How Indore Manages Waste: देश के सबसे साफ शहरों की सूची में इंदौर पिछले 8 सालों से लगातार नं. 1 पर बना हुआ है. इसीलिए जब भी स्वच्छता की बात आती है तो सबसे पहले दिमाग में इंदौर का ही नाम आता है. इंदौर को यहां तक लाने में सबसे बड़ा योगदान इंदौर के लोगों और इंदौर नगर निगम को जाता है. क्योंकि सूरज उगने से ढलने तक वहां के लोग हर तरफ सफाई का पूरा ध्यान रखते हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जो काम दिल्ली, मुम्बई, कोलकाता जैसे बड़े शहर नहीं कर पाए. वो काम इंदौर ने कैसे कर दिखाया. 

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कैसे साफ करता है कचरा?

इंदौर की इस कामयाबी के पीछे कोई जादू नहीं है, बल्कि इंदौर का मजबूत सिस्टम और वहां के लोगों की आदतें हैं. इंदौर के लोग अपने घरों में ही कचरे को अलग-अलग कर लेते हैं. वहां कचरा सिर्फ गीला और सूखा ही नहीं, बल्कि छह अलग-अलग हिस्सों में बांटा जाता है. इसमें प्लास्टिक, ई-वेस्ट और सैनिटरी वेस्ट जैसी चीजें शामिल हैं.

इंदौर को डस्टबिन फ्री यानी बिना डस्टबिन वाला शहर बनाया गया है. सड़क पर खुले डस्टबिन न होने से वहां कचरा बाहर नहीं फैलता. साथ ही नगर निगम की गाड़ियां रोज सुबह हर घर और दुकान पर कचरा लेने पहुंचती हैं. घनी बस्ती वाले इलाकों में दिन में एक बार और बाजारों में दिन में दो बार कचरा उठाया जाता है. साथ ही इंदौर अपने कचरे को सिर्फ फेंकता नहीं है, बल्कि उससे बायो-सीएनजी गैस और खाद बनाता है. इसी गैस से शहर की सरकारी बसें चलाई जाती हैं. 

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बाकी शहर क्यों रह गए पीछे?

इंदौर के इस मॉडल को देखकर भी दूसरे शहर इसे पूरी तरह लागू नहीं कर पा रहे हैं. क्योंकि इस मॉडल में सबसे बड़ी ताकत इंदौर की जनता है. आज के वक्त में वहां के लोग सड़क पर टॉफी का रैपर फेंकने से भी कतराते हैं. लेकिन बाकी शहरों में लोग आज भी कचरा कहीं भी फेंक देते हैं और सोचते हैं कि सफाई करना सिर्फ सरकार का काम है. कई शहरों में नगर निगम की गाड़ियां तो आती हैं, लेकिन लोग गीला और सूखा कचरा एक साथ मिलाकर दे देते हैं. ऐसे में मिक्स कचरे को साफ करना और रीसायकल करना बेहद मुश्किल होता है. साथ ही इंदौर में कचरा फैलाने या नियम तोड़ने पर तुरंत भारी जुर्माना लगाया जाता है.

दूसरे शहरों में नियम तो हैं, लेकिन उन्हें सख्ती से लागू नहीं किया जाता. इंदौर के पास कचरा उठाने और उसे प्रोसेस करने के लिए आधुनिक मशीनें और गाड़ियां हैं. वहीं देश के कई छोटे-बड़े शहरों के पास आज भी कचरे के निपटारे के लिए सही तकनीक और डंपिंग ग्राउंड का सही मैनेजमेंट नहीं है. 

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