International Chess Day:  हर साल 20 जुलाई के दिन दुनियाभर में इंटरनेशनल चेस डे यानी अंतरराष्ट्रीय शतरंज दिवस मनाया जाता है. यह दिन साल 1924 में हुई FIDE यानी विश्व शतरंज महासंघ की स्थापना की याद में मनाया जाता है, और इसकी शुरुआत साल 1966 से हुई थी. शतरंज एक ऐसा खेल है जो सदियों पुराना है और माना जाता है कि इसकी शुरुआत भारत में हुई थी. ऐसे में क्या आप जानते हैं कि दुनिया में ऐसे कौन से 5 शहर हैं जहां पर शतरंज सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि लोगों की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है. आइए जानते हैं इसके बारे में पूरी जानकारी. 

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भारत के वो शहर जहां हर कोई खेलता है शतरंज

भारत में सबसे पहला नाम आता है चेन्नई का, जिसे देश की शतरंज राजधानी भी कहा जाता है. यहीं से विश्वनाथन आनंद जैसे दिग्गज खिलाड़ी निकले हैं, जो भारत के पहले ग्रैंडमास्टर बने थे.  दूसरा नाम है केरल के त्रिशूर जिले के छोटे से गांव मारोट्टिचल का, जिसे "भारत का शतरंज गांव" भी कहा जाता है. इस गांव में लगभग हर घर में कोई न कोई शतरंज खेलना जानता है. आज इस गांव के करीब 75 प्रतिशत लोग शतरंज खेलना जानते हैं. 

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दुनिया के वो शहर जहां शतरंज है लोगों की पहचान

भारत के अलावा दुनिया में भी कुछ ऐसे शहर हैं जो शतरंज के लिए मशहूर हैं.  इनमें पहला नाम है रूस की राजधानी मॉस्को का.  मॉस्को को दुनिया की शतरंज राजधानी माना जाता है, क्योंकि यहां से दुनिया के कई महान शतरंज खिलाड़ी निकले हैं. दूसरा नाम है अजरबैजान की राजधानी बाकू का, जहां शतरंज को बहुत सम्मान की नजर से देखा जाता है और यहां कई बड़े अंतरराष्ट्रीय शतरंज टूर्नामेंट भी आयोजित हो चुके हैं.  तीसरा नाम है अमेरिका के सेंट लुइस शहर का, जिसे अमेरिका की शतरंज राजधानी भी कहा जाता है. यही वजह है कि हर साल 20 जुलाई को मनाए जाने वाले इस दिन पर इन शहरों में खास उत्साह मनाया जाता है. 

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