नशे की काली दुनिया में कई ऐसे जानलेवा पदार्थ मौजूद हैं जो हंसती-खेलती जिंदगी को पल भर में श्मशान बना देते हैं. पिछले कुछ समय से अंतरराष्ट्रीय बाजार और अवैध ड्रग्स के नेटवर्क में एक ऐसा केमिकल तेजी से फैला है, जिसे मौत का दूसरा नाम कहा जाए तो गलत नहीं होगा. इस बेहद जानलेवा नशीले पदार्थ का नाम 'फेंटेनिल' है, जिसकी चपेट में आकर हर साल लाखों युवा अपनी जान गंवा रहे हैं. इसकी सबसे डरावनी बात यह है कि इसकी चंद बूंदें या एक छोटा सा दाना भी इंसान को तड़पा-तड़पा कर मारने के लिए काफी है. आइए जानते हैं कि यह साइलेंट किलर ड्रग क्या है और कैसे शरीर को खत्म करता है.

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क्या है फेंटेनिल ड्रग?

फेंटेनिल असल में एक बेहद ताकतवर सिंथेटिक ओपिओइड ड्रग है, जिसे प्रयोगशाला में रसायनों की मदद से तैयार किया जाता है. मूल रूप से इसे चिकित्सा विज्ञान में बेहद गंभीर दर्द से राहत देने वाली दवा के रूप में बनाया गया था. चिकित्सा क्षेत्र में डॉक्टर इसका इस्तेमाल केवल बहुत ही विशेष और गंभीर परिस्थितियों में करते हैं, जैसे कि कैंसर के आखिरी स्टेज के मरीजों का दर्द कम करने के लिए या फिर किसी बहुत बड़ी और जटिल सर्जरी के दौरान. लेकिन आज के समय में इस जीवन रक्षक दवा का अवैध रूप से नशीले पदार्थ के तौर पर धड़ल्ले से गलत इस्तेमाल किया जा रहा है. 

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मॉर्फिन से पचास गुना खतरनाक

इस ड्रग की घातक क्षमता का अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि यह दर्द निवारक दवा मॉर्फिन से लगभग 50 गुना और बाजार में मिलने वाली अवैध हेरोइन से कई गुना ज्यादा शक्तिशाली और जहरीली होती है. इसकी यही अत्यधिक ताकत इसे दुनिया का सबसे जानलेवा नशा बनाती है. चिकित्सा विशेषज्ञों के मुताबिक, इस ड्रग की जरा सी भी ओवरडोज सीधे इंसान के दिमाग और श्वसन तंत्र पर हमला करती है. अवैध बाजारों में बिकने वाला यह ड्रग इतना शुद्ध और घातक होता है कि इसका सेवन करते ही इंसान का बचना लगभग नामुमकिन हो जाता है.

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तस्करों का खूनी खेल

आजकल नशे की लत से जूझ रहे बहुत से लोग अनजाने में भी इस खतरनाक केमिकल का शिकार बन रहे हैं, जो कि सबसे बड़ी चिंता का विषय है. दरअसल, मुनाफे के भूखे ड्रग तस्कर अक्सर इस सस्ते और बेहद असरदार फेंटेनिल पाउडर को दूसरे महंगे नशीले पदार्थों में मिलाकर बेचते हैं. ऐसा करने से नशा करने वाले व्यक्ति को इसकी सही मात्रा और मौजूदगी का बिल्कुल भी अंदाजा नहीं लग पाता है. कई बार तो सिर्फ एक छोटी सी और पहली डोज लेने के तुरंत बाद ही व्यक्ति की सांसें अचानक रुक जाती हैं और उसकी मौके पर ही मौत हो जाती है.

शरीर पड़ने लगता है सुन्न

स्वास्थ्य विशेषज्ञों और डॉक्टरों का कहना है कि फेंटेनिल का इंसानी शरीर पर असर बहुत ही ज्यादा तेजी से और आक्रामक तरीके से होता है. इसे शरीर के भीतर लेते ही पूरा तंत्रिका तंत्र और शरीर सुन्न पड़ने लगता है. इसके बाद फेफड़े काम करना बंद कर देते हैं और इंसान को सांस लेने में भारी दिक्कत होने लगती है. कुछ ही मिनटों में व्यक्ति गहरी बेहोशी की हालत में चला जाता है, जहां से उसका लौट पाना मुश्किल होता है. इसके लगातार इस्तेमाल से इसकी ऐसी भयानक लत लगती है कि व्यक्ति चाहकर भी इस दलदल से बाहर नहीं आ पाता  है. 

अमेरिका में हेल्थ इमरजेंसी

मौजूदा समय में अमेरिका समेत दुनिया के कई विकसित देशों में यह ड्रग एक बहुत बड़ा पब्लिक हेल्थ संकट यानी स्वास्थ्य आपातकाल बन चुका है. वहां की सरकारें और अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य एजेंसियां लोगों को इसके जानलेवा खतरों के बारे में लगातार जागरूक कर रही हैं. सोशल मीडिया से लेकर इंटरनेट के हर माध्यम पर युवाओं को इस जानलेवा नशे से दूर रहने की सख्त हिदायत और सलाह दी जा रही है. विभिन्न देशों की पुलिस और खुफिया एजेंसियां इस सिंथेटिक ड्रग के अवैध निर्माण और इसकी तस्करी को रोकने के लिए बड़े पैमाने पर धरपकड़ अभियान चला रही हैं. 

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