मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच ईरान के परमाणु कार्यक्रम ने पूरी दुनिया की नींद उड़ा रखी है. अंतरराष्ट्रीय मंचों पर लगातार यह सवाल गूंज रहा है कि ईरान के पास इस समय कुल कितना यूरेनियम जमा हो चुका है और वह इससे कितने परमाणु बम तैयार कर सकता है. अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी यानी IAEA की लगातार आती रिपोर्टों ने इस चिंता को और ज्यादा गहरा कर दिया है. हालांकि ईरान हमेशा यही कहता आया है कि उसका यह पूरा तामझाम सिर्फ बिजली बनाने और मेडिकल रिसर्च जैसे शांतिपूर्ण कामों के लिए है, लेकिन जमीनी आंकड़े कुछ और ही गवाही दे रहे हैं. आइए जानें कि ईरान के पास कितना यूरेनियम है और उससे कितने परमाणु हथियार बन सकते हैं.

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यूरेनियम के संवर्धन का खतरनाक स्तर और उसकी हकीकत

किसी भी देश को परमाणु बम बनाने के लिए यूरेनियम को एक खास लेवल तक रिफाइन यानी संवर्धित करना पड़ता है. आम तौर पर बिजली बनाने के लिए सिर्फ 3.6% संवर्धित यूरेनियम की जरूरत होती है. लेकिन ईरान इस मामूली जरूरत की सीमा को बहुत पीछे छोड़ चुका है. तकनीकी जानकारों का कहना है कि ईरान ने नागरिक उपयोग की सभी सीमाओं को लांघकर अपने यूरेनियम को बहुत ऊंचे स्तर तक संवर्धित कर लिया है. यह स्थिति पूरी दुनिया के लिए इसलिए डरावनी है क्योंकि अब ईरान वेपन-ग्रेड यानी हथियार बनाने वाले स्तर के बेहद करीब पहुंच चुका है.

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क्या कहता है 60% शुद्धता वाले यूरेनियम का आंकड़ा?

ताजा अंतरराष्ट्रीय आकलनों के मुताबिक, ईरान के पास इस समय लगभग 440 किलो ऐसा यूरेनियम मौजूद है जिसे 60% की खतरनाक हद तक संवर्धित किया जा चुका है. परमाणु वैज्ञानिकों का मानना है कि 60% तक पहुंचे यूरेनियम को हथियार बनाने के लिए जरूरी 90% के स्तर तक ले जाने में बहुत ही कम समय और बेहद मामूली तकनीकी प्रक्रिया की जरूरत होती है. यही वजह है कि दुनिया भर की खुफिया एजेंसियां ईरान के इस 440 किलो के स्टॉक पर चौबीसों घंटे अपनी नजरें गड़ाए बैठी हैं.

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ईरान के पास कितना यूरेनियम मौजूद

ईरान के परमाणु ठिकानों में सिर्फ 60% वाला यूरेनियम ही नहीं है, बल्कि उसके पास अलग-अलग स्तरों का एक बड़ा भंडार है. आंकड़ों के मुताबिक, ईरान के पास करीब 1,000 किलो यूरेनियम 20% तक संवर्धित रूप में तिजोरियों में बंद है. इसके अलावा, उसके पास लगभग 8,500 किलो यूरेनियम 3.6% के स्तर पर संवर्धित हालत में मौजूद है. भले ही यह 3.6% वाला हिस्सा नागरिक काम के लिए हो, लेकिन इतनी बड़ी कुल मात्रा यह बताती है कि ईरान के पास कच्चे माल की कोई कमी नहीं है.

मौजूदा भंडार से कितने एटमी बम बना सकता है ईरान?

अब सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि ईरान के पास मौजूद इस पूरे स्टॉक से कुल कितने परमाणु बम तैयार हो सकते हैं. अंतरराष्ट्रीय रक्षा विशेषज्ञों और वैज्ञानिकों के साझा आकलन के मुताबिक, अगर ईरान अपने इस पूरे संवर्धित यूरेनियम भंडार को 90% की शुद्धता पर ले जाता है, तो वह आराम से 5 से 8 परमाणु हथियार बना सकता है. इतने बम पूरे मिडिल ईस्ट की सुरक्षा व्यवस्था को हमेशा के लिए तहस-नहस करने और दुनिया का पावर बैलेंस बदलने के लिए काफी हैं.

इस्फहान संयंत्र और परमाणु ठिकानों की सुरक्षा

ईरान ने अपने इस बेशकीमती और अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम के ज्यादातर हिस्से को इस्फहान नाम के बेहद सुरक्षित इलाके में छिपाकर रखा है. इस्फहान ईरान के उन 3 प्रमुख भूमिगत परमाणु ठिकानों में से एक है, जिन्हें अमेरिकी और इजरायली रणनीतिक हमलों का सामना भी करना पड़ा है. इन ठिकानों को जमीन के नीचे नतान्ज जैसी बेहद सुरक्षित जगहों पर बनाया गया है, ताकि किसी भी बाहरी हवाई हमले या बमबारी से इस यूरेनियम भंडार को पूरी तरह बचाया जा सके.

अमेरिकी खुफिया एजेंसी का चौंकाने वाला बड़ा दावा

अमेरिकी डिफेंस इंटेलिजेंस एजेंसी यानी डीआईए की रिपोर्ट में ईरान की रफ्तार को लेकर एक बेहद चौंकाने वाली बात कही गई है. इस खुफिया आकलन के मुताबिक, ईरान अगर आज की तारीख में तय कर ले, तो वह 1 हफ्ते से भी कम समय के भीतर एक पूरे परमाणु बम के लिए जरूरी वेपन-ग्रेड यानी 90% शुद्धता वाला यूरेनियम आराम से तैयार कर सकता है. यह रिपोर्ट बताती है कि तकनीकी तौर पर अब ईरान को रोक पाना दुनिया के लिए कितना मुश्किल हो चुका है.

क्या वाकई एटमी हथियार बना रहा है ईरान?

इस बेहद संवेदनशील मोड़ पर भी अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट का मानना है कि ईरान रणनीतिक रूप से इस समय सीधे तौर पर परमाणु बम का निर्माण नहीं कर रहा है. उसने केवल वे तमाम जरूरी कदम उठाकर तैयारी पुख्ता कर ली है, जिनकी मदद से वह जब चाहे, परमाणु बटन दबाकर बम बना सकता है. दूसरी तरफ, इजरायल का दावा बिल्कुल अलग है. इजरायली खुफिया एजेंसियों का साफ कहना है कि उनके पास ऐसे पुख्ता सबूत हैं जो बताते हैं कि ईरान ने परमाणु बम के कल-पुर्जे बनाने में ठोस प्रगति कर ली है.

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