Qatar Blast In LNG Factory: कतर के रास लफान में स्थित सबसे बड़े एलएनजी प्लांट में रविवार को हुए भयानक धमाके ने दुनिया को दहलाकर रख दिया है. इस दर्दनाक हादसे में 12 भारतीयों समेत 13 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 66 लोग गंभीर रूप से घालय हैं. मलबे में लापता लोगों की अभी भी तलाश की जा रही है. इस भीषण त्रासदी के बाद हर किसी की आंखें नम हैं और देश भर में उन भारतीय कामगारों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं, जो अपने परिवार का पेट पालने के लिए इतनी खतरनाक जगहों पर काम करते हैं. चलिए जानें कि यहां काम करने वाले भारतीयों को कितनी सैलरी मिलती है.

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पद के हिसाब से मिलता है वेतन

कतर के रास लफ्फान गैस संयंत्रों में काम करने वाले भारतीय मूल के कर्मचारियों की सैलरी पूरी तरह से उनके पद, तकनीकी योग्यता और अनुभव के आधार पर तय की जाती है. इस हाई-टेक इंडस्ट्री में काम बेहद जोखिम भरा होता है, इसलिए यहां सुरक्षा मानकों के साथ-साथ सैलरी भी काफी अच्छी दी जाती है. अलग-अलग रिपोर्ट्स की मानें तो इस प्लांट में काम करने वाले कर्मचारियों को मुख्य रूप से दो श्रेणियों में बांटा जाता है, जिसमें तकनीकी विशेषज्ञ और सामान्य कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले कर्मचारी शामिल होते हैं. 

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इंजीनियरों और सुपरवाइजरों की तगड़ी कमाई

प्लांट में काम करने वाले जो भारतीय तकनीकी और पर्यवेक्षी यानी सुपरवाइजरी पदों पर तैनात हैं, उनका वेतन काफी मोटा होता है. इसमें मैकेनिकल सुपरवाइजर, प्लांट इंस्पेक्टर या सीनियर इंजीनियर जैसे महत्वपूर्ण पद शामिल होते हैं. इन पदों पर काम करने वाले भारतीयों को सालाना करीब 75,000 कतरी रियाल से लेकर 1,80,000 कतरी रियाल तक सैलरी मिलती है. अगर भारतीय रुपयों में इसकी गिनती की जाए तो सालाना लगभग 15 लाख से 40 लाख रुपये के बीच बैठता है.

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सामान्य कर्मचारियों का सालाना पैकेज कितना?

तकनीकी विशेषज्ञों के अलावा गैस प्लांट में बहुत बड़ी संख्या नें ऐसे भारतीय भी काम करते हैं, जो सपोर्ट स्टाफ या कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी के रूप में जुड़े रहते हैं. इसमें मुख्य रूप से स्टोर कीपर, सेफ्टी ऑफिसर या फिर परमिट होल्डर जैसे पद होते हैं. इन कर्माचारियों को सालाना करीब 30,000 कतरी रियाल से लेकर 75,000 कतरी रियाल के बीच भुगतान किया जाता है. भारतीय मुद्रा के अनुसार इन कर्मचारियों की सालाना कमाई करीब सात लाख रुपये से 15 लाख रुपये के बीच होती है.

एलएनजी जैसे प्लांट में काम करना कितना जोखिम भरा?

कतर का एलएनजी प्लांट दुनिया के सबसे बड़े ऊर्जा केंद्रों में से एक है, जहां काम करने की परिस्थितियां बहुत कठिन और चुनौतीपूर्ण होती हैं. अत्यधिक तापमान और गैस रिसाव जैसी आपातकालीन स्थितियों का खतरा हमेशा बना रहता है. भारतीय मजदूर और पेशेवर यहां मिलने वाले अच्छे वेतन और भत्तों के आकर्षण में जान जोखिम में डालकर सालों-साल काम करते हैं. 

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