भारत और पाकिस्तान के बीच हुए तनाव ने दुनियाभर के तमाम देशों के चेहरों को बेनकाब करके रख दिया है कि कौन सा देश मुश्किल वक्त में हमारे साथ खड़ा है और कौन सा देश हमारे खिलाफ खड़ा है. 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर के बाद उपजे तनाव के बाद चीन सहित तुर्किए और अजरबैजान पाकिस्तान के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े थे. अब पूरे देश में तुर्किए और अजरबैजान के बायकॉट की मांग की जा रही है. तुर्किए से आने वाले टाइल्स,सेब और बाकी अन्य सामानों का व्यापारियों ने बहिष्कार करना शुरू कर दिया है.

तुर्किए के साथ अजरबैजान का भी लोग बहिष्कार कर रहे हैं. अजरबैजान में बड़ी संख्या में भारतीय घूमने जाते हैं. हालांकि इस बायकॉट से सिर्फ अजरबैजान को ही नहीं भारत को भी कुछ दिक्कतें होने वाली हैं. चलिए, आपको विस्तार से बताते हैं कि अगर अजरबैजान से दुश्मनी बढ़ी तो भारत को क्या क्या दिक्कतें हो सकती हैं. 

प्रभावित होगा व्यापार 

जिस तरह अजरबैजान पाकिस्तान का साथ दे रहा है उससे भविष्य में दोनों देशों के बीच व्यापार के रिश्ते प्रभावित होने वाले हैं. भारत ने साल 2023-24 में अजरबैजान को 28.67 मिलियन डॉलर का निर्यात किया था. जिसमें तंबाकू और उसके उत्पाद शामिल थे, इसके अलावा चाय, कॉफी, अनाज, रसायन, प्लास्टिक, रबर, पेपर और पेपर बोर्ड भी भारत अजरबैजान को बेचता है. दोनों देशों के बीच दुश्मनी होने के बाद भारत के व्यापारियों को दूसरे देशों में अपने सामान को बेचना पड़ेगा. इसके अलावा भारत, अजरबैजान से पशु चारा, ऑर्गेनिक रसायन, आवश्यक तेल और परफ्यूमरी,कच्चे चमड़े और खाल मंगाता है. अजरबैजान ने अप्रैल-फरवरी 2024-25 के दौरान 1.52 मिलियन डॉलर का सामान भारत को बेचा था. साल 2023 में कच्चे तेल के लिए अजरबैजान के कच्चे तेल को खरीदने में भारत तीसरे स्थान पर था. ऐसे में अगर दोनों देशों के बीच दुश्मनी होती है तो व्यापार काफी प्रभावित होंगे. 

अजरबैजान में भारतीय

अजरबैजान और आर्मेनिया के बीच भारत और पाकिस्तान की तरह विवाद चल रहा है, जिसमें भारत आर्मेनिया की लगातार मदद कर रहा है जिसके चलते अजरबैजान पाकिस्तान के पक्ष में खुलकर बोल रहा है. दोनों देशों के बीच तेजी से बदलते रिश्तों का प्रभाव वहां रह रहे भारतीयों पर भी देखने को मिलेगा.  मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अजरबैजान में करीब 1,500 भारतीय रहते हैं ,एक हिसाब से देखें तो यह संख्या काफी कम है लेकिन बदलते रिश्तों का प्रभाव इनके ऊपर देखने को मिल सकता है. 

इसे भी पढ़ें- क्या हमले के लिए एकदम तैयार रखे रहते हैं परमाणु हथियार या लगता है टाइम? भारत और पाकिस्तान में इसका प्रोसेस क्या है