रिलायंस इंडस्ट्रीज के मालिक मुकेश अंबानी बेशुमार दौलत और आलीशान लाइफस्टाइल के लिए दुनिया में जानें जाते हैं. उनके पास एक से बढ़कर एक महंगी कारें हैं, जिनकी सुरक्षा और देखरेख पर करोड़ों रुपये खर्चा किए जाते हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि देश के सबसे अमीर बिजनेसमैन की इन लग्जरी गाड़ियों को जो भी ड्राइव करता है, इसके बदले में उसे कितनी सैलरी मिलती है. मुकेश अंबानी के ड्राइवर की सैलरी किसी मल्टीनेशनल कंपनी के कर्मचारी की सैलरी से कम नहीं है. आइए जानें कि वह सालभर में कितना कमा लेते हैं.

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अंबानी की गाड़ियां और ड्राइवर

मुकेश अंबानी के एंटीलिया वाले गैराज में रोल्स रॉयस, बेंटले, मर्सिडीज मेबैक और बीएमडब्ल्यू जैसी दुनिया की कई सबसे महंगी कारें मौजूद हैं. इन गाड़ियों को चलाने के लिए रिलायंस ग्रुप कई सारे ड्राइवर्स रखता है, लेकिन मुकेश अंबानी की कार चलाने वाला ड्राइवर खास होता है. इस ड्राइवर का काम सिर्फ स्टेयरिंग संभालना नहीं है, बल्कि देश के सबसे बड़े वीआईपी शख्स की सुरक्षा, समय की पाबंदी और वीवीआईपी प्रोटोकॉल का हर वक्त ध्यान रखना होता है. इसीलिए इसे भरोसेमंद और जिम्मेदारी वाला पद माना जाता है.

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कड़ी ट्रेनिंग के बाद मिलती है नौकरी

मुकेश अंबानी का ड्राइवर बनना कोई आसान बात नहीं है. इसके लिए बहुत कड़ा और लंबा प्रोसेस होता है. रिलायंस ग्रुप इसके लिए बाकायदा प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसियों को कॉन्ट्रैक्ट देता है, जो कि कड़े वेरिफिकेशन और बैकग्राउंड जांच के बाद ही सही उम्मीदवार का चुनाव करती है. इसके लिए ड्राइवर को न सिर्फ बेहतरीन ड्राइविंग आनी चाहिए, बल्कि उसे हर परिस्थितियों से निपटने के लिए, बुलेटप्रूफ गाड़ियों को संभालने और मुश्किल रास्तों पर सूझबूझ दिखाने की स्पेशल ट्रेनिंग दी जाती है. कई राउंड स्क्रीनिंग के बाद ही इस नौकरी पर मुहर लगती है. 

कितना होता है सालभर का पैकेज?

अगर कमाई की बात करें तो एक मीडिया रिपोर्ट की मानें तो साल 2017 में मुकेश अंबानी के पर्सनल ड्राइवर की सैलरी सालानी 24 लाख रुपये थी. इसका मतलब आज से करीब आठ-नौ साल पहले ही वह हर महीने दो लाख रुपये कमा रहा था. समय के साथ बढ़े भत्तों, महंगाई और रिलायंस के इंक्रीमेंट पॉलिसी को देखें तो मौजूदा वक्त में यह सैलरी बढ़कर आसानी से तीन से चार लाख रुपये महीना हो चुकी होगी. यानि साल का पैकेज करीब 36 से 48 लाख रुपये के आसपास होता है. 

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