गुजरात के इस शहर में भी है धौलाकुआं, क्या यहां भी बनाया गया था सफेद कुआं?
रिकॉर्ड में गुजरात के धौलाकुआं गांव में किसी ऐतिहासिक सफेद कुएं का उल्लेख नहीं मिलता है, जैसा कि दिल्ली के धौलाकुआं इलाके से जुड़ा है. दिल्ली में धौलाकुआं का नाम एक पुराने कुंए से जुड़ा माना जाता है.

दिल्ली में स्थित धौला कुआं के बारे में तो आप सभी जानते ही होंगे. दिल्ली का धौला कुआं एक तरफ अपनी ऐतिहासिक कहानियाें से जुड़ा हुआ है तो दूसरी तरफ यह आज के समय में दिल्ली का सबसे जरूरी ट्रैफिक जंक्शन भी बन चुका है. वहीं आमतौर पर धौलाकुआं का नाम सुनते ही लोगों के मन में सफेद पत्थरों से बना वह पुराना कुआं आ जाता है, जिसके बारे में कहा जाता है कि उसी से दिल्ली के धौलाकुआं इलाके का नाम पड़ा था. लेकिन क्या आप जानते हैं कि गुजरात में भी धौलाकुआं नाम की एक जगह मौजूद है. दरअसल कई लोग नहीं जानते हैं, लेकिन गुजरात के एक जिले में धौलाकुआं नाम की जगह मौजूद है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि गुजरात के कौन से शहर में धौलाकुआं है और क्या और क्या वहां भी सफेद कुआं बनाया गया था.
गुजरात में कहां है धौलाकुआं?
गुजरात में धोलाकुवा नाम का गांव राज्य की राजधानी गांधीनगर में स्थित है, यह गांव मानसा तालुका में आता है और जिला मुख्यालय से करीब 21 किलोमीटर दूर है. बताया जाता है कि इस गांव का डाकघर मानसा में है. वहीं यह गांव आसपास के परबतपुरा, इतला, सोभासन और रम्पुरा जैसे गांवों से गिरा हुआ है. आपको बता दें कि मानसा गांधीनगर, कलोल और विजापुर इस गांव के नजदीकी शहर पड़ते हैं.
क्या गुजरात के धोलाकुवा में भी है कोई सफेद कुआं?
जिस तरह से दिल्ली का धौलाकुआं सफेद कुंंए से जुड़ा बताया जाता है. उस तरह से गुजरात के धोलाकुवा गांव से किसी ऐतिहासिक सफेद कुएं की जानकारी नहीं मिलती है. दरअसल दिल्ली में धौलाकुआं का नाम एक पुराने कुंए से जुड़ा माना जाता है, वहीं गुजरात के इस गांव के नाम को लेकर ऐसी कोई स्पष्ट जानकारी मौजूद नहीं है. इसके अलावा दिल्ली का धौलाकुआं जहां इतिहास और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ा हुआ माना जाता है. वहीं गुजरात का धोलाकुवा एक ग्रामीण क्षेत्र के रूप में अपनी अलग पहचान रखता है. दोनों जगह के नाम मिलते जुलते जरूर है, लेकिन गुजरात के इस गांव में दिल्ली जैसे सफेद कुंए की जानकारी सामने नहीं आती है.
कितनी है गुजरात के धोलाकुवा की जनसंख्या?
2011 की जनगणना के अनुसार धोलाकुवा गांव की कुल आबादी 4,042 है. यहां 820 परिवार रहते हैं, वहीं गांव में 2,122 पुरुष और 1,920 महिलाएं है. इस गांव की साक्षरता दर करीब 76 प्रतिशत दर्ज की गई है, जिसमें पुरुष साक्षरता 88 प्रतिशत से ज्यादा और महिला साक्षरता लगभग 62 प्रतिशत है. इस गांव में अनुसूचित जाति की आबादी करीब 1.8 प्रतिशत और अनुसूचित जनजाति की आबादी 0.4 प्रतिशत है. वहीं गांव की कामकाजी आबादी बड़ी संख्या में कृषि से जुड़ी है, जिनमें किसान और मजदूर शामिल हैं.
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