अयातुल्ला अली खामेनेई के अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में मारे जाने के बाद ईरान एक ऐतिहासिक मोड़ पर खड़ा है. इस भीषण संकट के बीच उनके दूसरे सबसे बड़े बेटे मुज्तबा हुसैनी खामेनेई को ईरान का नया सुप्रीम लीडर चुना गया है. मुज्तबा की पहचान कभी एक बड़े मौलवी के रूप में नहीं रही और न ही उन्होंने कभी सरकार में कोई आधिकारिक पद संभाला, फिर भी वे ईरान की सत्ता के सबसे प्रभावशाली व्यक्ति बनकर उभरे हैं. रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के कड़े समर्थन और एक विशाल वित्तीय साम्राज्य के बल पर मुज्तबा अब ईरान के सबसे मुश्किल दौर की कमान संभालने जा रहे हैं.
शिया सिद्धांतों और राजनीति के बीच फंसी कुर्सी
ईरान के शिया मौलवी घराने में पिता की जगह पुत्र को सत्ता सौंपना हमेशा से विवादित रहा है. शिया धार्मिक सिद्धांतों के अनुसार, नेतृत्व योग्यता और धार्मिक विद्वता पर आधारित होना चाहिए, न कि वंशवाद पर. यही कारण है कि मुज्तबा के चुनाव को लेकर ईरान की 'असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स' के भीतर भारी विरोध की खबरें आई हैं. बताया जा रहा है कि मुज्तबा को यह पद 'रिवोल्यूशनरी गार्ड्स' के भारी दबाव में दिया गया है.
दिलचस्प बात यह है कि खुद अयातुल्ला अली खामेनेई ने पिछले साल तैयार की गई संभावित वारिसों की लिस्ट में अपने बेटे का नाम शामिल नहीं किया था, लेकिन मौजूदा युद्ध में ईरान के कई शीर्ष नेताओं के मारे जाने के बाद, नेतृत्व के शून्य को भरने के लिए मुज्तबा को वक्ती तौर पर यह जिम्मेदारी सौंपी गई है.
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मुज्तबा खामेनेई की नेटवर्थ
मोजतबा खामेनेई केवल एक राजनीतिक उत्तराधिकारी नहीं हैं, बल्कि वे एक विशाल और बेहद गुप्त वित्तीय साम्राज्य के मालिक भी हैं. उन पर 2019 में अमेरिका द्वारा प्रतिबंध लगाए गए थे, लेकिन ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट बताती है कि वे वैश्विक स्तर पर एक बड़ा प्रॉपर्टी एम्पायर खड़ा करने में सफल रहे. उनके पास लंदन के सबसे महंगे इलाके 'बिलियनेयर्स रो' (बिशप्स एवेन्यू) में आलीशान घर हैं, जिनकी कीमत 138 मिलियन डॉलर (करीब 1150 करोड़ रुपये) से अधिक आंकी गई है.
इसके अलावा जर्मनी और स्पेन के होटल व्यवसाय में भी उनके निवेश की खबरें हैं. वे शेल कंपनियों के एक जटिल नेटवर्क के जरिए पश्चिमी बाजारों में अरबों डॉलर का फंड संचालित करते हैं. इसके अलावा उनकी नेटवर्थ की बहुत ज्यादा जानकारी पब्लिक डोमेन में नहीं है.
कमाई के स्रोत
मुज्तबा की ताकत का असली स्रोत ईरान का राष्ट्रीय 'स्लश फंड' यानी 'सेताद' माना जाता है. लगभग 100 बिलियन डॉलर की संपत्ति वाले इस फंड का प्रबंधन मुज्तबा के पास रहा है. उनके वित्तीय नेटवर्क के तार तेल व्यापार, टेलीकॉम और खनन उद्योगों से गहराई से जुड़े हैं. यह भी दावा किया जाता है कि यूएई, सीरिया, वेनेजुएला और कई अफ्रीकी देशों के बैंकों में उनके खाते हैं और वहां उन्होंने बड़ी मात्रा में सोना और हीरा जमा कर रखा है. आधिकारिक तौर पर सरकार में कोई भूमिका न होने के बावजूद, ईरान की अर्थव्यवस्था के बड़े हिस्से पर उनका सीधा या परोक्ष नियंत्रण रहा है.
मुज्तबा खामेनेई का निजी जीवन
मुज्तबा खामेनेई का निजी जीवन भी हालिया हमलों से अछूता नहीं रहा है. उनकी शादी पूर्व पार्लियामेंट चेयरमैन गुलाम-अली हद्दाद-अदेल की बेटी जहरा हद्दाद-अदेल से हुई थी. लेकिन इजरायल और अमेरिका के हालिया हमलों में जहरा के भी मारे जाने की खबर है. मुज्तबा के तीन बच्चे हैं, हालांकि सुरक्षा कारणों से उनके बारे में ज्यादा जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है.
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