पुलिस में भर्ती होकर एल मेंचो कैसे बना ड्रग लॉर्ड? पढ़ें क्राइम जगत के बेताज बादशाह की कहानी
17 जुलाई 1966 वह तारीख थी, जब मेक्सिको के मिचोआकान राज्य के एक छोटे से गरीब गांव नारंजो दे चिला में एल मेंचो का जन्म हुआ, जिसका पूरा नाम नेमेसियो रूबेन ओसेगेरा सर्वांतेस था.

उसने इस दुनिया को जब पहली बार देखा तो खुद को गरीब परिवार में पाया. उम्र खुद को संभालने लायक हुई तो वह खेती में झोंक दिया गया. जहां पहली बार उसका वास्ता अफीम और मारिजुआना से पड़ा. जवानी की दहलीज पर कदम रखकर वह डंकी रूट से अमेरिका पहुंचा, लेकिन किस्मत ने उसका साथ नहीं दिया. वह पकड़ा गया और दोबारा उसी सरजमीं पर भेज दिया गया, जहां से निकलने की जद्दोजहद में वह लगा था. ड्रग तस्करी की दुनिया को करीब से देखने के बाद वह पुलिस में भर्ती हो गया और जब वहां से निकला तो अपना कार्टेल बना लिया.
यह कहानी किसी फिल्म की नहीं, बल्कि उस एल मेंचो की है, जिसे दुनिया ड्रग लॉर्ड के नाम से जानती है. उसकी मौत की खबर के बाद मेक्सिको के कई इलाके जल रहे हैं. आइए जानते हैं कि कौन था एल मेंचो और पुलिस में भर्ती होकर वह ड्रग लॉर्ड कैसे बन गया? पढ़ें क्राइम जगत के बेताज बादशाह की जिंदगी का एक-एक पन्ना.
कौन था एल मेंचो?
17 जुलाई 1966 वह तारीख थी, जब मेक्सिको के मिचोआकान राज्य के एक छोटे से गरीब गांव नारंजो दे चिला में एल मेंचो का जन्म हुआ, जिसका पूरा नाम नेमेसियो रूबेन ओसेगेरा सर्वांतेस था. उसका गरीब परिवार एवोकाडो के खेतों में काम करके जिंदगी गुजार रहा था. एल मेंचो को पढ़ाई के लिए भेजा गया तो वह सिर्फ प्राइमरी स्कूल तक ही कॉपी-किताबों का साथ निभा सका और इसके बाद खेतों में मजदूरी करने लग गया. जिन खेतों में वह काम करता था, वे कोई आम खेत नहीं, बल्कि अफीम और मारिजुआना के अड्डे थे. बस यहीं से एल मेंचो की जिंदगी का ताना-बाना क्राइम की दुनिया के साथ बंध गया.
किस्मत तराशने पहुंचा अमेरिका
महज 14 साल की उम्र में जब बच्चे अपना भला-बुरा अच्छी तरह नहीं समझ पाते हैं, तब एल मेंचो अवैध रूप से अमेरिका पहुंच चुका था. मकसद तो किस्मत तराशना था, लेकिन मंजिल की तलाश में उसकी राह ड्रग तस्करी से जुड़ गई. वह अमेरिका में हेरोइन और मेथ की डीलिंग करने लगा. 1986 में उसे चोरी का सामान और हथियार रखने के आरोप में पहली बार गिरफ्तार किया गया और यहीं से उसके कदम जुर्म की दुनिया में धंसते चले गए.
जब मेक्सिको डिपोर्ट किया गया एल मेंचो
पुलिस के पंजे से निकलने के बाद भी एल मेंचो की जिंदगी में कोई बदलाव नहीं आया. वह कैलिफोर्निया छोड़कर सैन फ्रांसिस्को चला गया, लेकिन ड्रग तस्करी का काम करता रहा. इसका नतीजा यह हुआ कि 1992 में वह दोबारा गिरफ्तार हुआ और उसे तीन साल जेल की सजा सुनाई गई. सजा काटने के बाद उसका प्लान अमेरिका में ही टिकने का था, लेकिन अमेरिकी सरकार ने उसके मंसूबों पर पानी फेर दिया और उसे मेक्सिको डिपोर्ट कर दिया गया.
पुलिस से बचने के लिए निकाला गजब तोड़
बचपन से ही जुर्म की दुनिया की पढ़ाई कर रहा एल मेंचो इतना शातिर हो चुका था कि उसने पुलिस से बचने का नया रास्ता निकाल लिया. वह जलिस्को राज्य की पुलिस में भर्ती हो गया. इसके बाद उसने कैबो कोरिएंटेस और तोमाट्लान जैसे छोटे शहरों में सेवाएं दीं. मेंचो की पुलिस वाली जिंदगी ज्यादा लंबी नहीं चली, लेकिन उसने कानून व्यवस्था की कमजोरियां जान लीं. यह पता कर लिया कि घूस का सिस्टम कैसे चलता है? पुलिस कैसे काम करती है और अपराधियों के खिलाफ ऑपरेशन कैसे अंजाम दिए जाते हैं? इसके बाद वह अपराध की दुनिया पर छाने की तैयारी करने लगा.
पहले क्राइम की दुनिया में एंट्री, फिर बने 'बादशाह'
पुलिस की नौकरी छोड़ने के बाद एल मेंचो ने मिलेनियो कार्टेल में एंट्री ली, जो सिनालोआ कार्टेल का हिस्सा था. यहां उसने हिटमैन (कातिल), बॉडीगार्ड और एनफोर्सर (कंट्रोल करने वाला) के रूप में काम किया. क्राइम की दुनिया में मेंचो इतना क्रूर और शातिर था कि वह तेजी से तरक्की करने लगा और गैंग के खास लोगों में शामिल हो गया. साल 2007 से 2009 का दौर ऐसा था, जिसने एल मेंचो की किस्मत बदल दी. दरअसल, उस दौरान मिलेनियो कार्टेल में झगड़े होने लगे. ऐसे में कुछ बॉस मारे गए या पकड़े गए. एल मेंचो ने अपने साथी एरिक वेलेंसिया सालाजार (एल 85) के साथ मिलकर नया कार्टेल बनाया और इसका नाम जलिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल (CJNG) रखा.
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कैसे काम करता था एल मेंचो का CJNG?
एल मेंचो के CJNG ने तेजी से फैलना शुरू किया. उसका गैंग कोकीन, हेरोइन, मेथ और खासकर फेंटानिल की तस्करी में माहिर था. फेंटानिल अमेरिका में ओपिओइड क्राइसिस का बड़ा कारण बना. CJNG ने मेक्सिको के कई राज्यों पर कब्जा किया. यह गैंग एक्सटॉर्शन (वसूली), फ्यूल चोरी और हिंसा के लिए मशहूर था. गैंग में शामिल बदमाश विरोध करने वालों को बेरहमी से कत्ल करके वीडियो बनाते और डर फैलाते थे. 2016 में जब सिनालोआ कार्टेल का सरगना एल चापो गिरफ्तारी हुआ तो CJNG मेक्सिको का सबसे ताकतवर कार्टेल बन गया और एल मेंचो ने इसे दुनिया के सबसे खतरनाक संगठनों में से एक बना दिया.
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Source: IOCL
























