नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में चल रहे पांच दिवसीय इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 में क्वांटम कंप्यूटिंग की दुनिया को करीब से दिखाया गया. दरअसल, जापान के Fujitsu ने अपना क्वांटम कंप्यूटर का मॉक-अप (मॉडल) शोकेस किया, जो जापान पविलियन में लगा था. यह तकनीक इतनी एडवांस्ड है कि लोग देखते ही रह गए. समिट में बताया गया कि क्वांटम कंप्यूटर कैसे काम करता है और जापान की यह तकनीक भविष्य की कंप्यूटिंग को कैसे बदल देगी?
कैसे काम करता है क्वांटम कंप्यूटर?
सामान्य कंप्यूटर बिट्स पर काम करता है, जो 0 या 1 होता है, लेकिन क्वांटम कंप्यूटर क्यूबिट्स (qubits) पर काम करता है. क्यूबिट्स सुपरपोजिशन की वजह से एक साथ 0 और 1 दोनों हो सकते हैं. इससे क्वांटम कंप्यूटर बहुत सारे कैलकुलेशन एक साथ कर सकता है. उदाहरण के लिए, जहां सामान्य कंप्यूटर हजारों साल लगाएगा. वहीं, क्वांटम कंप्यूटर सेकंड्स में वह काम कर सकता है. दूसरा महत्वपूर्ण फीचर एंटेंगलमेंट है, जिसमें दो क्यूबिट्स जुड़ जाते हैं, एक में बदलाव दूसरे में तुरंत हो जाता है, चाहे कितनी भी दूरी क्यों न हो. इससे कॉम्प्लेक्स प्रॉब्लम जैसे ड्रग डिस्कवरी, क्लाइमेट मॉडलिंग, फाइनेंशियल ऑप्टिमाइजेशन और क्रिप्टोग्राफी सॉल्व होते हैं.
किस तकनीक पर काम करता है क्वांटम कंप्यूटर?
Fujitsu ने समिट में क्वांटम कंप्यूटर मॉक-अप दिखाया, जो सुपरकंडक्टिंग क्यूबिट्स पर आधारित है. जापान में Fujitsu और RIKEN ने मिलकर दुनिया की सबसे बड़ी क्लास की 256-क्यूबिट सुपरकंडक्टिंग क्वांटम कंप्यूटर बनाया है. समिट में बताया गया कि 2026 में Fujitsu 1,000 क्यूबिट्स का क्वांटम कंप्यूटर इंस्टॉल करेगा और 2030 तक 10,000+ क्यूबिट्स का लक्ष्य है. यह मशीन क्रायोजेनिक कूलिंग (लिक्विड हीलियम से बहुत कम टेम्परेचर पर) में चलती है, क्योंकि क्यूबिट्स को नॉइज से बचाना पड़ता है। Fujitsu ने FUJITSU-MONAKA प्रोसेसर भी दिखाया, जो हाई परफॉर्मेंस और लो पावर वाला है और AI + क्वांटम कंप्यूटिंग को फ्यूज करता है.
कितना तेज होता है क्वांटम कंप्यूटर?
Fujitsu के CEO Takahito Tokita ने कीनोट में कहा कि AI और क्वांटम कंप्यूटिंग का फ्यूजन सोशल और इंडस्ट्रियल वैल्यू क्रिएट करेगा. जापान की यह तकनीक मटेरियल डेवलपमेंट, कैटेलिस्ट डिस्कवरी और कॉम्प्लेक्स प्रॉपर्टी इवैल्यूएशन में इस्तेमाल हो रही है, जहां पारंपरिक तरीके से कई साल लगते हैं. डेमो में दिखाया गया कि क्वांटम कंप्यूटर AI मॉडल्स को ट्रेन करने में कितना तेज है और रियल-वर्ल्ड प्रॉब्लम्स (जैसे क्लाइमेट चेंज सॉल्यूशन) को कैसे सॉल्व कर सकता है.
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