रूस दुनिया का सबसे बड़ा देश है जो दो महाद्वीपों यूरोप और एशिया में फैला हुआ है. भौगोलिक दृष्टि से यूराल पर्वत और यूराल नदी इन दोनों महाद्वीपों की सीमा रेखा तय करते हैं. यही वजह है कि रूस  को अंतरमहाद्वीपीय राष्ट्र कहा जाता है. हालांकि रूस का अधिकांश भूभाग एशिया में आता है, लेकिन यहां के अधिकांश जनसंख्या यूरोप वाले हिस्से में रहती है. राजधानी मास्को यूरोपीय हिस्से में ही स्थित है. 

यूरोप में बसे रूस के प्रमुख शहर 

रूस का पश्चिमी भाग यूरोप में आता है और यहां देश के सबसे बड़े और घनी आबादी वाले शहर बसे हुए हैं इनमें- 

  • मास्को. मास्को रूस की राजधानी और यूरोप का दूसरा सबसे बड़ा शहर है. 
  • सेंट पीटर्सबर्ग. यह रूस का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक केंद्र हैं जो यूरोप में बसा हुआ है. इनके अलावा निझनी नोवगोरोद, कजान और रोस्‍तोव ऑन डॉन भी यूरोप में आते हैं.  यही क्षेत्र रूस का राजनीतिक, सांस्कृतिक और आर्थिक केंद्र माना जाता है. 

एशिया में बसे रूस के शहर 

यूराल पर्वत पर करते ही रूस का एशियाई भाग शुरू हो जाता है जिसे आमतौर पर साइबेरिया कहा जाता है. यहां जनसंख्या कम है लेकिन क्षेत्रफल बहुत विशाल है. ‌एशिया में बसे रूस के शहर नोवोस‍िबिर्स्‍क, ओम्‍स्‍क, समारा, व्‍लाद‍िवोस्‍तोक, इर्कुत्‍स्क है. यह शहर रूस के एशियाई हिस्से की पहचान है और भूगोल, संस्कृति तथा परंपरा में यूरोपीय रूस से काफी अलग है. 

सीमा पर बसे शहर 

कुछ शहर ऐसे भी हैं जो यूरोप और एशिया की सीमा यानी यूराल पर्वत के आसपास बसे हैं. उदाहरण के लिए येकातेर‍िनबर्ग, चेल्‍याब‍िंस्‍क यह शहर दो महाद्वीपों के बीच बसे शहर कहे जाते हैं. क्योंकि इनकी भौगोलिक स्थिति दोनों हिस्सों को जोड़ती है.  इस तरह देखा जाए तो रूस का चेहरा दो हिस्सों में बंटा हुआ है. यूरोपीय रूस में बड़े और आधुनिक शहर है जबकि एशियाई रूस अपने विशाल भूभाग, ठंडा मौसम और प्राकृतिक संसाधनों के लिए जाना जाता है.  यही वजह है कि रूस न केवल एशिया का बल्कि यूरोप का भी अहम हिस्सा माना जाता है.

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