एक्सप्लोरर

अमेरिका जैसी महाशक्ति के सामने कैसे डटा है ईरान, जानें कैसे मदद कर रहे रूस और चीन?

अमेरिका के दबाव के बावजूद ईरान अपनी रणनीति, प्रॉक्सी नेटवर्क और रूस-चीन के समर्थन से मजबूत बना हुआ है. आइए जानें कि रूस और चीन, ईरान की किस-किस तरह से मदद कर रहे हैं.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • ईरान ने सीधे टकराव से बचकर असमान युद्ध की रणनीति अपनाई है.
  • ईरान हॉर्मुज स्ट्रेट बाधित कर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर डालता दबाव.
  • ईरान प्रॉक्सी नेटवर्क व रूस-चीन से सैन्य, आर्थिक मदद लेता है.
  • ईरान, रूस, चीन मिलकर 'Axis of Evasion' से अमेरिकी प्रतिबंध से बचते हैं.

ईरान और अमेरिका के बीच टकराव कोई नया नहीं है, लेकिन 2026 में हालात और जटिल हो गए हैं. सीधे सैन्य मुकाबले से बचते हुए ईरान ने ऐसी रणनीति अपनाई है, जिससे वह अमेरिका जैसी ताकत के सामने टिके रहने में सफल दिख रहा है. इसमें उसकी अपनी सैन्य नीति के साथ-साथ रूस और चीन का अहम योगदान भी शामिल है. आइए जानें कि ईरान अमेरिका के सामने इतने दिन से कैसे टिका हुआ है.

सीधी टक्कर नहीं अलग है रणनीति

ईरान ने अमेरिका से सीधे युद्ध की बजाय असमान युद्ध यानी असिमेट्रिक रणनीति अपनाई है. इसका मतलब है कि वह पारंपरिक सेना के दम पर नहीं, बल्कि ऐसे तरीकों से जवाब देता है जिससे दुश्मन की लागत और जोखिम बढ़ जाए. ईरान की सेना अमेरिका के मुकाबले कमजोर मानी जाती है, लेकिन वह ड्रोन, मिसाइल और समुद्री हमलों जैसे विकल्पों का इस्तेमाल करता है. इससे अमेरिका को हर मोर्चे पर सावधान रहना पड़ता है और सीधे हमला करना आसान नहीं रहता है.

हॉर्मुज स्ट्रेट बना बड़ा हथियार

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक है. यहां से वैश्विक तेल सप्लाई का बड़ा हिस्सा गुजरता है. ईरान ने कई बार इस रास्ते को बंद करने या बाधित करने की रणनीति अपनाई है. समुद्री बारूदी सुरंग, ड्रोन और मिसाइलों के जरिए जहाजों की आवाजाही प्रभावित की जाती है. इससे पूरी दुनिया में तेल की कीमतें बढ़ जाती हैं और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर पड़ता है. यही वजह है कि यह जलमार्ग ईरान के लिए एक मजबूत दबाव का साधन बन गया है.

प्रॉक्सी नेटवर्क से दबाव

ईरान ने सीधे युद्ध से बचने के लिए क्षेत्रीय सहयोगियों का मजबूत नेटवर्क खड़ा किया है. इसमें लेबनान का हिजबुल्लाह, यमन के हूती और इराक-सिरिया के कई समूह शामिल हैं. ये संगठन अलग-अलग इलाकों में अमेरिका और उसके सहयोगियों के खिलाफ हमले करते हैं. इससे अमेरिका को एक ही जगह नहीं, बल्कि कई मोर्चों पर जवाब देना पड़ता है. इस रणनीति को “हॉरिजॉन्टल एस्केलेशन” कहा जाता है, यानी लड़ाई को फैलाकर विरोधी को उलझाना.

यह भी पढ़ें: न तेल बेच रहे और न गैस, सिर्फ टोल वसूलकर मालामाल हो रहे ये देश

रूस से मिल रही सैन्य और खुफिया मदद

रूस ने पिछले कुछ सालों में ईरान के साथ अपने संबंध मजबूत किए हैं. खासकर 2022 के बाद यह सहयोग और बढ़ा है. रूस ईरान को सैटेलाइट इमेज और खुफिया जानकारी देता है, जिससे अमेरिकी ठिकानों पर हमले की योजना बनाना आसान होता है. ड्रोन टेक्नोलॉजी में भी दोनों देशों ने साझेदारी की है. ईरान के शाहेद ड्रोन की तकनीक और उत्पादन में रूस की भूमिका बढ़ी है. इससे दोनों देशों की सैन्य क्षमता को फायदा हुआ है.

