Lebanon Shia Population: मिडिल ईस्ट के बीच चल रही लड़ाई ने लेबनान को सुर्खियों में ला दिया है. हाल ही में ह्यूमन राइट्स वॉच ने बताया कि इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान के योहमोर के रिहायशी इलाकों में व्हाइट फॉस्फोरस आर्टिलरी का इस्तेमाल किया.  इसी बीच आइए जानते हैं कि अभी लेबनान पर किसका राज है और आखिर यह है इजरायल का निशान क्यों बना.

Continues below advertisement

व्हाइट फॉस्फोरस खतरनाक क्यों? 

दरअसल यह एक ऐसा केमिकल होता है जो ऑक्सीजन के संपर्क में आने के बाद जल उठता है. इसका इस्तेमाल धुआं पैदा करने के लिए और युद्ध के मैदानों को रोशन करने के लिए किया जाता है. लेकिन जब इसका इस्तेमाल हथियार के तौर पर किया जाता है तो यह कहीं भी आग लगा सकता है और इंसान को हड्डियों तक जला सकता है. अगर कोई इस हमले से बच भी जाता है तो उसके शरीर में संक्रमण और अंगों के खराब होने का खतरा बढ़ जाता है.

Continues below advertisement

लेबनान पर किसका राज?

लेबनान में प्रधानमंत्री नवाफ सलाम की लीडरशिप में एक काम करने वाली सरकार है. नवाफ सलाम पहले इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस के प्रेसिडेंट रह चुके हैं. इसी बीच लेबनानी आर्म्ड फोर्सेज के पूर्व कमांडर जोसेफ औन राष्ट्रपति के तौर पर काम करते हैं. 

लेबनान का अनोखा पावर शेयरिंग सिस्टम 

लेबनान एक पॉलीटिकल सिस्टम को फॉलो करता है जिसे कन्फेशनलिज्म कहते हैं. यह देश के बड़े धार्मिक समुदायों के बीच पावर को बांटता है. इस सिस्टम के तहत प्रेसिडेंट एक मैरानाइट क्रिश्चियन होना चाहिए, प्राइम मिनिस्टर एक सुन्नी मुस्लिम और पार्लियामेंट का स्पीकर एक शिया मुस्लिम होना चाहिए. 

लेबनान क्यों बना इजरायल का टारगेट?

इजरायल और लेबनान के बीच हाल के तनाव काफी हद तक लेबनानी मिलिटेंट ग्रुप हिजबुल्लाह से जुड़े हैं. यह ऑर्गेनाइजेशन मुख्य रूप से दक्षिणी लेबनान से काम करता है और लंबे समय से इजरायल के साथ टकराव में है. ईरान से जुड़े मौजूदा क्षेत्रीय तनाव के दौरान खबर है कि हिज्बुल्लाह ने इजरायल की ओर रॉकेट और ड्रोन लॉन्च किए. इन हमलों को ईरान के सुप्रीम लीडर की हत्या का बदला बताया गया.

लेबनान में कितने शिया मुसलमान?

लेबनान ने 1932 से कोई ऑफिशियल आबादी की जनगणना नहीं की है. हालांकि यूनाइटेड स्टेट्स डिपार्टमेंट ऑफ स्टेट के कुछ अनुमानों ने देश के डेमोग्राफिक बनावट के बारे में जानकारी दी है. इन अनुमानों के मुताबिक लेबनान की लगभग 65% से 70% आबादी मुस्लिम है. इसमें सुन्नी और शिया दोनों समुदाय शामिल हैं. इस आबादी में शिया मुसलमान कुल आबादी का लगभग 30% से 32.02% हैं. लेबनान में शिया समुदाय ज्यादातर दक्षिणी लेबनान, बेका घाटी और बेरूत के दक्षिणी इलाकों में ज्यादा है. इन्हीं इलाकों को हिजबुल्लाह का गढ़ भी माना जाता है.

यह भी पढ़ें: इस्लामिक देश ईरान में कितनी पढ़ी-लिखी हैं महिलाएं, जानें कितना सच सोशल मीडिया पर दावा?