History Of Momos: नेपाल नहीं बल्कि इस देश में हुआ था मोमोज का आविष्कार, जानें क्या है इसका इतिहास?
History Of Momos: अक्सर ही लोगों को यह लगता है कि मोमोज का आविष्कार नेपाल में हुआ था. आइए जानते हैं क्या है इसके पीछे का सच.

- मोमोज की शुरुआत तिब्बत में हुई, याक मांस से बनते थे।
- 1950 में तिब्बती शरणार्थियों से नेपाल में हुए लोकप्रिय।
- नेपाल के व्यापारियों ने स्थानीय स्वाद के अनुसार बदला।
- भारत में सिक्किम, दार्जिलिंग से फैलकर हुए मशहूर।
History Of Momos: आज मोमोज पूरे भारत, नेपाल और दक्षिण एशिया के कई हिस्सों में सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाला स्ट्रीट फूड है. दिल्ली के सड़क किनारे लगे ठेलों से लेकर हिमालय क्षेत्र के कैफे तक यह भाप में पके हुए मोमोज लाखों लोगों की पसंद बन चुके हैं. कई लोगों को ऐसा लगता है कि मोमोज की शुरुआत नेपाल में हुई थी लेकिन इनका असली जन्म स्थान कहीं और है. आइए जानते हैं इसी बारे में.
कहां से हुई थी मोमोज की शुरुआत?
मोमोज की शुरुआत असल में तिब्बत में हुई थी. मोमोज शब्द खुद तिब्बती भाषा से आया है और माना जाता है कि इसका मतलब है भाप में पकी हुई रोटी. प्राचीन तिब्बती में मोमोज आमतौर पर याक के मांस से बनाए जाते थे. ऐसा इसलिए क्योंकि याक ठंडे हिमालय क्षेत्र में पाए जाने वाले मुख्य जानवरों में से एक थे.
आज की मसालेदार किस्मों की तुलना में पारंपरिक तिब्बती मोमोज काफी सादे होते थे. उनकी बाहरी परत आमतौर पर मोटी होती थी और उनमें याक या फिर भैंस के मांस की भराई होती थी. इसे प्याज, अदरक और नमक के साथ मिलाया जाता था. तिब्बत में मोमोज काफी ज्यादा मशहूर थे क्योंकि ये पहाड़ों के कठोर मौसम में शरीर को गर्मी और ऊर्जा देते थे.
मोमोज नेपाल कैसे पहुंचे?
1950 के दशक में मोमोज नेपाल में तब मशहूर हुए जब तिब्बत में राजनीतिक अशांति के बाद बड़ी संख्या में तिब्बती शरणार्थी वहां आकर बस गए. जैसे-जैसे तिब्बती समुदाय नेपाल में बसते गए, अपने साथ अपना पारंपरिक भोजन भी ले आए. काठमांडू के नेवार समुदाय के व्यापारियों ने जल्द ही इस रेसिपी को वहां के स्थानीय स्वाद और सामग्री के मुताबिक ढाल लिया.
मोमोज का भारत तक का सफर
नेपाल और तिब्बत से मोमोज धीरे-धीरे हिमालय और पूर्वोत्तर क्षेत्र में रहने वाले प्रवासी समुदायों के जरिए भारत में पहुंचा. यह डिश सबसे पहले सिक्किम और दार्जिलिंग जैसी जगहों पर आम हुई. वहां तिब्बती और नेपाली आबादी काफी ज्यादा थी. आखिरकार मोमोज भारत के बड़े शहरों तक फैल गए.
नाम के पीछे की दिलचस्प कहानी
मोमोज के नाम का इतिहास भी अलग-अलग इलाकों की भाषाओं और संस्कृतियों से गहराई से जुड़ा हुआ है. नेपाल की नेवारी भाषा में मोमो शब्द का मतलब होता है भाप में पकाया गया खाना. वहीं तिब्बत में मोग मोग शब्द का इस्तेमाल आमतौर पर गोल, भरी हुई उन डंपलिंग्स के लिए किया जाता था जो आज के मोमोज जैसी ही होती थी.
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