डिप्लोमैटिक शील्ड भी दे रहा रूस

रूस सिर्फ सैन्य मदद ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी ईरान का समर्थन करता है. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में रूस कई बार ईरान के खिलाफ प्रस्तावों को रोकता है या नरम रुख अपनाता है. इससे अमेरिका के लिए ईरान पर वैश्विक दबाव बनाना मुश्किल हो जाता है. रूस युद्धविराम की ऐसी मांग करता है, जिससे ईरान की मौजूदा स्थिति बनी रहे.

चीन बना आर्थिक लाइफलाइन

चीन ईरान के लिए सबसे बड़ा आर्थिक सहारा है. अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद चीन ईरान से बड़ी मात्रा में तेल खरीदता है. यह ईरान के लिए विदेशी मुद्रा का अहम स्रोत है. अनुमान है कि चीन अपने कुल तेल आयात का एक बड़ा हिस्सा ईरान से लेता है, जिससे उसकी अर्थव्यवस्था चलती रहती है. इसके अलावा 2021 में दोनों देशों के बीच 25 साल का समझौता हुआ, जिसमें निवेश के बदले तेल सप्लाई तय हुई.

टेक्नोलॉजी और हथियारों में सहयोग

चीन ईरान को ऐसी तकनीक भी देता है जो मिसाइल और ड्रोन प्रोग्राम को मजबूत करती है. इसमें जाइरोस्कोप, एक्सेलेरोमीटर और एडवांस्ड कंपोजिट जैसे उपकरण शामिल हैं. इनसे ईरान के हथियारों की सटीकता बढ़ती है. साथ ही चीन रॉकेट फ्यूल के लिए जरूरी केमिकल्स भी सप्लाई करता है, जिससे मिसाइल उत्पादन आसान होता है. यह सहयोग सीधे युद्ध नहीं, बल्कि लंबी अवधि की ताकत बढ़ाने पर केंद्रित है.

सप्लाई चेन से मिलती मजबूती

चीन और उसके नेटवर्क के जरिए ईरान को कई जरूरी पुर्जे और सामग्री मिलती है. ये अक्सर तीसरे देशों के रास्ते भेजे जाते हैं, जिससे प्रतिबंधों से बचा जा सके. इन कंपोनेंट्स का इस्तेमाल ईरान अपने ड्रोन और हथियारों में करता है, जो बाद में क्षेत्रीय हमलों में इस्तेमाल होते हैं. इस तरह सप्लाई चेन भी ईरान की रणनीति का अहम हिस्सा बन गई है. 

Axis of Evasion की रणनीति

विश्लेषकों के मुताबिक, ईरान, रूस और चीन मिलकर एक ऐसा नेटवर्क बना रहे हैं जिसे “Axis of Evasion” कहा जाता है. इसका मकसद अमेरिकी प्रतिबंधों और दबाव से बचना है. इसमें आर्थिक, सैन्य और तकनीकी सहयोग शामिल है. तीनों देश अलग-अलग तरीके से एक-दूसरे को सपोर्ट करते हैं, जिससे अमेरिका के लिए इन्हें अलग-अलग दबाना मुश्किल हो जाता है.

अमेरिका के लिए चुनौती क्यों?

अमेरिका के पास दुनिया की सबसे ताकतवर सेना है, लेकिन ईरान की रणनीति उसे सीधे युद्ध में नहीं उलझने देती है. एक तरफ समुद्री रास्तों पर खतरा, दूसरी तरफ कई देशों में फैले प्रॉक्सी हमले, और ऊपर से रूस-चीन का समर्थन ये सब मिलकर अमेरिका के लिए स्थिति जटिल बना देते हैं. 

यह भी पढ़ें: एक दिन में ज्यादा से ज्यादा कितने पॉइंट गिर सकता है पाकिस्तानी शेयर बाजार, क्या है इसकी लिमिट?

