Israel Iran War: इजरायल का अपने पड़ोसी देशों के साथ झगड़ा खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है, अब एक बार फिर इजरायल ने ईरान पर बड़ा हमला किया है. बताया जा रहा है कि इस हमले में इजरायल ने ईरान के परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया है, जिसमें काफी ज्यादा नुकसान भी हुआ है. अब ईरान की सेना ने इस हमले का बदला लेने का ऐलान कर दिया है, जिससे एक बार फिर बड़े युद्ध की आहट सुनाई देने लगी है. हालांकि इजरायल को मात दे पाना काफी मुश्किल है और उसके पास एक खास सुरक्षा कवच है, जिससे वो हर बार हमले से बच जाता है. यहां तक कि इजरायल परमाणु हमले से भी बच सकता है. 

बेहद सुरक्षित है इजरायल की सीमाइजरायल ने अपनी सीमा पर ऐसा एयर डिफेंस सिस्टम तैनात किया है, जिसे भेद पाना बेहद मुश्किल है. ये हजारों मिसाइलों को हवा में ही मार गिराने की क्षमता रखता है. इस सिस्टम का नाम आयरन डोम एंटी मिसाइल डिफेंस सिस्टम है, जिसका जिक्र आपने कई बार सुना होगा. इजरायल का कहना है कि ये डिफेंस सिस्टम 90 फीसदी मामलों में कारगर साबित होती है. 

लाखों डॉलर खर्च करके बनाया कवचइजरायल को पता है कि वो चारों तरफ से दुश्मनों से घिरा हुआ है, यही वजह है कि उसने अपने बचाव के लिए खास हथियार और डिफेंस सिस्टम तैयार किया. इसे बनाने के लिए इजरायल ने लाखों डॉलर खर्च कर दिए, लेकिन आज इसी की बदौलत वो दुश्मन के हर हमले से बच जाता है. हर एक इंटरसेप्टर मिसाइल की कीमत करीब 1.5 लाख डॉलर के करीब बताई गई है. 

कैसे काम करता है आयरन डोम?दुनिया के बाकी तमाम एयर डिफेंस सिस्टम की तरह आयरन डोम भी हवा में दुश्मन की मिसाइलों या फिर फाइटर प्लेन को खत्म करने के लिए बनाया गया है. ये सिस्टम खुद ही पता लगा लेता है कि कौन से मिसाइल रिहायशी इलाकों में गिरने वाले हैं, बाकी जिन मिसाइलों से नुकसान नहीं होता है ये उन्हें हिट नहीं करता है. यही इसकी खासियत है और इससे पैसे की भी बचत होती है. यानी मिसाइल तभी फायर होगी, जब डिफेंस सिस्टम को ये पता लगेगा कि ये लोगों को नुकसान पहुंचा सकती है.

परमाणु हमले का भी तोड़?एक्सपर्ट्स का मानना है कि इजरायल का ये डिफेंस सिस्टम काफी सफल है, लेकिन अगर हमला काफी तेजी से हो और हजारों मिसाइलें एक साथ दागी जाएं तो ये सिस्टम उस तरह काम नहीं कर पाएगा. बैलिस्टिक और सुपरसोनिक मिसाइलों के खिलाफ ये काम नहीं कर पाएगा, इनसे निपटने के लिए इजरायल के पास एरो-3 और THAAD जैसे डिफेंस सिस्टम हैं. 

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