Government Schemes For Girls: बेटियों के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए केंद्र सरकार के साथ-साथ राज्य सरकारें भी लगातार योजनाएं चलाती हैं. इन योजनाओं का मकसद शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, सुरक्षा और आर्थिक सहयोग प्रदान करना है, ताकि लड़कियों को जीवन के हर क्षेत्र में बराबरी का अवसर मिल सके. लेकिन सवाल यह है कि आखिर भारत के किस राज्य में लड़कियों के लिए सबसे अधिक योजनाएं चल रही हैं? चलिए जानते हैं.

किन राज्यों में चल रहीं योजनाएं

आंकड़े बताते हैं कि राजस्थान और पश्चिम बंगाल इस लिस्ट में सबसे ऊपर माने जाते हैं. राजस्थान में महिलाओं और बेटियों से जुड़ी करीब 48 योजनाएं लागू हैं, वहीं पश्चिम बंगाल में भी लगभग 47 के आसपास योजनाएं चलाई जा रही हैं. इन दोनों राज्यों ने वर्षों से बेटियों के लिए शिक्षा से लेकर शादी और सुरक्षा तक हर स्तर पर योजनाओं की झड़ी लगाई है.

राजस्थान की पहल

राजस्थान में मुख्यमंत्री राजश्री योजना, बालिका शिक्षा प्रोत्साहन योजना और अनेक छात्रवृत्ति कार्यक्रम लड़कियों को शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करते हैं. इसके अलावा बेटी के जन्म पर आर्थिक सहयोग से लेकर माध्यमिक और उच्च शिक्षा तक सहायता दी जाती है. राज्य सरकार का फोकस लड़कियों के ड्रॉपआउट रेट को कम करना और उन्हें उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करना है.

पश्चिम बंगाल का कन्याश्री प्रकल्प

पश्चिम बंगाल सरकार की कन्याश्री प्रकल्प योजना को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली है. इस योजना का उद्देश्य बाल विवाह रोकना और लड़कियों को पढ़ाई के लिए आर्थिक मदद देना है. गरीब परिवारों की बेटियों को कक्षा 8 से 12 तक शिक्षा के लिए प्रतिवर्ष वित्तीय सहायता दी जाती है और स्नातक स्तर तक पढ़ाई जारी रखने पर विशेष प्रोत्साहन राशि मिलती है. यह योजना अब तक लाखों बालिकाओं की जिंदगी बदल चुकी है.

अन्य राज्यों की योजनाएं

मध्य प्रदेश की लाड़ली लक्ष्मी योजना गरीब परिवारों की बेटियों को जन्म से स्नातक स्तर तक वित्तीय मदद देती है. दिल्ली में लाड़ली योजना के तहत लड़कियों को स्कूल शिक्षा तक सहायता दी जाती है. आंध्र प्रदेश की बंगारु तल्लि योजना भी जन्म से लेकर शिक्षा पूरी होने तक आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती है. तमिलनाडु में भी मुख्यमंत्री बालिका सुरक्षा योजना जैसी पहलें चल रही हैं, जो बेटियों के लिए सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा पर जोर देती हैं.

वहीं उत्तर प्रदेश की बात करें तो यहां मुख्य योजना मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना है, जो कि बेटी के जन्म से लेकर उसके ग्रेजुएशन करने तक हर पड़ाव पर आर्थिक सहायता प्रदान करती है. इसके अलावा विधवाओं और निराश्रित महिलाओं की बेटियों की शादी के लिए सब्सिडी योजना भी है, जो कि उनकी शादी में काम आती है.

हर राज्य की हैं चुनौतियां

ऐसे में यह साफ है कि राजस्थान और पश्चिम बंगाल लड़कियों के लिए सबसे ज्यादा योजनाएं चलाने वाले राज्यों में गिने जाते हैं. हालांकि, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, दिल्ली और तमिलनाडु जैसे अन्य राज्यों की पहलें भी उल्लेखनीय हैं. संख्या के लिहाज से राजस्थान और पश्चिम बंगाल सबसे आगे हैं, लेकिन प्रभाव और क्रियान्वयन की दृष्टि से हर राज्य की अपनी खासियत और चुनौतियां हैं.

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