Meerut Blue Drum Case: अपने पति सौरभ राजपूत से जुड़े हत्या के मामले में मौत की सजा सुनाए जाने के बाद मुस्कान अपने कानूनी विकल्प तलाश रही है. मुंबई के सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर फैजान अंसारी ने उनकी 10 महीने की बेटी मन्नत की परिवेश की जिम्मेदारी लेने की पेशकश की है. 

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अंसारी ने मीडिया के सामने यह साफ किया है कि वह बच्चे को गोद नहीं लेना चाहते हैं. इसके बजाय उन्होंने शिक्षा, चिकित्सा देखभाल, पालन पोषण और शादी सहित खर्चों को कवर करने की पेशकश की है. इसी बीच आइए जानते हैं कि भारत में गोद लेने का प्रोसेस क्या है और क्या कहते हैं नियम.

सहमति और पारिवारिक अधिकार 

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कानून के मुताबिक किसी बच्चे को मां की सहमति के बिना किसी तीसरे पक्ष को नहीं सौंपा जा सकता. इस वजह से मुस्कान की सहमति उसकी बेटी की देखभाल के बारे में किसी भी फैसले के केंद्र में है. जानकारी है भी कहती है कि माता और पिता दोनों पक्षों के रिश्तेदारों के पास कस्टडी का प्राथमिक दावा है. अगर दोनों तरफ से कोई रिश्तेदार बच्चे की देखभाल करने को राजी है और मां सहमति देती है तो बच्चे को परिवार के उस सदस्य को सौंपा जा सकता है.  बताया गया है कि सौरभ के परिवार ने कस्टडी लेने से इनकार कर दिया है. 

जेल में बंद मां के साथ रहने वाले बच्चों के लिए नियम 

संवेदनशील मामलों में किसी बच्चे को आमतौर पर 3 साल की उम्र से पहले किसी बाहरी पक्ष को सौंपने के लिए जेल में बंद मां से अलग नहीं किया जाता है. एक बच्चा सिर्फ 6 साल की उम्र तक कैद मां के साथ रह सकता है. इसके बाद जिला बाल कल्याण समिति और जिला मजिस्ट्रेट कानून के मुताबिक पुनर्वास या फिर शेल्टर होम में रखने का फैसला लेते हैं. 

अगर अधिकारी अंसारी को फाइनेंशियल स्पॉन्सरशिप देने की मंजूरी देने पर विचार करते हैं तो उनकी क्षमता का आकलन किया जाएगा. प्रस्तावित समीक्षा में बैंक विवरण और इनकम टैक्स रिटर्न शामिल हो सकते हैं. ऐसा इसलिए ताकि यह मूल्यांकन किया जा सके कि क्या वह बच्चे की जरूरत को सही में पूरा कर सकता है और उसकी रक्षा कर सकता है. 

भारत में कानूनी तौर पर कौन गोद ले सकता है?

रिपोर्ट्स के मुताबिक कानूनी गोद लेना मुख्य रूप से केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण ढांचे और किशोर न्याय अधिनियम द्वारा शासित होता है. एक विवाहित जोड़े को दोनों की सहमति होनी चाहिए और उनकी शादी कम से कम 2 साल तक चली होनी चाहिए. एक अकेली महिला किसी लड़के या फिर लड़की को गोद ले सकती है और एक अकेला पुरुष सिर्फ एक लड़के को गोद ले सकता है और वह लड़की को गोद लेने के लिए पात्र नहीं है. 

भावी माता-पिता के लिए उम्र की सीमा 

0 से 2 साल की उम्र के बच्चों के लिए एक विवाहित जोड़े की संयुक्त आयु 85 साल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए और एकल माता-पिता की उम्र 40 साल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए.  2 से 4 साल की उम्र के बच्चों के लिए संयुक्त सीमा 90 साल है और एकल माता-पिता की सीमा 45 साल है.

4 से 8 साल की उम्र के बच्चों के लिए संयुक्त आयु सीमा 100 साल है और एकल माता-पिता की सीमा 50 साल है. 8 से 18 साल की उम्र के बच्चों के लिए युगल के लिए संबंधित सीमा 110 साल और एकल माता-पिता के लिए 55 साल है. जानकारी दत्तक माता-पिता या माता-पिता और बच्चे के बीच कम से कम 25 साल की उम्र का अंतर भी होना चाहिए. 

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स्वास्थ्य, वित्त और मौजूदा बच्चे 

भावी दत्तक माता-पिता को शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ और गंभीर या फिर जीवन घातक बीमारियों से मुक्त होना चाहिए. बच्चों के पालन पोषण, शिक्षा और स्वास्थ्य देखभाल के लिए उनके पास ठीक-ठाक वित्तीय स्थिरता भी होनी चाहिए. जिन जोड़ों के पास पहले से ही तीन या फिर ज्यादा बच्चे हैं वह दिए गए मानदंडों के तहत आमतौर पर विकासशील, स्वस्थ बच्चों के बजाय सिर्फ स्पेशल नीड या बड़े बच्चों को गोद लेने के पात्र हैं.

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