Indian Army New CDS: कितना अहम होता है चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ, जानें कितने प्रमोशन के बाद मिलता है यह पद?
Indian Army New CDS: सीडीएस जनरल अनिल चौहान का कार्यकाल 30 मई 2026 को समाप्त हो रहा है, जिसके बाद एन.एस. राजा सुब्रमणि उनकी जगह यह अहम जिम्मेदारी संभालेंगे.

Indian Army New CDS:: भारत सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि को देश का अगला चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ नियुक्त करने का फैसला किया है. मौजूदा सीडीएस जनरल अनिल चौहान का कार्यकाल 30 मई 2026 को समाप्त हो रहा है, जिसके बाद एन.एस. राजा सुब्रमणि यह जिम्मेदारी संभालेंगे. इसके साथ ही वह सैन्य मामलों के विभाग के सचिव के रूप में भी कार्य करेंगे.
देश के सर्वोच्च सैन्य पद माने जाने वाले सीडीएस को लेकर लोगों के मन में भी कई सवाल रहते हैं कि आखिर यह पद कितना अहम होता है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ का पद कितना अहम होता है और यह पद कितने प्रमोशन के बाद मिलता है..
कौन है एन.एस. राजा सुब्रमणि?
लेफ्टिनेंट जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारियों में गिने जाते हैं. वह 1 सितंबर 2025 से राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय में सैन्य सलाहकार के रूप में कार्य कर रहे हैं. इससे पहले वह जुलाई 2024 से जुलाई 2025 तक थल सेना के उप प्रमुख रहे. मार्च 2023 से जून 2024 तक उन्होंने मध्य कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ की जिम्मेदारी भी संभाली. सैन्य रणनीति और ऑपरेशनल एक्सपीरियंस के कारण उन्हें सेना का एक्सपीरियंस्ड अधिकारी माना जाता है.
क्या होता है चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ?
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ यानी सीडीएस भारतीय सशस्त्र बलों का सर्वोच्च सैन्य अधिकारी होता है. यह पद सेना, नौसेना और वायु सेना के बीच बेहतर तालमेल बनाने के लिए बनाया गया था. सीडीएस रक्षा मंत्री के प्रमुख सैन्य सलाहकार के रूप में काम करता है और तीनों सेना से जुड़े अहम मामलों पर सरकार को सलाह देता है. हालांकि सीडीएस किसी एक सेना का कमांडर नहीं होता है और न ही वह सीधे-सीधे तीनों सेनाओं को आदेश देता है, लेकिन तीनों सेनाओं के बीच समन्वय, संयुक्त ऑपरेशन, रक्षा खरीद और सैन्य आधुनिकीकरण में उसकी बड़ी भूमिका होती है.
कब बनाया गया था सीडीएस का पद?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2019 को लाल किले से दिए गए भाषण में सीडीएस पद बनाने की घोषणा की थी. इसके बाद दिसंबर 2019 में सेना के नियमों में बदलाव कर यह पद बनाया गया था. 1 जनवरी 2020 को जनरल बिपिन रावत देश के पहले सीडीएस बने थे. जनरल बिपिन रावत का दिसंबर 2021 में हेलीकॉप्टर हादसे में निधन हो गया, इसके बाद यह पद कुछ समय तक खाली रहा और फिर सितंबर 2022 में जनरल अनिल चौहान को दूसरा सीडीएस नियुक्त किया गया. वहीं अब एन.एस. राजा सुब्रमणि देश के तीसरे सीडीएस होंगे.
सीडीएस बनने के लिए कितने प्रमोशन जरूरी?
सीडीएस का पद सेना में बहुत वरिष्ठ अधिकारियों को दिया जाता है. आमतौर पर सेना में अधिकारी लेफ्टिनेंट से शुरुआत करता है और कई प्रमोशन के बाद लेफ्टिनेंट जनरल, एयर मार्शल या वाइस एडमिरल रैंक तक पहुंचता है. पहले केवल चार स्टार रैंक के सेना प्रमुख ही सीडीएस बनने के पात्र थे, लेकिन 2022 में नियमों में बदलाव किया गया. अब सेवारत या सेवानिवृत तीन स्टार और चार स्टार अधिकारी भी सीडीएस बन सकते हैं. हालांकि, इसके लिए शर्त यह है कि नियुक्ति के समय उनकी उम्र 62 वर्ष से कम हो. इसका मतलब है कि अधिकारी को लेफ्टिनेंट, कैप्टन, मेजर, लेफ्टिनेंट कर्नल, कर्नल, ब्रिगेडियर, मेजर जनरल और फिर लेफ्टिनेंट जनरल जैसे कई प्रमोशन पार करने होते हैं. इसके बाद वह सीडीएस पद की दौड़ में शामिल हो सकता है.
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