Iran Attack Indian Tankers: होर्मुज स्ट्रेट में तनाव अचानक बढ़ गया है. दरअसल ईरान ने कथित तौर पर भारत जा रहे तेल और गैस ले जाने वाले जहाजों पर गोलीबारी कर दी. रिपोर्ट के मुताबिक ईरानी रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स ने कई जहाजों को रोका. इसी बीच आइए जानते हैं कि हमलों के दौरान व्यापारी जहाजों की सुरक्षा कैसे की जाती है और क्या इन जहाजों पर हथियारबंद जवान होते हैं. 

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 कमर्शियल जहाजों की सुरक्षा 

जंगी जहाजों के उलट कमर्शियल जहाजों को लड़ाई के लिए डिजाइन नहीं किया जाता. उनका सुरक्षा ढांचा मुख्य रूप से जवाबी कार्रवाई के बजाय बचाव और खुद को सुरक्षित रखने पर ही केंद्रित होता है. ज्यादातर जहाज कई स्तरों वाली बचाव  रणनीति पर निर्भर रहते हैं. इनमें तकनीक, प्रशिक्षित कर्मचारी और नौसेना बल के साथ तालमेल शामिल होता है.

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हथियारबंद सुरक्षा कर्मियों का इस्तेमाल 

अदन की खाड़ी जैसे ज्यादा जोखिम वाले इलाकों या फिर समुद्री डाकुओं के खतरे वाले पानी के पास कई जहाज अब निजी तौर पर अनुबंधित हथियारबंद सुरक्षा कर्मियों को तैनात करते हैं. ये आमतौर पर सेना के पूर्व पेशेवर होते हैं. इन्हें खतरनाक हालात से निपटने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है. 

हालांकि सख्त अंतरराष्ट्रीय नियमों की वजह से बंदरगाहों के बीच आजादी से हथियार ले जाना मुश्किल होता है. जहाज के कर्मचारियों को आमतौर पर खुद हथियार चलाने की इजाजत नहीं होती. ऐसा इसलिए क्योंकि वे आम नागरिक होते हैं और उनके पास लड़ाई का प्रशिक्षण नहीं होता. 

नौसेना की सुरक्षा 

काफी संवेदनशील इलाकों में नौसेना बल सुरक्षा देने के लिए आगे आते हैं. भारत जैसे देश खतरनाक रास्तों से गुजरने वाले व्यापारी जहाजों को सुरक्षा देने के लिए अपनी नौसेना तैनात करते हैं. ये काफिला प्रणालियां हमले के जोखिम को काफी हद तक कम कर देती हैं. 

सुरक्षा उपकरण का इस्तेमाल 

मॉडर्न कमर्शियल जहाज कुछ ऐसे उपकरणों का इस्तेमाल करते हैं जो जानलेवा नहीं होते, लेकिन हमलावरों को बिना हिंसा बढ़ाए पीछे हटने के लिए मजबूर कर देते हैं. लॉन्ग रेंज अकूस्टिक डिवाइस एक ऐसा शक्तिशाली ध्वनि तरंगे छोड़ने वाला डिवाइस है जो हमलावरों को भ्रमित कर सकता है और उन्हें पीछे हटा सकता है. इसी के साथ तेज दबाव वाली पानी की धारें छोड़ने वाली वॉटर कैनन, छोटी नावों को जहाज के पास आने या उस पर चढ़ने से रोकती हैं.

इसी के साथ लेजर उपकरण का इस्तेमाल किया जाता है. यह हमलावरों को दूर से ही कुछ समय के लिए अंधा कर देता है. साथ ही जहाजों के किनारों पर कुछ कांटेदार तार और बिजली की बाड़ लगाई जाती है ताकि हमलावर जहाज पर चढ़ने की कोशिश ना कर पाए.

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