े हैं. दोनों बेटों अनेक सिंह शर्मा और धर्म नारायण शर्मा के निधन के बाद अब उनकी बेटी गिरिजा देवी ही इस पीढ़ी की एकमात्र जीवित कड़ी हैं. बाबा की नातिनें और पोते-पोतियां आज देश के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं और अपने दादा के दिए गए मूल्यों का पालन कर रहे हैं.
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