Jharkhand Student Protest: NEET पेपर लीक के बाद दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों का एक बड़ा आंदोलन पूरे देश ने देखा था. ठीक वैसा ही एक और आंदोलन इस समय झारखंड की राजधानी रांची में देखने को मिल रहा है. झारखंड लोक सेवा आयोग JPSC और JSSC परीक्षाओं में हुई धांधली, भ्रष्टाचार और पेपर लीक के खिलाफ हजारों छात्र रांची की सड़कों पर उतर आए हैं. रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहा यह धरना प्रदर्शन अब एक बहुत बड़े आंदोलन का रूप ले चुका है. लेकिन, दूर से दिल्ली के जंतर-मंतर जैसा दिखने वाला यह आंदोलन असल में दिल्ली के प्रदर्शनों से बहुत अलग है. आइए जानते है कैसे?

Continues below advertisement

दिल्ली के जंतर मंतर से अलग प्रोटेस्ट

झारखंड के छात्रों का यह आंदोलन दिल्ली के जंतर मंतर के छात्र आंदोलन से बिल्कुल अलग है. क्योंकि इस आंदोलन में छात्र और अभ्यर्थी शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर सरकार से परीक्षा को रद्द करने की मांग कर रहे हैं. साथ ही इस आंदोलन में बच्चे कोई हिंसक प्रदर्शन नहीं कर रहे. जिस तरह से दिल्ली में मीडिया और पुलिसकर्मियों पर छात्रों के द्वारा हमला किया गया. इस तरह की कोई तस्वीर झारखंड आंदोलन में देखने को नहीं मिली है. भारी बारिश और भीगे हुए टेंटों के बावजूद छात्र रात-रात भर सड़कों पर डटे हुए हैं. छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं, जिससे सरकार पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है. 

यह भी पढ़ेंः ये है दुनिया का ऐसा अनोखा शहर जहां मरना मना, सरकार ने लगा रखा है बैन

Continues below advertisement

क्या है छात्रों की मांगें?

झारखंड के 24 जिलों से आए इन युवाओं का गुस्सा किसी एक परीक्षा को लेकर नहीं, बल्कि पूरी भर्ती व्यवस्था में फैले भ्रष्टाचार और धांधली को लेकर है. छात्रों की सबसे बड़ी मांग है कि 19 अप्रैल को आयोजित की गई 14वीं JPSC कंबाइंड सिविल सर्विसेज प्रारंभिक परीक्षा को तुरंत रद्द किया जाए. छात्रों का आरोप है कि इस परीक्षा के नतीजों में भारी गड़बड़ी और ओएमआर शीट में हेरफेर की गई है. वर्तमान में इस मामले की जांच राज्य की सीआईडी CID कर रही है. लेकिन छात्रों ने इस जांच को अधूरा बताते हुए खारिज कर दिया है. 

उनकी मांग है कि इस पूरे घोटाले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो CBI, प्रवर्तन निदेशालय ED या राज्य के बाहर के हाई कोर्ट के रिटायर्ड जजों के स्वतंत्र पैनल से कराई जाए. साथ ही आरोप यह भी है पैसे लेकर इस परीक्षा में अभ्यर्थियों को सीट बेची गईं हैं, जिससे झारखंड के बाहर के अभ्यर्थियों को इस परिक्षा में सीटें मिल गई, जिसके लिए 50 लाख से 1 करोड़ रुपए तक की रकम ली गई है.

यह भी पढ़ेंः दुनिया के कितने देशों पर चीन का कर्ज, कहां-कहां दिया उधार?