About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

Mamata Banerjee Security: ममता बनर्जी को कौन सी सिक्योरिटी मिली थी, अब उनके पास क्या है?
ममता बनर्जी को कौन सी सिक्योरिटी मिली थी, अब उनके पास क्या है?
Pakistan VS India Forex Reserves: पाकिस्तान के पास कितना Forex Reserve, भारत से कम या ज्यादा?
पाकिस्तान के पास कितना Forex Reserve, भारत से कम या ज्यादा?
Ratna Debnath MLA or CM Suvendu Adhikari Salary:आरजी कर रेप पीड़िता की मां पहली बार बनी विधायक, जानें शुभेंदु अधिकारी से कम या ज्यादा सैलरी?
आरजी कर रेप पीड़िता की मां पहली बार बनी विधायक, जानें शुभेंदु अधिकारी से कम या ज्यादा सैलरी?
IPL Caps: IPL में पर्पल और ऑरेंज ही क्यों होती है कैप, क्या है इसका लॉजिक?
IPL में पर्पल और ऑरेंज ही क्यों होती है कैप, क्या है इसका लॉजिक?
Advertisement

वीडियोज

सलमान खान की वो फिल्म जिसने हर भारतीय परिवार को हंसाया भी और रुलाया भी
Pati Brahmachari: Suraj का गुस्सा और Isha का मास्टरस्ट्रोक! Isha की चालाकी ने कर दी बोलती बंद! #sbs
Bollywood News: रणवीर सिंह पर स्टाफ के आरोपों से मचा बवाल, सोशल मीडिया पर इमेज पर उठे सवाल (12.05.26)
Amisha Patel का Late Night पोस्ट बना Bollywood का सबसे बड़ा DISCUSSION TOPIC!
PM Modi Gold Appeal: सोना न खरीदने से डॉलर में आएगी गिरावट? | Middle East Crisis
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement
Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
पश्चिम बंगाल की शुभेंदु सरकार का क्या है वो फैसला, जिसके ऊपर भड़क उठा बांग्लादेश
पश्चिम बंगाल की शुभेंदु सरकार का क्या है वो फैसला, जिसके ऊपर भड़क उठा बांग्लादेश
मध्य प्रदेश: PM मोदी की अपील पर CM मोहन यादव का बड़ा फैसला, कहा- 'अगले आदेश तक...'
मध्य प्रदेश: PM मोदी की अपील पर CM मोहन यादव का बड़ा फैसला, कहा- 'अगले आदेश तक...'
शेन वॉटसन का KKR को लेकर बड़ा दावा, प्लेऑफ को लेकर जो कहा वो सभी टीमों की उड़ा देगा नींद
शेन वॉटसन का KKR को लेकर बड़ा दावा, प्लेऑफ को लेकर जो कहा वो सभी टीमों की उड़ा देगा नींद
Project Hail Mary OTT Release: भारत में ओटीटी पर रिलीज हो रही 'प्रोजेक्ट हेल मैरी', लेकिन एक ट्वि्स्ट के साथ, जानें- कब और कहां देखें?
भारत में ओटीटी पर रिलीज हो रही 'प्रोजेक्ट हेल मैरी', लेकिन एक ट्वि्स्ट के साथ
नए CBI डायरेक्टर की नियुक्ति पर पीएम आवास में बैठक, सहमत नहीं राहुल, दिया- Note of Dissent
नए CBI डायरेक्टर की नियुक्ति पर पीएम आवास में बैठक, सहमत नहीं राहुल, दिया- Note of Dissent
Explained: PM मोदी की अपील से अर्थव्यवस्था को कितना नुकसान? नौकरियां और खेती से लेकर GDP पर बड़ा असर
Explained: PM मोदी की अपील से अर्थव्यवस्था को कितना नुकसान? नौकरियां, खेती और GDP पर बड़ा असर
RSS के सरकार्यवाह होसबाले का सरकार को सुझाव, 'पाकिस्तान के साथ संवाद का रास्ता खुला रहना चाहिए'
RSS के सरकार्यवाह होसबाले का सरकार को सुझाव, 'पाकिस्तान के साथ संवाद का रास्ता खुला रहना चाहिए'
LPG News: रसोई गैस की सप्लाई होगी और भी मजबूत, BPCL ने बताया- कैसे बढ़ेगा देश का गैस भंडार
रसोई गैस की सप्लाई होगी और भी मजबूत, BPCL ने बताया- कैसे बढ़ेगा देश का गैस भंडार
Embed widget