Microsoft Salary: माइक्रोसॉफ्ट ने लगभग 60,000 कर्मचारियों को अपनी मर्जी से नौकरी छोड़ने का ऑप्शन दिया है. इसके तहत कर्मचारियों के ग्रेड के आधार पर उन्हें एक बार में 1 साल के वेतन के बराबर तक की राशि दी जा सकती है. कंपनी ऐसा अपने कर्मचारियों की संख्या को कम करने और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और दूसरे सिस्टम विकसित करने में आने वाले खर्चो की भरपाई के लिए कर रही है. माइक्रोसॉफ्ट के पास दुनिया भर में 2,23,000 कर्मचारी हैं जिनमें से लगभग 23,000 भारत में काम करते हैं. 

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इसी बीच आइए जानते हैं कि भारत में माइक्रोसॉफ्ट के कर्मचारी कितनी सैलरी कमाते हैं. जानें इस बारे में पूरी जानकारी.

भारत में माइक्रोसॉफ्ट के कर्मचारी कितना कमाते हैं? 

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माइक्रोसॉफ्ट काफी अच्छा वेतन पैकेज देता है. खासकर सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी से जुड़े पदों के लिए. एम्बिशनबॉक्स और ग्लासडोर जैसे प्लेटफार्म पर दी गई जानकारी से अलग-अलग पदों के लिए मिलने वाले सालाना वेतन का अंदाजा लगाया जा सकता है. 

प्रेशर या फ्री एंट्री लेवल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर सालाना ₹20 लाख से ₹33 लाख तक कमा सकते हैं. सीनियर सॉफ्टवेयर इंजीनियरों को सालाना लगभग ₹50 लाख से ₹80 लाख तक मिल सकते हैं. डेटा एनालिस्ट सालाना ₹12 लाख से ₹25 लाख तक कमाते हैं और टेक्निकल सपोर्ट इंजीनियरों को लगभग ₹9.5 लाख से ₹15 लाख तक मिलते हैं.  वेतन के उच्च स्तर पर प्रिंसिपल सॉफ्टवेयर इंजीनियर सालाना एक करोड़ से भी ज्यादा कमा सकते हैं. 

अनुभव का भी वेतन पर असर पड़ता है 

माइक्रोसॉफ्ट इंडिया में वेतन तय करने में कर्मचारियों का अनुभव भी एक बहुत बड़ी वजह है. 1 से 3 साल के अनुभव वाले कर्मचारी सालाना लगभग ₹22 लाख से ₹27 लाख तक कमाते हैं. 10 साल से ज्यादा अनुभव वाले कर्मचारियों के लिए कंपनी की तरफ से दिया जाने वाला औसत सालाना पैकेज लगभग ₹42 लाख से ₹53 लाख के बीच होता है.

माइक्रोसॉफ्ट के वेतन पैकेज में क्या-क्या शामिल है? 

माइक्रोसॉफ्ट द्वारा दिया जाने वाला कुल वेतन सिर्फ उस मासिक सैलरी तक सीमित नहीं है जो कर्मचारी के बैंक खाते में आती है. इसमें फिक्स्ड पे, जॉइनिंग इंसेंटिव, कंपनी के शेयर और परफॉर्मेंस से जुड़े भुगतान शामिल हो सकते हैं.

बेसिक या फिर फिक्स्ड सैलरी, कंपनसेशन का मुख्य और नियमित हिस्सा होती है. इसके अलावा कुछ कर्मचारियों को कंपनी से जुड़ने पर साइनिंग बोनस भी दिया जाता है. यह एक बार मिलने वाला भुगतान है जिसकी औसत राशि लगभग ₹3 लाख बताई जाती है.

एक और जरूरी हिस्सा स्टॉक या इक्विटी के रूप में मिलने वाला कंपनसेशन है. यह आमतौर पर रिस्ट्रिक्टेड स्टॉक यूनिट्स के जरिए दिया जाता है. कर्मचारियों को माइक्रोसॉफ्ट के शेयर मिलते हैं जो एक तय समय के बाद उनके हो जाते हैं. सीनियर लेवल के कर्मचारियों के मामले में स्टॉक का हिस्सा उनकी बेसिक सैलरी से भी ज्यादा हो सकता है. 

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सैलरी के आंकड़े को समझना 

कर्मचारियों की कुल संख्या, प्रस्तावित वॉलंटरी सेपरेशन प्रोग्राम को समझने के लिए एक जरिया देता है. लगभग 60000 कर्मचारियों को दिया गया यह प्रस्ताव पूरी कंपनी के स्तर का है जबकि भारत के लिए दिए गए आंकड़े देश में काम कर रहे हैं कर्मचारियों की संख्या को बताते हैं. 

सैलरी की तुलना करते वक्त फिक्स्ड सालाना वेतन और कुल कंपनसेशन के बीच के अंतर पर ध्यान देना जरूरी है. जिस पैकेज में साइनिंग बोनस, आरएसयू और परफॉर्मेंस बोनस शामिल हो उसकी कुल वैल्यू सिर्फ फिक्स्ड सैलेरी से काफी अलग हो सकती है. कर्मचारियों के बैंक खाते में आने वाली रकम उनके कुल कंपनसेशन से अलग हो सकती है.

सालाना सैलरी का अनुमानित औसत दायरा ₹22.8 लाख से ₹34.4 लाख है. यह एक बड़ी तस्वीर पेश करता है जबकि किसी खास भूमिका से जुड़े आंकड़े ज्यादा साफ तुलना करने में मदद करते हैं. फिक्स्ड पे पूरे पैकेज का सिर्फ एक हिस्सा है. बोनस और इक्विटी मिलने से कुल कंपनसेशन और भी बढ़ सकता है.

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